{"_id":"63ebd6d30830de1fd304c305","slug":"life-is-being-spent-with-the-help-of-memories-maharajganj-news-c-7-1-53775-2023-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराजगंज: यादों के सहारे कट रही जिंदगी, शहीद का पिता होने पर गर्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महाराजगंज: यादों के सहारे कट रही जिंदगी, शहीद का पिता होने पर गर्व
Wed, 15 Feb 2023 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 15 Feb 2023 12:15 AM IST
विज्ञापन
पुलवामा में शहीद पंकज त्रिपाठी के शहादत के चौथी बरसी पर शहीद मेले का आयोजन किया गया।
फरेंदा। बड़ा बेटा बुजुर्ग पिता की लाठी होता है, लेकिन समय से पहले वह लाठी टूट जाए तो सारे अरमान बिखर जाते हैं। पंकज त्रिपाठी सीआरपीएफ में भर्ती हुए तो सोचा था कि परिवार का सहारा अब तैयार हो गया। परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधे पर आ गई थी। जब भी घर आते तो परिवार में खुशियां भर जाती थी। 14 फरवरी 2019 को जब मोबाइल के जरिए जानकारी मिली कि पंकज त्रिपाठी आतंकी हमले में शहीद हो गए, तो सारे अरमान टूट कर बिखर गए। इतना बताते ही शहीद के पिता ओमप्रकाश त्रिपाठी फफक कर रो पड़े। बेटे के प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे पिता ने बेटे के सिर पर हाथ फेरा फिर रूमाल से आंखों को पोछते हुए खुद को संभालते हुए दिखे। उन्होंने छोटे बेटे शुभम की तरफ मुड़कर देखा। मन ही मन शुभम में अपने बेटे पंकज की छवि देख रहे थे। उन्होंने कहा कि लोग शहीद का पिता कह कर पुकारते हैं, तो गर्व होता है।
छोटे भाई शुभम त्रिपाठी ने भाई के प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि बड़े भाई की याद हमेशा आती है। उनके न रहने से जीवन में सूनापन आ गया है। वह आज होते तो काफी अच्छा होता लेकिन दुश्मनों ने भाई को छिन लिया। उनकी कमी जीवन भर खलेगी।
पति के शहादत पर फक्र, बेटे को भी सेना में भेजूंगी
फरेंदा। पति के शहादत के चार वर्ष बीत गए लेकिन कोई भी ऐसा दिन नहीं होगा जब उनकी याद न आती हो। उनके यादों के सहारे जीवन काट रही हूं। बेटे प्रतीक में उनकी छवि हमेशा देखती हूं। अवसर मिला तो बेटे को भी सेना में भेजकर उनके सपनों को साकार करने का प्रयास करूंगी। पत्नी रोहिणी पति पंकज त्रिपाठी के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सिर उनके आगे झुका दिया। आंखों में आंसू लिए बेटे प्रतीक व बेटी वान्या को भी प्रतिमा के सामने सिर झुका कर नमन करने को कहा।
विज्ञापन
एनसीसी कैडेटो ने रैली निकाल कर भारत माता के जय के नारे लगाए
फरेंदा। पुलवामा में शहीद पंकज त्रिपाठी के शहादत के चौथी बरसी पर शहीद मेले का आयोजन किया गया। जहां पर क्षेत्र के तमाम लोग पहुंच कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं जयपुरिया इंटर कालेज के एनसीसी छात्रों ने रैली निकाल कर भारत माता के जय के नारे लगाए।
एसडीएम मदन मोहन वर्मा ने शहीद के स्मारक पर पहुंच कर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पंकज त्रिपाठी के शहादत पर पूरे क्षेत्र को गर्व है। सीओ कोमल प्रसाद मिश्र माल्यार्पण करते हुए कहा पुलवामा में हुआ आंतकी हमला कायरता का प्रतीक है। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार राय ने कहा शहीद पंकज त्रिपाठी सबके लिए हमेशा जिंदा रहेंगे। लेफ्टिनेंट एसके गौड़ ने शहीद प्रतिमा के सामने सैल्यूट करते हुए कहा कि शहीद पंकज त्रिपाठी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव त्रिभुवन नरायन मिश्र, ग्राम प्रधान शेखर यादव, समाजसेवी शशिकांत जायसवाल, प्रदीप कटियार, एडीओ पंचायत वीरेंद्र यादव, सीआरपीएफ के सेवा निवृत्त जवान विनय शंकर त्रिपाठी, राहुल त्रिपाठी, अविनाश प्रताप सिंह ने श्रद्धांजलि दी।
