{"_id":"5a9d94794f1c1b2d068b9e7c","slug":"jugaad-s-strong-education-system","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुगाड़ के जोर से कमजोर हुई शिक्षा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुगाड़ के जोर से कमजोर हुई शिक्षा
maharaganj
Updated Tue, 06 Mar 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
पढ़ाई
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। जुगाड़ के जोर ने जिले की बेसिक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर दिया है। शिक्षा के गिरते स्तर में सुधार के दावे और घोषणाएं तो आम है, लेकिन हकीकत में पूरी व्यवस्था जुगाड़ के आगे फेल हो रही है। मानक के अनुसार 40 बच्चों पर एक शिक्षक की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन जिले में कहीं 20 बच्चों को तीन गुरुजी पढ़ा रहे हैं तो कहीं दो शिक्षकों पर 330 छात्रों को शिक्षा देने की जिम्मेदारी है।
बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सदर ब्लाॅक में प्राथमिक विद्यालय बलुआ में और पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरवां फहीम में 20-20 बच्चे हैं। यहां 3-3 शिक्षक तैनात हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बडहरा में 19 बच्चों पर एक शिक्षक है। चाफी टोला में 33 बच्चों पर 3 शिक्षक हैं तो प्राथमिक विद्यालय सिंहपुर में 44 को एक शिक्षक पढ़ा रहे हैं। दूसरी ओर, प्राथमिक विद्यालय केवलापुर खुर्द में 625 बच्चों पर 4 शिक्षक तैनात हैं, जबकि पूर्व माध्यमिक विद्यालय केवलापुर खुर्द में दो शिक्षक 330 बच्चों को पढ़ा रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय झुगवां में 231 बच्चों पर 2 शिक्षक तैनात हैं।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सदर ब्लाॅक में प्राथमिक विद्यालय बलुआ में और पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरवां फहीम में 20-20 बच्चे हैं। यहां 3-3 शिक्षक तैनात हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बडहरा में 19 बच्चों पर एक शिक्षक है। चाफी टोला में 33 बच्चों पर 3 शिक्षक हैं तो प्राथमिक विद्यालय सिंहपुर में 44 को एक शिक्षक पढ़ा रहे हैं। दूसरी ओर, प्राथमिक विद्यालय केवलापुर खुर्द में 625 बच्चों पर 4 शिक्षक तैनात हैं, जबकि पूर्व माध्यमिक विद्यालय केवलापुर खुर्द में दो शिक्षक 330 बच्चों को पढ़ा रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय झुगवां में 231 बच्चों पर 2 शिक्षक तैनात हैं।
विज्ञापन