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वादकारियों का हित सर्वोपरि : देवेश
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वादकारियों का हित सर्वोपरि : देवेश
फरेंदा। दीवानी न्यायालय परिसर में एक अतिरिक्त न्यायालय की शुरूआत शनिवार से हुई। बार एसोसिएशन ने शनिवार को स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि नवागत सिविल जज देवेश त्रिपाठी का अधिवक्ताओं ने स्वागत किया।
नवागत सिविल जज ने देवेश त्रिपाठी ने कहा कि वादकारियों का हित सर्वोपरि हैं, वादकारी हित में अधिवक्ता न्यायालय का योगदान होता हैं। सिविल जज यशपाल वर्मा ने कहा कि एक और बेंच के रहने से कार्य अधिक होगा व वादकारियों को सुलभ न्याय मिलेगा। इससे पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि 28 अप्रैल 1990 में फरेंदा में दीवानी न्यायालय की शुरूआत हुई थी। वादकारियों की संख्या को देखते हुए बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लंबे समय से अतिरिक्त न्यायालय की मांग कर रहे थे। काफी प्रयास के बाद 2016 में बार एसेसिएशन के तत्कालीन पदाधिकारियों के प्रयास से न्यायालय व आवास का निर्माण हुआ, लेकिन वहां न्यायिक कार्य शुरू नहीं हो सका। छह वर्षों के इंतजार के अतिरिक्त न्यायालय का काम शुरू हुआ। जिसका पहला कार्यभार सिविल जज देवेश त्रिपाठी ने शुुरू किया। जिनका स्वागत कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। संचालन प्रेम सिंह एडवोकेट ने किया। इस दौरान महामंत्री हरिओम श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद मणि, ज्वालामणि,अब्दुल मजीद, स्कंद श्रीवास्तव, राम सहाय गुप्ता, शैलेंद्र श्रीवास्तव, उदय शंकर चौरसिया, आशुतोष राणा, आशुतोष गिरि, मृदृल यादव, कुशल श्रीवास्तव, सतेन्द्र सिंह उमाकांत यादव, प्रदीप श्रीवास्तव,शंभू यादव, दशरथ चौरासिया आदि ने स्वागत किया।
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फरेंदा। दीवानी न्यायालय परिसर में एक अतिरिक्त न्यायालय की शुरूआत शनिवार से हुई। बार एसोसिएशन ने शनिवार को स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि नवागत सिविल जज देवेश त्रिपाठी का अधिवक्ताओं ने स्वागत किया।
नवागत सिविल जज ने देवेश त्रिपाठी ने कहा कि वादकारियों का हित सर्वोपरि हैं, वादकारी हित में अधिवक्ता न्यायालय का योगदान होता हैं। सिविल जज यशपाल वर्मा ने कहा कि एक और बेंच के रहने से कार्य अधिक होगा व वादकारियों को सुलभ न्याय मिलेगा। इससे पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि 28 अप्रैल 1990 में फरेंदा में दीवानी न्यायालय की शुरूआत हुई थी। वादकारियों की संख्या को देखते हुए बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लंबे समय से अतिरिक्त न्यायालय की मांग कर रहे थे। काफी प्रयास के बाद 2016 में बार एसेसिएशन के तत्कालीन पदाधिकारियों के प्रयास से न्यायालय व आवास का निर्माण हुआ, लेकिन वहां न्यायिक कार्य शुरू नहीं हो सका। छह वर्षों के इंतजार के अतिरिक्त न्यायालय का काम शुरू हुआ। जिसका पहला कार्यभार सिविल जज देवेश त्रिपाठी ने शुुरू किया। जिनका स्वागत कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। संचालन प्रेम सिंह एडवोकेट ने किया। इस दौरान महामंत्री हरिओम श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद मणि, ज्वालामणि,अब्दुल मजीद, स्कंद श्रीवास्तव, राम सहाय गुप्ता, शैलेंद्र श्रीवास्तव, उदय शंकर चौरसिया, आशुतोष राणा, आशुतोष गिरि, मृदृल यादव, कुशल श्रीवास्तव, सतेन्द्र सिंह उमाकांत यादव, प्रदीप श्रीवास्तव,शंभू यादव, दशरथ चौरासिया आदि ने स्वागत किया।
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