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Maharajganj News: एक साल में ही टूट गई 30 लाख की इंटरलॉकिंग सड़क
Fri, 16 May 2025 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 16 May 2025 12:05 AM IST
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महराजगंज। सदर ब्लॉक के ग्राम पंचायत जंगल दुधई उर्फ चेहरी में करीब 30 लाख रुपये की लागत से बनी इंटरलॉकिंग सड़क महज एक साल में ही टूट गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण में जिम्मेदारों की ओर से बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई है।
जानकारी के अनुसार, जंगल दुधई उर्फ चेहरी गांव में वर्ष 2024-25 में ग्राम पंचायत निधि और मनरेगा योजना के तहत 600 मीटर लंबी इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। निर्माण पर करीब 30 लाख रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन निर्माण कार्य पूरा हुए अभी एक साल भी नहीं हुआ और सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में घोर लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया है। आलोक बिहारी, अनिल, आलोक दयाराम, बबलू त्रिलोकी, अजय बहादुर, संजय और मोहित समेत दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण के दौरान न तो गुणवत्ता की जांच हुई और न ही मानकों का पालन किया गया।
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लोगों का कहना है कि सड़क में ईंटों की गुणवत्ता बेहद खराब थी और उसे ठीक ढंग से नहीं जमाया गया। इससे कुछ ही महीनों में वह टूटने लगी। मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन ने बताया कि संबंधित ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान, सचिव और एपीओ से इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। उन्होंने बताया कि यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, जंगल दुधई उर्फ चेहरी गांव में वर्ष 2024-25 में ग्राम पंचायत निधि और मनरेगा योजना के तहत 600 मीटर लंबी इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। निर्माण पर करीब 30 लाख रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन निर्माण कार्य पूरा हुए अभी एक साल भी नहीं हुआ और सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है।
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ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में घोर लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया है। आलोक बिहारी, अनिल, आलोक दयाराम, बबलू त्रिलोकी, अजय बहादुर, संजय और मोहित समेत दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण के दौरान न तो गुणवत्ता की जांच हुई और न ही मानकों का पालन किया गया।
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लोगों का कहना है कि सड़क में ईंटों की गुणवत्ता बेहद खराब थी और उसे ठीक ढंग से नहीं जमाया गया। इससे कुछ ही महीनों में वह टूटने लगी। मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन ने बताया कि संबंधित ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान, सचिव और एपीओ से इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। उन्होंने बताया कि यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।