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Maharajganj News: पकड़ियार-बिशुनपुर में तेंदुए का आतंक...शाम होते ही सूनी हो जा रही सड़क

Sat, 28 Jun 2025 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sat, 28 Jun 2025 12:34 AM IST
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Leopard terror in Pakriyar-Bishunpur...the road becomes deserted as the evening approaches
पकड़ियार विशुनपुर गांव में तेंदुए की सूचना पर ग्रामीणों की लगी भीड़।
महराजगंज/घुघली। पकड़ियार-बिशुनपुर क्षेत्र में चार दिन से तेंदुए का आतंक है। लोगों को हर पल मौत का खौफ सता रहा है। शाम होते ही पकड़ियार-बिशुनपुर कप्तानगंज मार्ग सूनी हो जा रही है।
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लोग रात में निगरानी कर रहे हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगा रखा है, उसमें मुर्गा भी रखा है, लेकिन तेंदुआ कैद नहीं हुआ। पकड़ियार-बिशुनपुर गांव के सीताराम यादव कहने लगे की रात में नींद नहीं आ रही है। सबसे अधिक परेशानी मवेशियों की सुरक्षा को लेकर है।
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करीब चार दिन हो गया, लेकिन अब तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया। गांव में तेंदुए की आहट से हर पल खतरा मंडराता रहता है। शुक्रवार को गांव के लोग इसे लेकर आपस में चर्चा कर रहे थे। गांव में गुड्डू तिवारी ने बताया कि टीम गश्त करके चली जा रही है। सबसे अधिक खतरा रात में है। बीते दिनों तेंदुआ दो शवकों के साथ दिखा था। तबसे लेकर आजतक उनका पता नहीं चल रहा है।
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रोहित विश्वकर्मा ने बताया की तेंदुआ अभी जंगल की ओर से नहीं गया होगा। आसपास की झाडियों में छिपे होने की आशंका है। वन विभाग केवल पिंजरा लगाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। पड़ोस के गांव कोटिया में भी शाम सात बजे से लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। मवेशियों को भी अंदर बांध रहे हैं।
दिन में भी कोई बागीचे की ओर नहीं जा रहा है। बैजनाथ यादव, हरेंद्र यादव के अनुसार, बृहस्पतिवार की रात भी गांव की सड़क पर तेंदुआ घूम रहा था। ग्रामीण अपने मवेशियों को बगीचे में चराने के लिए नहीं ले जा रहे हैं।
कोटिया गांव के भानु प्रताप के मुर्गी फार्म पर रात में तेंदुए को दिखने की चर्चा की जा रही थी। इसी मुर्गी फार्म के पास वन विभाग की ओर से पिंजरा लगाया गया है। उसमें मुर्गे को रखा गया है, लेकिन रात में तेंदुआ पिंजरे तक नहीं पहुंचा। घने बगीचे के करीब एक ही जगह चार मुर्गी फार्म है।
तेंदुआ आपकी ओर बढ़े तो खड़े होकर जोर से चिल्लाएं

डिप्टी रेंजर कासिम अली ने बताया कि तेंदुआ आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करता। मगर खुद को खतरा महसूस करने पर अचानक आक्रामक हो जाता है। अगर तेंदुआ हमले के अंदाज में आपकी ओर बढ़े तो कभी मुड़कर भागे नहीं। आप उससे तेज नहीं भाग सकते। वहीं खड़े होकर जोर से चिल्लाएं, ताली बजाएं और अपने हाथ फैलाकर खुद को उससे बड़ा दिखाने की कोशिश करें। तेंदुआ दिखे तो कभी उसकी ओर न बढ़ें और न ही उससे छेड़खानी करें। वह इसे अपने लिए खतरा समझेगा और आप पर हमला कर देगा। तेंदुए की आंखों में आंखें डालकर कभी न देखें। इसे वह अपने लिए चुनौती समझकर आप पर हमला कर सकता है। अगर तेंदुए से सामना हो जाए तो दबे पांव पीछे की ओर हटें, इससे बचने का मौका मिलेगा।


342 वर्ग किमी क्षेत्र वन से घिरा है जनपद

महराजगंज जनपद 342 वर्ग किमी क्षेत्र वन से घिरा हुआ है, जो जिले के करीब 11.59 प्रतिशत क्षेत्र के बराबर है। यह जिला वन से घिरा होने के कारण काफी हरा-भरा रहता है। गोरखपुर वन क्षेत्र से 1987 में अलग होकर वन्य जीव अभ्यारण्य बना सोहगीबरवा सेंचुरी नेपाल के चितवन पार्क और बिहार के वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व के वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर में शामिल है। तीनों वन क्षेत्र एक-दूसरे से सटे हैं। नेपाल के चितवन पार्क से गैंडा, भालू यहां आते रहते हैं। वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व के बाघों की यहां साइटिंग होती रहती है।
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