शहीद की शहादत पर नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधि
फरेंदा। पुलवामा घटना के चार वर्ष बीतते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि शहीद के शहादत की बरसी भूल गए। उनके शहादत का कार्यक्रम सुबह दस बजे रखा गया था, लेकिन सायं चार बजे तक कोई भी जनप्रतिनिधि स्मारक पर नहीं पहुंचे थे। जिसको लेकर शहीद के परिजनों में मायूसी दिखी। छोटे भाई शुभम त्रिपाठी ने बताया कि शहीद मेले की जानकारी जिलास्तरीय अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों को दी गई थी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। समय की कमी के कारण हो सकता है न पहुंच सके हो। संवाद
विज्ञापन
छोटे भाई शुभम त्रिपाठी ने भाई के प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि बड़े भाई की याद हमेशा आती है। उनके न रहने से जीवन में सूनापन आ गया है। वह आज होते तो काफी अच्छा होता लेकिन दुश्मनों ने भाई को छिन लिया। उनकी कमी जीवन भर खलेगी।
विज्ञापन
पति के शहादत पर फक्र, बेटे को भी सेना में भेजूंगी
फरेंदा। पति के शहादत के चार वर्ष बीत गए लेकिन कोई भी ऐसा दिन नहीं होगा जब उनकी याद न आती हो। उनके यादों के सहारे जीवन काट रही हूं। बेटे प्रतीक में उनकी छवि हमेशा देखती हूं। अवसर मिला तो बेटे को भी सेना में भेजकर उनके सपनों को साकार करने का प्रयास करूंगी। पत्नी रोहिणी पति पंकज त्रिपाठी के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सिर उनके आगे झुका दिया। आंखों में आंसू लिए बेटे प्रतीक व बेटी वान्या को भी प्रतिमा के सामने सिर झुका कर नमन करने को कहा।
विज्ञापन
एनसीसी कैडेटो ने रैली निकाल कर भारत माता के जय के नारे लगाए
फरेंदा। पुलवामा में शहीद पंकज त्रिपाठी के शहादत के चौथी बरसी पर शहीद मेले का आयोजन किया गया। जहां पर क्षेत्र के तमाम लोग पहुंच कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं जयपुरिया इंटर कालेज के एनसीसी छात्रों ने रैली निकाल कर भारत माता के जय के नारे लगाए।
एसडीएम मदन मोहन वर्मा ने शहीद के स्मारक पर पहुंच कर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पंकज त्रिपाठी के शहादत पर पूरे क्षेत्र को गर्व है। सीओ कोमल प्रसाद मिश्र माल्यार्पण करते हुए कहा पुलवामा में हुआ आंतकी हमला कायरता का प्रतीक है। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार राय ने कहा शहीद पंकज त्रिपाठी सबके लिए हमेशा जिंदा रहेंगे। लेफ्टिनेंट एसके गौड़ ने शहीद प्रतिमा के सामने सैल्यूट करते हुए कहा कि शहीद पंकज त्रिपाठी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव त्रिभुवन नरायन मिश्र, ग्राम प्रधान शेखर यादव, समाजसेवी शशिकांत जायसवाल, प्रदीप कटियार, एडीओ पंचायत वीरेंद्र यादव, सीआरपीएफ के सेवा निवृत्त जवान विनय शंकर त्रिपाठी, राहुल त्रिपाठी, अविनाश प्रताप सिंह ने श्रद्धांजलि दी।
शहीद की शहादत पर नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधि
फरेंदा। पुलवामा घटना के चार वर्ष बीतते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि शहीद के शहादत की बरसी भूल गए। उनके शहादत का कार्यक्रम सुबह दस बजे रखा गया था, लेकिन सायं चार बजे तक कोई भी जनप्रतिनिधि स्मारक पर नहीं पहुंचे थे। जिसको लेकर शहीद के परिजनों में मायूसी दिखी। छोटे भाई शुभम त्रिपाठी ने बताया कि शहीद मेले की जानकारी जिलास्तरीय अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों को दी गई थी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। समय की कमी के कारण हो सकता है न पहुंच सके हो। संवाद