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Maharajganj News: लोकार्पण के दो साल बाद भी सरयू नहर परियोजना से नहीं शुरू हुई सिंचाई
Sat, 20 Jan 2024 02:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 20 Jan 2024 02:30 AM IST
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पुरंदरपुर क्षेत्र में सूखी सरयू नहर
महराजगंज। किसानों को सिंचाई की अच्छी सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकार ने सरयू नहर परियोजना के जरिए नहर बनाया, जिससे नौतनवा, लक्ष्मीपुर, फरेंदा क्षेत्र के किसानों के खेतों की अच्छी सिंचाई हो सके। सरयू नहर परियोजना का लोकार्पण होने के दो साल बाद भी नहर में पानी नहीं आ सका, जिससे किसानों ने आक्रोश व्यक्त किया है। गेहूं की बुआई होने के बाद सिंचाई प्रभावित हो रही है। पांच नदियों को जोड़ने वाली 1978 में शुरू हुई सरयू नहर परियोजना का लोकार्पण प्रधानमंत्री ने 11 दिसंबर 2021 को किया था।
गुजरवलिया शंकर मिश्र गांव के लोगों ने समस्या के बारे में जिलाधिकारी को भी अवगत कराया है। अखिलेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि जब हमारे क्षेत्र में सरयू नहर परियोजना आने की सूचना मिली तो पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई थी। अब नवनिर्मित सरयू नहर परियोजना बेमतलब साबित हो रही है।
सरयू नहर भोतहा होते हुए लक्ष्मीपुर कैथवलिया, बेलासपुर, एकमा, बरगदवा विशुनपुर, कोट कम्हरिहा, बरगदवा मधुबनी आदि गांवों को जोड़ती है। नहर का पानी बड़हरा शिवनाथ गांव तक आ रहा है, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण उसके आगे पानी नहीं आ सका। गुजरवलिया शंकर मिश्र गांव के पास पुल नहीं बन सका है। इससे समस्या हो रही है।
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25 से 30 लाख किसानों को मिलेगा लाभ
जानकारी के मुताबिक, सरयू नहर परियोजना उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी है। इससे उत्तर प्रदेश के बहराइच, गोंडा, बस्ती, श्रावस्ती, बलरामपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर और महाराजगंज के 25-30 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। इस नहर से 14.04 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा होगी। इस परियोजना के तहत सिंचित क्षेत्र 4.04 लाख हेक्टेयर होगा। परियोजना के तहत पांच नदियों घाघरा, राप्ती, बाणगंगा, सरयू और रोहिणी को जोड़ा गया है। नहर की कुल लंबाई 6,600 किलोमीटर है। इन्हें 318 किलोमीटर लंबी मुख्य नहर से जोड़ा गया है।
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गुजरवलिया शंकर मिश्र गांव के लोगों ने समस्या के बारे में जिलाधिकारी को भी अवगत कराया है। अखिलेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि जब हमारे क्षेत्र में सरयू नहर परियोजना आने की सूचना मिली तो पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई थी। अब नवनिर्मित सरयू नहर परियोजना बेमतलब साबित हो रही है।
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सरयू नहर भोतहा होते हुए लक्ष्मीपुर कैथवलिया, बेलासपुर, एकमा, बरगदवा विशुनपुर, कोट कम्हरिहा, बरगदवा मधुबनी आदि गांवों को जोड़ती है। नहर का पानी बड़हरा शिवनाथ गांव तक आ रहा है, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण उसके आगे पानी नहीं आ सका। गुजरवलिया शंकर मिश्र गांव के पास पुल नहीं बन सका है। इससे समस्या हो रही है।
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25 से 30 लाख किसानों को मिलेगा लाभ
जानकारी के मुताबिक, सरयू नहर परियोजना उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी है। इससे उत्तर प्रदेश के बहराइच, गोंडा, बस्ती, श्रावस्ती, बलरामपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर और महाराजगंज के 25-30 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। इस नहर से 14.04 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा होगी। इस परियोजना के तहत सिंचित क्षेत्र 4.04 लाख हेक्टेयर होगा। परियोजना के तहत पांच नदियों घाघरा, राप्ती, बाणगंगा, सरयू और रोहिणी को जोड़ा गया है। नहर की कुल लंबाई 6,600 किलोमीटर है। इन्हें 318 किलोमीटर लंबी मुख्य नहर से जोड़ा गया है।