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Maharajganj News: जर्दी डोमरा बांध...एक किमी में 13 जगह कटान

Mon, 25 Aug 2025 12:41 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 25 Aug 2025 12:41 AM IST
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Jardi Domra Dam... erosion at 13 places in one km
जर्दी गांव के भगड़ा के पास बंधे पर बना रैटहोल।संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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महराजगंज। जर्दी डोमरा बंधे की हालत कहीं-कहीं बेहद खराब है। इस बंधे पर एक किलोमीटर में 13 जगह बारिश से कटान हुई है। इसे भरा नहीं गया है। खतरनाक कटान से लोगों को चिंता सता रही है। कहीं नेपाल से पानी का दबाव बढ़ा तो बांध टूट कर तबाही मचा सकता है।
बाकी मंदिर से बांध के रास्ते आ रहे दीपू कुमार ने बताया कि जर्दी गांव के भगड़ा टोले के पास बांध पर बारिश के कारण कटान हो गई है। यहां रैटहोल बन गए हैं, लेकिन सिंचाई विभाग ने अभी तक इसकी मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं। अगर जल्द ही मिट्टी भराई और मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो बांध टूटने का खतरा बढ़ जाएगा।
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इसी तरह बड़हरा लाला गांव के पास रेगुलेटर के सामने बांध पर लगाया गया ईंट का खड़ंजा उखड़ गया है। बंधे से होकर मछली गांव जा रहे आलोक ने बताया कि जर्दी गांव से लेकर बड़हरा लाला तक बांध पर कम से कम 13 बड़े गड्ढे बन गए हैं। उन्होंने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही, तो बांध की दशा और भी खराब हो जाएगी।
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बांध के किनारे बसे गांवों जैसे औरहिया, जर्दी, बड़हरा लाला, सुचितपुर, लक्ष्मीपुर, रानीपुर, हरखपुरा, डोमरा और भगड़ा टोले के लोगों में डर है। बड़हरा लाला गांव के पास भजुराम के घर के सामने बांध पर एक बड़ा गड्ढा बन गया है, और कुछ दूरी पर एक मोड़ पर ईंट का खड़ंजा धंस गया है। ग्राम प्रधान के घर के सामने नदी के किनारे बांध की सुरक्षा के लिए बनाई गई बोल्डर पिचिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
तटबंध के किनारे बसे विजय, विवेक कुमार, राजेश कुमार, रोहित कुमार, महेंद्र कुमार, लक्ष्मी देवी, सरस्वती और लालमती ने कहा कि सिंचाई विभाग ने कुछ चुनिंदा जगहों पर मिट्टी भराई का काम किया है, लेकिन यह नाकाफी है। लोगों ने बताया कि पहली बारिश में ही बांध पर लगाया गया ईंट का खड़ंजा धंस गया।
सुचितपुर गांव के गंगा पासवान ने बताया कि बांध की सुरक्षा के लिए रखी गई मिट्टी की बोरियां भी कई जगह धंस गई हैं। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकारी बांध की स्थिति पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कई जगहों पर मिट्टी रखा गया है, लेकिन रैटहोल और कटान स्थलों पर उसे भरा नहीं गया। नदी के किनारे बसे ग्रामीणों का कहना है कि अगर बांध की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का काम तुरंत शुरू नहीं किया गया, तो बाढ़ की स्थिति में बांध के टूटने का खतरा बढ़ जाएगा।
इससे न केवल जर्दी, बड़हरा लाला, लक्ष्मीपुर और सुचितपुर अहिरौली हरखपुरा अक्टहवा डोमरा रानीपुर, अड़बड़ हवा, बरवास, नरकटहा, रामपुर, सौरहा जैसे बैदा, तेंदुअहिया, अनंतपुर, रामनगर गांव जलमग्न हो सकते हैं, बल्कि आसपास के अन्य इलाकों में भी भारी नुकसान हो सकता है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे बांध की स्थिति पर नजर है। मरम्मत शुरू की गई है।

नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव हो रहार : जिले के रोहिन नदी पर स्थित जर्दी डोमरा बांध के किनारे रखी बाेरियां धंस गई हैं। नेपाल की पहाड़ियों पर हो रही बारिश के कारण नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव हो रहा है।
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