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Maharajganj News: हत्या के मामले में सात दोषियों को आजीवन कारावास
Sun, 07 Jan 2024 01:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 07 Jan 2024 01:20 AM IST
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- 26 जून 2012 में जमीन पर कब्जे के लिए हुई मारपीट में गई थी दो की जान
- जिला और सत्र न्यायाधीश ने 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
महराजगंज। जमीन पर कब्जे के लेकर वर्ष 2012 में पुरंदरपुर क्षेत्र में हुए डबल मर्डर में जिला और सत्र न्यायाधीश ने सात दोषियों को आजीवन कारावास और 55 हजार रुपये की अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को सात माह की अतिरिक्त सुजा भुगतनी होगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि पुरंदरपुर क्षेत्र के मानिक तालाब टोला धनहिया निवासी बदर पासवान ने तहरीर दी थी कि उसके घर के सामने ग्राम सभा की जमीन है। जिस पर उसका कई वर्षों से कब्जा है। उस जमीन पर गांव के झीनक, सत्यनारायण, उमाशंकर और भोला आदि कब्जा करना चाहते थे। इसे लेकर पहले भी मारपीट हो चुकी थी।
26 जून 2012 को जमीन पर कब्जे की नीयत से झिनक, भोला, उमाशंकर, राजू, संजय, संतोष, सत्यनारायण, अनिल, दीपचंद व गोविंद धारदार हथियार लेकर उसके दरवाजे पर आ धमके। सभी ने ललकारते हुए गालियां देनी शुरू कर दी। उसके शोर मचाने पर विष्णु सहाय, ओमप्रकाश, पन्नेलाल, राम आशीष, राधेश्याम, लालजी व रामप्रीत मौके पर आ गए। इस दौरान दरवाजे पर आए हमलावरों ने हमला कर दिया। इसमें पन्नेलाल, ओम प्रकाश और विष्णु सहाय को भी गंभीर चोटे आईं।
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तीनों को बनकटी स्थित सीएचसी ले जाया गया। वहां पन्नेलाल, विष्णु सहाय की गंभीर हालत देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान पन्नेलाल व विष्णु सहाय की मौत हो गई। जबकि ओम प्रकाश को इलाज के बाद घर भेज दिया गया।
मामले की विवेचना के उपरांत पुलिस ने न्यायालय में दोषियों के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया। इसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार ने उमाशंकर पासवान, राजू पासवान, संजय पासवान, संतोष पासवान, सत्यनारायण पासवान, दीपचंद पासवान व गोविंद पासवान को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी पर 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को सात माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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- जिला और सत्र न्यायाधीश ने 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
महराजगंज। जमीन पर कब्जे के लेकर वर्ष 2012 में पुरंदरपुर क्षेत्र में हुए डबल मर्डर में जिला और सत्र न्यायाधीश ने सात दोषियों को आजीवन कारावास और 55 हजार रुपये की अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को सात माह की अतिरिक्त सुजा भुगतनी होगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि पुरंदरपुर क्षेत्र के मानिक तालाब टोला धनहिया निवासी बदर पासवान ने तहरीर दी थी कि उसके घर के सामने ग्राम सभा की जमीन है। जिस पर उसका कई वर्षों से कब्जा है। उस जमीन पर गांव के झीनक, सत्यनारायण, उमाशंकर और भोला आदि कब्जा करना चाहते थे। इसे लेकर पहले भी मारपीट हो चुकी थी।
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26 जून 2012 को जमीन पर कब्जे की नीयत से झिनक, भोला, उमाशंकर, राजू, संजय, संतोष, सत्यनारायण, अनिल, दीपचंद व गोविंद धारदार हथियार लेकर उसके दरवाजे पर आ धमके। सभी ने ललकारते हुए गालियां देनी शुरू कर दी। उसके शोर मचाने पर विष्णु सहाय, ओमप्रकाश, पन्नेलाल, राम आशीष, राधेश्याम, लालजी व रामप्रीत मौके पर आ गए। इस दौरान दरवाजे पर आए हमलावरों ने हमला कर दिया। इसमें पन्नेलाल, ओम प्रकाश और विष्णु सहाय को भी गंभीर चोटे आईं।
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तीनों को बनकटी स्थित सीएचसी ले जाया गया। वहां पन्नेलाल, विष्णु सहाय की गंभीर हालत देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान पन्नेलाल व विष्णु सहाय की मौत हो गई। जबकि ओम प्रकाश को इलाज के बाद घर भेज दिया गया।
मामले की विवेचना के उपरांत पुलिस ने न्यायालय में दोषियों के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया। इसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार ने उमाशंकर पासवान, राजू पासवान, संजय पासवान, संतोष पासवान, सत्यनारायण पासवान, दीपचंद पासवान व गोविंद पासवान को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी पर 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को सात माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।