{"_id":"682f75625c1a817b310ed166","slug":"legal-grip-on-fake-teachers-is-strong-chargesheet-filed-maharajganj-news-c-206-1-go11002-149772-2025-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: फर्जी शिक्षकों पर कानूनी पकड़ मजबूत, लगी चार्जशीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: फर्जी शिक्षकों पर कानूनी पकड़ मजबूत, लगी चार्जशीट
Fri, 23 May 2025 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 23 May 2025 12:35 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। जिले के फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी के बाद दर्ज केस में कानून की गिरफ्त मजबूत हुई है। पुलिस ने आठ फर्जी शिक्षकों के मामले में जहां चार्जशीट लगाने का कार्य पूरा कर लिया है। वहीं सात बचे शिक्षकों की चार्जशीट भी इसी माह प्रस्तुत करने की तैयारी है।
शेष शिक्षकों की चार्जशीट के लिए कोतवाली पुलिस बेसिक शिक्षा विभाग की पुरानी पत्रावलियों को पलटने में जुटी है। पहले पुलिस के पास दर्ज शिक्षकों के पते की जानकारी नहीं थी, लेकिन बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पुरानी पत्रावलियों की मदद से आठ को चार्जशीट के लिए पतों की जानकारी पुरानी पत्रावलियों से उपलब्ध कराई गई।
जनपद में बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे परिषदीय स्कूलों में लंबे समय से शिक्षक बनकर जालसाजों ने न सिर्फ विभागीय मिलीभगत से नौकरी प्राप्त की, बल्कि आठ से 10 वर्ष तक नौकरी करते हुए वेतन भी लिया। जांच के बाद इनकी बर्खास्तगी तो विभिन्न तिथि व वर्षों में हुई, लेकिन केस बीते नवंबर व दिसंबर में तत्कालीन बीएसए रहे श्रवण गुप्ता की सक्रियता से 2024 नवंबर व दिसंबर में दर्ज हुआ।
विज्ञापन
सदर कोतवाली में आखिरी फर्जी शिक्षक पर केस फरवरी 2025 में सिसवां के बलुआ में तैनात ओमकार चौधरी पर हुआ। मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला लगभग पांच से छह माह ठंडे बस्ते में रहा। इस दौरान कुछ फर्जी शिक्षक हाई कोर्ट से स्टे भी पा गए। बीएसए ने सभी बर्खास्त शिक्षकों की पुरानी पत्रावलियों से उक्त शिक्षकों का विवरण निकलवाया जिसकी मदद से चार्जशीट लगाने की प्रक्रिया तेज हुई है।
इनपर दर्ज है धोखाधड़ी का केस
राजकुमार यादव, दिनेश चंद्र, सुमन यादव, सैय्यद अली, अरविंद कुमार यादव, कन्हैया लाल यादव, निवासी लक्ष्मीपुर यादव, रतन कुमार पांडेय, वेदानंद यादव, अजय प्रताप चौधरी, जय प्रकाश पांडेय, उस्मान गनी, सरिता, बृजेश और जग तारिणी राय और ओमकार चौधरी पर केस दर्ज है।
विज्ञापन
शेष शिक्षकों की चार्जशीट के लिए कोतवाली पुलिस बेसिक शिक्षा विभाग की पुरानी पत्रावलियों को पलटने में जुटी है। पहले पुलिस के पास दर्ज शिक्षकों के पते की जानकारी नहीं थी, लेकिन बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पुरानी पत्रावलियों की मदद से आठ को चार्जशीट के लिए पतों की जानकारी पुरानी पत्रावलियों से उपलब्ध कराई गई।
विज्ञापन
जनपद में बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे परिषदीय स्कूलों में लंबे समय से शिक्षक बनकर जालसाजों ने न सिर्फ विभागीय मिलीभगत से नौकरी प्राप्त की, बल्कि आठ से 10 वर्ष तक नौकरी करते हुए वेतन भी लिया। जांच के बाद इनकी बर्खास्तगी तो विभिन्न तिथि व वर्षों में हुई, लेकिन केस बीते नवंबर व दिसंबर में तत्कालीन बीएसए रहे श्रवण गुप्ता की सक्रियता से 2024 नवंबर व दिसंबर में दर्ज हुआ।
विज्ञापन
सदर कोतवाली में आखिरी फर्जी शिक्षक पर केस फरवरी 2025 में सिसवां के बलुआ में तैनात ओमकार चौधरी पर हुआ। मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला लगभग पांच से छह माह ठंडे बस्ते में रहा। इस दौरान कुछ फर्जी शिक्षक हाई कोर्ट से स्टे भी पा गए। बीएसए ने सभी बर्खास्त शिक्षकों की पुरानी पत्रावलियों से उक्त शिक्षकों का विवरण निकलवाया जिसकी मदद से चार्जशीट लगाने की प्रक्रिया तेज हुई है।
इनपर दर्ज है धोखाधड़ी का केस
राजकुमार यादव, दिनेश चंद्र, सुमन यादव, सैय्यद अली, अरविंद कुमार यादव, कन्हैया लाल यादव, निवासी लक्ष्मीपुर यादव, रतन कुमार पांडेय, वेदानंद यादव, अजय प्रताप चौधरी, जय प्रकाश पांडेय, उस्मान गनी, सरिता, बृजेश और जग तारिणी राय और ओमकार चौधरी पर केस दर्ज है।