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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Injectable drugs are reaching Nepal via mountain trails; a seizure in Bhairahawa has exposed the layers of this smuggling network.

Maharajganj News: पगडंडियों से नेपाल पहुंच रहे नशे के इंजेक्शन, भैरहवा में बरामदगी से खुली तस्करी की परतें

Tue, 28 Jul 2026 02:02 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:02 AM IST
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Injectable drugs are reaching Nepal via mountain trails; a seizure in Bhairahawa has exposed the layers of this smuggling network.
प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी बढ़ी, सीमावर्ती क्षेत्र में लगातार पकड़े जा रहे हैं मामले
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भैरहवा में पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक युवक को पकड़ा गया था नशीले इंजेक्शन के साथ
सोनौली। सोनौली और ठूठीबारी क्षेत्र में नशे के इंजेक्शनों और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी चिंता का विषय बनी हुई है। मुख्य मार्गों पर पुलिस और एसएसबी की कड़ी निगरानी के चलते तस्कर अब सीमा की पगडंडियों और ग्रामीण रास्तों का इस्तेमाल कर नशे के इंजेक्शन एक देश से दूसरे देश तक पहुंचा रहे हैं। समय-समय पर तस्करों की गिरफ्तारी और नशे के इंजेक्शनों की बरामदगी के बावजूद तस्करी का नेटवर्क पूरी तरह नहीं टूट पा रहा है।

हाल ही में नेपाल के भैरहवा में पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक युवक को प्रतिबंधित नशे की दवाओं और इंजेक्शनों के साथ गिरफ्तार किए जाने के बाद इस नेटवर्क की नई परतें सामने आई हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बरामद दवाएं गोरखपुर से खरीदी गई थीं और उन्हें सोनौली सीमा से सटे पगडंडी मार्गों के जरिए नेपाल पहुंचाया गया था।
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जानकारी के अनुसार आरोपी खेप लेकर सोनौली कोतवाली क्षेत्र के भगवानपुर के निकट मेनिहवा गांव पहुंचा था, जहां से आगे सप्लाई की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही भैरहवा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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गोरखपुर से उठ रहे इंजेक्शन
जांच एजेंसियों के अनुसार, पकड़े जा रहे तस्करों से पूछताछ में यह भी सामने आई है कि नशे के इंजेक्शन सीमावर्ती बाजारों और अवैध सप्लाई चेन के माध्यम से जुटाए जाते हैं। इसके बाद इन्हें छोटे-छोटे खेपों में पगडंडियों के रास्ते सीमा पार पहुंचाया जाता है जहां स्थानीय एजेंट इन्हें आगे नशे के कारोबारियों तक पहुंचाते हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क के स्रोत, सप्लाई चेन और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक पहले बड़ी संख्या में नेपाली युवक नशे की दवाओं के सेवन के लिए भारतीय क्षेत्र में आते थे। लेकिन सीमा पर बढ़ी सख्ती, ड्रग्स विरोधी अभियान और कई तस्करों की संपत्ति कुर्क किए जाने के बाद गिरोहों ने अपना तरीका बदल लिया है। अब प्रतिबंधित दवाओं की खेप सीधे नेपाल के विभिन्न शहरों तक पहुंचाई जा रही है।
सीमावर्ती कस्बे में ज्यादा पकड़े जा रहे इंजेक्शन

सीमावर्ती कस्बों नौतनवा, भगवानपुर, सोनौली, ठूठीबारी और परसा मलिक समेत कई इलाकों में नशे में इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं की उपलब्धता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। नशे के आदी लोग फोर्टविन, डाइजेपाम, फेनरगन समेत अन्य इंजेक्शनों का मिश्रण बनाकर सेवन करते हैं। यह सभी दवाएं निर्धारित मानक तक दवाओं के रूप में इस्तेमाल करने से लाभदायक होती हैं लेकिन मात्रा बढ़ाने पर इनसे नशा होता है। जिसे स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक माना जाता है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सीमा के इस पार कम कीमत पर मिलने वाले इन इंजेक्शनों की नेपाल के भैरहवा, बुटवल, पोखरा, भक्तपुर, नारायणघाट और काठमांडो जैसे शहरों में कई गुना अधिक कीमत मिलती है। इसी भारी मुनाफे के लालच में तस्कर नए-नए रास्ते अपनाकर अवैध कारोबार को लगातार संचालित कर रहे हैं। वहीं पुलिस, एसएसबी और नारकोटिक्स एजेंसियां तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई में जुटी हैं।


नेपाल में दस गुना दाम पर बिक रही नशीली खेप

भारत-नेपाल सीमा पर प्रतिबंधित नशे की दवाओं की तस्करी का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। हाल ही में नेपाल के भैरहवा में पुलिस ने नशे की दवाओं और इंजेक्शनों के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। ठूठीबारी सीमा पर भी बरामदगी हुई। इसके द इस अवैध कारोबार से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं।जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से सीमा क्षेत्र के साथ-साथ नेपाल के विभिन्न शहरों में प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई कर रहा था। बरामद खेप में बड़ी मात्रा में नशीले कैप्सूल और इंजेक्शन शामिल हैं, जिनका दुरुपयोग नशे के लिए किया जाता है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि भारत से कम कीमत पर लाई गई ये प्रतिबंधित दवाएं नेपाल में कई गुना, कुछ मामलों में करीब दस गुना अधिक कीमत पर बेची जा रही थीं। तस्कर सीमा से सटे इलाकों के अलावा नेपाल के प्रमुख शहरों तक इस नेटवर्क के जरिए खेप पहुंचाते थे। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन और सीमा पार सक्रिय तस्करी नेटवर्क की पहचान में जुटी है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस अवैध कारोबार से जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
केस एक
सात मई को पुलिस ने तीन अंतरजनपदीय तस्करों को एक करोड़ की नशील में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के साथ गिरफ्तार किया था। सभी गोरखपुर जनपद के निवासी हैं। इनके पास से 26 पैकेट में कुल 6240 ट्रैमालैब कैप्सूल, 73 पैकेट एलजोमैक टैबलेट, 43800 टैबलेट और अल्ट्रापार नियो टैबलेट के 25 बॉक्स में 3750 टैबलेट बरामद हुए थे।
केस दो
23 जुलाई को रूपन्देही जिले की पुलिस ने वाहन जांच के दौरान प्रतिबंधित नशे में इस्तेमाल किए जाने वाले इंजेक्शनों की बड़ी खेप बरामद की थी है। साथ ही एक नाबालिग समेत दो को पकड़ा था। दोनों आरोपी नेपाल के रहने वाले हैं। आरोपियों के पास से भारत से लाए गए 145-145 एम्पुल डायजेपाम, प्रोमेथाजीन एचसीएल और बुप्रेनोर्फिन इंजेक्शन, तीन सिरिंज और दो टचस्क्रीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।

वर्जन
सीमावर्ती क्षेत्र के पगडंडियों पर भी गश्त किया जा रहा है। लगातार कार्रवाई की जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी किसी भी कीमत पर नही होने दी जाएगी। पुलिस पूरी तरह से सतर्क है।
- बंसत कुमार सिंह, सीओ नौतनवा
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