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Maharajganj News: निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान लिवर में चोट, मौत के मुहाने पर मरीज
Fri, 16 May 2025 12:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 16 May 2025 12:53 AM IST
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महराजगंज। सस्ते इलाज के चक्कर में मरीज सरकारी अस्पताल में पहुंचा तो उसे समझाकर निजी अस्पताल में भर्ती कर दिया गया। वहां ऑपरेशन हुआ तो औजार से लिवर में चोट लग गई। इससे मरीज मौत के मुहाने पर है।
मामले में लीपापोती करने की कोशिश की गई, लेकिन पीड़ित ने जनसुनवाई पोर्टल पर पूरी समस्या का जिक्र किया है। मामले में अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दूसरी ओर इलाज में करीब तीन लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।
निजी अस्पतालाें में मरीजों के साथ धनादोहन होने के साथ ही बीमारी भी ठीक होने की गारंटी नहीं है। यह भी ठीक नहीं रहता है कि जीवन बचेगा या नहीं। इसके बाद भी लोग भरोसा कर बेहतर सुविधा पाने की आस में निजी अस्पतालों में चले जाते हैं। निजी अस्पतालों में मरीजों को भेजने के लिए पूरा नेटवर्क काम करता है।
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इस पर अंकुश लगाने के लिए ब्लॉक स्तर पर बनी टीम भी कुछ खास नहीं कर पा रही है। करीब एक माह पहले का मामला अब उजागर हुआ है। ठूठीबारी के रहने वाले रईस की कहानी जानकर हर कोई चौक जाएगा। जनसुनवाई पोर्टल पर रईस ने अपना दर्द बयां किया है। पत्नी के पेट में गांठ बन गया था।
उन्होंने बताया कि नवंबर 2024 में नजदीक के एक सरकारी अस्पताल में पत्नी सलेहा का इलाज कराने पहुंचे तो डॉक्टर ने जांच लिख दी। जांच कराने के लिए रिपोर्ट लेकर दिखाने गए। आरोप है कि डॉक्टर ने कहा कि सरकारी में कोई सुविधा नहीं है। निजी अस्पताल में भर्ती करा लो। मेरे जानने वाले हैं, अच्छे से इलाज हो जाएगा। रईस की माने तो उसने सरकारी डॉक्टर पर भरोसा कर पत्नी को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया।
वहां पर ऑपरेशन भी ठीक से हुआ। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान सलेहा के लिवर में औजार से चोट लग गई। उसी समय सरकारी डॉक्टरों को इसकी जानकारी हो गई थी की इससे समस्या हो जाएगी, लेकिन उन्होंने नहीं बताया। रईस ने बताया कि पत्नी को घर ले गया तो दर्द शुरू हो गया। इसके बाद डॉक्टर को पूरी बात बताई तो उन्होंने ठीक से इलाज कराने का आश्वासन देकर मामले को दबाने की कोशिश की।
कुछ दिन तक ऐसे ही चलता रहा। महराजगंज शहर के एक निजी अस्पताल में पत्नी का इलाज हो रहा है। वहीं से पता चला की लिवर में चोट लग गई है। पत्नी की हालत ठीक नहीं है। ऑपरेशन फिर कराना है। इसमें करीब चार लाख रुपये खर्च होेंगे। डॉक्टर ने कुछ दिन के लिए समय दिया है।
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मामले में लीपापोती करने की कोशिश की गई, लेकिन पीड़ित ने जनसुनवाई पोर्टल पर पूरी समस्या का जिक्र किया है। मामले में अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दूसरी ओर इलाज में करीब तीन लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।
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निजी अस्पतालाें में मरीजों के साथ धनादोहन होने के साथ ही बीमारी भी ठीक होने की गारंटी नहीं है। यह भी ठीक नहीं रहता है कि जीवन बचेगा या नहीं। इसके बाद भी लोग भरोसा कर बेहतर सुविधा पाने की आस में निजी अस्पतालों में चले जाते हैं। निजी अस्पतालों में मरीजों को भेजने के लिए पूरा नेटवर्क काम करता है।
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इस पर अंकुश लगाने के लिए ब्लॉक स्तर पर बनी टीम भी कुछ खास नहीं कर पा रही है। करीब एक माह पहले का मामला अब उजागर हुआ है। ठूठीबारी के रहने वाले रईस की कहानी जानकर हर कोई चौक जाएगा। जनसुनवाई पोर्टल पर रईस ने अपना दर्द बयां किया है। पत्नी के पेट में गांठ बन गया था।
उन्होंने बताया कि नवंबर 2024 में नजदीक के एक सरकारी अस्पताल में पत्नी सलेहा का इलाज कराने पहुंचे तो डॉक्टर ने जांच लिख दी। जांच कराने के लिए रिपोर्ट लेकर दिखाने गए। आरोप है कि डॉक्टर ने कहा कि सरकारी में कोई सुविधा नहीं है। निजी अस्पताल में भर्ती करा लो। मेरे जानने वाले हैं, अच्छे से इलाज हो जाएगा। रईस की माने तो उसने सरकारी डॉक्टर पर भरोसा कर पत्नी को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया।
वहां पर ऑपरेशन भी ठीक से हुआ। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान सलेहा के लिवर में औजार से चोट लग गई। उसी समय सरकारी डॉक्टरों को इसकी जानकारी हो गई थी की इससे समस्या हो जाएगी, लेकिन उन्होंने नहीं बताया। रईस ने बताया कि पत्नी को घर ले गया तो दर्द शुरू हो गया। इसके बाद डॉक्टर को पूरी बात बताई तो उन्होंने ठीक से इलाज कराने का आश्वासन देकर मामले को दबाने की कोशिश की।
कुछ दिन तक ऐसे ही चलता रहा। महराजगंज शहर के एक निजी अस्पताल में पत्नी का इलाज हो रहा है। वहीं से पता चला की लिवर में चोट लग गई है। पत्नी की हालत ठीक नहीं है। ऑपरेशन फिर कराना है। इसमें करीब चार लाख रुपये खर्च होेंगे। डॉक्टर ने कुछ दिन के लिए समय दिया है।