{"_id":"618965c4a9134c392832e9e1","slug":"lack-of-doctors-in-chc-maharajganj-news-gkp4156750101","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएचसी पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की कमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएचसी पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की कमी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएचसी पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की कमी
महराजगंज। जिले में दो सीएचसी को छोड़कर किसी में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। महिलाओं को जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है। हालांकि पद तो स्वीकृत है, लेकिन लंबे समय से खाली है। डॉक्टरों की तैनाती के प्रति जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के सभी ब्लॉकों के अलावा अड्डा बाजार, गोपाला और नौतनवां समेत 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलाजिस्ट, जनरल सर्जन व फिजिशियन के पद तो स्वीकृत हैं लेकिन, इन पदों पर तैनाती नहीं है। जिले की सीएचसी पर प्रसूति रोग विशेषज्ञ दो, निश्चेतक एक, फिजिशियन तीन तथा दस बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। जिले में न तो रेडियोलॉजिस्ट है और न ही जनरल सर्जन। ऐसे में सीएचसी पर आने वाले मरीजों को निजी अस्पताल जाना पड़ता है।
सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में जो व्यवस्था है, उसमें बेहतर ढंग से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रयास जारी है। रिक्त पदों के बारे में शासन को पत्र भेज दिया गया है।
विज्ञापन
बोले लोग-उपकरण तो है डॉक्टर नहीं
घुघली क्षेत्र के हरखा निवासी गंगा पांडेय ने कहा कि अगर सीएचसी पर स्वीकृत पद के सापेक्ष तैनाती होती तो मरीजों को निजी चिकित्सकों के पास नहीं जाना पड़ता। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर सुविधा मिले, इसके लिए शासन की ओर से उपकरण तो भेजे जा रहे हैं लेकिन, जब डॉक्टर ही नहीं रहेंगे तो उसका क्या फायदा। डॉक्टरों की तैनाती जरूरी है। सिसवां क्षेत्र के रविंद्र सिंह ने कहा कि सीएचसी पर स्वीकृत पद के सापेक्ष सभी डॉक्टरों की तैनाती जरूरी है। अगर सभी डॉक्टर रहते तो लोगों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ता।
जिला अस्पताल को मिले हड्डी रोग विशेषज्ञ
शासन स्तर से जिला अस्पताल में एक हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार की तैनाती की गई है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके राय ने बताया कि मरीजों के इलाज में परेशानी नहीं होगी।
विज्ञापन
महराजगंज। जिले में दो सीएचसी को छोड़कर किसी में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। महिलाओं को जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है। हालांकि पद तो स्वीकृत है, लेकिन लंबे समय से खाली है। डॉक्टरों की तैनाती के प्रति जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के सभी ब्लॉकों के अलावा अड्डा बाजार, गोपाला और नौतनवां समेत 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलाजिस्ट, जनरल सर्जन व फिजिशियन के पद तो स्वीकृत हैं लेकिन, इन पदों पर तैनाती नहीं है। जिले की सीएचसी पर प्रसूति रोग विशेषज्ञ दो, निश्चेतक एक, फिजिशियन तीन तथा दस बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। जिले में न तो रेडियोलॉजिस्ट है और न ही जनरल सर्जन। ऐसे में सीएचसी पर आने वाले मरीजों को निजी अस्पताल जाना पड़ता है।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में जो व्यवस्था है, उसमें बेहतर ढंग से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रयास जारी है। रिक्त पदों के बारे में शासन को पत्र भेज दिया गया है।
विज्ञापन
बोले लोग-उपकरण तो है डॉक्टर नहीं
घुघली क्षेत्र के हरखा निवासी गंगा पांडेय ने कहा कि अगर सीएचसी पर स्वीकृत पद के सापेक्ष तैनाती होती तो मरीजों को निजी चिकित्सकों के पास नहीं जाना पड़ता। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर सुविधा मिले, इसके लिए शासन की ओर से उपकरण तो भेजे जा रहे हैं लेकिन, जब डॉक्टर ही नहीं रहेंगे तो उसका क्या फायदा। डॉक्टरों की तैनाती जरूरी है। सिसवां क्षेत्र के रविंद्र सिंह ने कहा कि सीएचसी पर स्वीकृत पद के सापेक्ष सभी डॉक्टरों की तैनाती जरूरी है। अगर सभी डॉक्टर रहते तो लोगों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ता।
जिला अस्पताल को मिले हड्डी रोग विशेषज्ञ
शासन स्तर से जिला अस्पताल में एक हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार की तैनाती की गई है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके राय ने बताया कि मरीजों के इलाज में परेशानी नहीं होगी।