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Maharajganj News: सहालग पर महंगाई की मार, संवरने के लिए दूल्हे राजा को ढीली करनी होगी जेब
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सिर की पगड़ी के साथ कड़क नोटों की माला के बढ़े दाम
बैंकों से नहीं मिल रही नए नोटों की गड्डी, देना पड़ रहा कमीशन
महराजगंज। सहालग करीब आते ही बाजार में रौनक बढ़ गई है। महंगाई के कारण दूल्हे राजा का संवरना भी खर्चीला हो गया है। सिर पर पगड़ी के साथ ही नए नोटों की माला के दाम बढ़ गए हैं।
बाजार में बिकने वाली दूल्हे की पगड़ी पर महंगाई व प्रतिस्पर्धा का असर दिख रहा है। कारोबारी विमल गुप्ता ने बताया कि फरवरी 2026 के लग्न के सापेक्ष महंगाई बढ़ी है। रॉ-मटेरियल की कीमतों में वृद्धि पगड़ी के रेट पिछले साल के मुकाबले 15 फीसदी तक बढ़ गए हैं। उन्होंने बताया कि डिजाइन और वर्क के हिसाब से पगड़ियों की डिमांड है। 500 में जो साधारण व सबसे सस्ती पगड़ी थी वह इस सीजन में 650 रुपये में बिक रही है। 1200 रुपये कीमत वाली पगड़ी का रेट 1500 रुपये तक पहुंच गया है। कारोबारी रामू वर्मा ने बताया कि थीम आधारित शादियों के चलन से बरात में करीबियों के लिए भी पगड़ी की डिमांड बढ़ी है। थीम आधारित पगड़ी एक ही लुक की होती है। यह पहले 1500 रुपये में 11 लोगों के लिए बिकती थी। इस बार इसका रेट 2000 तक पहुंच गया है।
इसी तरह मुख्यालय पर दूल्हे की पगड़ी, कड़क नोटों की माला बिक्री करने वाले कैलाश चंद्र गुप्ता ने बताया कि नोट गड्डियों की किल्लत के कारण नए नोट की मालाओं के दाम बढ़े हैं। बैंक में नए नोट की गड्डियां न मिलने से गोरखपुर से नोट कमीशन देकर मंगाया जा रहा है। इसके कारण 300 रुपये वाले नए नोट की माला 500 रुपये में बिक रही है। एक माला बनाने में लगे हुए नोटों के अतिरिक्त खरीदार को 200 रुपये अधिक देने पड़ रहे हैं। किसी माला में अगर 1000 रुपये लगे हैं तो वह 1200 से 1500 रुपये में बिक रही है। इसी प्रकार 2000 के नोट लगे माले 2300 में और 5000 रुपये के नोट लगे माले 5500 रुपये में बिक रहे हैं। महंगाई के कारण मालाओं की बिक्री में कमी आई है। पिंकू रौनियार ने बताया कि पिछले लग्न के मुकाबले इस बार ऑर्डर में 30 फीसदी की गिरावट नोटों की माला में आई है। लोग शगुन के तौर पर छोटी मालाएं बनवा रहे हैं।
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पांच हजार में सज रही दूल्हे की बग्घी
जनवासे (बरात ठहरने के स्थान) से दुल्हन के द्वार तक का सफर घोड़ा बग्घी से करने का चलन बढ़ा है। दूल्हे के कार अथवा बग्घी की सजावट पर महंगाई का प्रभाव दिख रहा है। जनपद में फूलों के बड़े कारोबारी पारस माली ने बताया कि पिछले लग्न के मुकाबले इस बार फूलों के रेट में दोगुना अंतर है। सबसे ज्यादा विलायती व देसी गुलाब, ग्लैडियोलस के फूलों के रेट 10 रुपये स्टिक (नग) तक महंगे हो गए हैं। यह बढ़ोतरी थोक में महंगा फूल मिलने से करना पड़ा। बग्घी, कार, जयमाला स्टेज,मंडप और घरों की सजावट पर दोगुना खर्च पड़ रहा। पहले बग्घी सजावट तीन हजार तो अब पांच हजार में हो रही। रेट की बढ़ोतरी पर्दे, फूलों की बॉस्केट, रिबन रैपिंग, फैब्रिक नेट आदि के महंगे होने से करनी पड़ी।
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बैंकों से नहीं मिल रही नए नोटों की गड्डी, देना पड़ रहा कमीशन
महराजगंज। सहालग करीब आते ही बाजार में रौनक बढ़ गई है। महंगाई के कारण दूल्हे राजा का संवरना भी खर्चीला हो गया है। सिर पर पगड़ी के साथ ही नए नोटों की माला के दाम बढ़ गए हैं।
बाजार में बिकने वाली दूल्हे की पगड़ी पर महंगाई व प्रतिस्पर्धा का असर दिख रहा है। कारोबारी विमल गुप्ता ने बताया कि फरवरी 2026 के लग्न के सापेक्ष महंगाई बढ़ी है। रॉ-मटेरियल की कीमतों में वृद्धि पगड़ी के रेट पिछले साल के मुकाबले 15 फीसदी तक बढ़ गए हैं। उन्होंने बताया कि डिजाइन और वर्क के हिसाब से पगड़ियों की डिमांड है। 500 में जो साधारण व सबसे सस्ती पगड़ी थी वह इस सीजन में 650 रुपये में बिक रही है। 1200 रुपये कीमत वाली पगड़ी का रेट 1500 रुपये तक पहुंच गया है। कारोबारी रामू वर्मा ने बताया कि थीम आधारित शादियों के चलन से बरात में करीबियों के लिए भी पगड़ी की डिमांड बढ़ी है। थीम आधारित पगड़ी एक ही लुक की होती है। यह पहले 1500 रुपये में 11 लोगों के लिए बिकती थी। इस बार इसका रेट 2000 तक पहुंच गया है।
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इसी तरह मुख्यालय पर दूल्हे की पगड़ी, कड़क नोटों की माला बिक्री करने वाले कैलाश चंद्र गुप्ता ने बताया कि नोट गड्डियों की किल्लत के कारण नए नोट की मालाओं के दाम बढ़े हैं। बैंक में नए नोट की गड्डियां न मिलने से गोरखपुर से नोट कमीशन देकर मंगाया जा रहा है। इसके कारण 300 रुपये वाले नए नोट की माला 500 रुपये में बिक रही है। एक माला बनाने में लगे हुए नोटों के अतिरिक्त खरीदार को 200 रुपये अधिक देने पड़ रहे हैं। किसी माला में अगर 1000 रुपये लगे हैं तो वह 1200 से 1500 रुपये में बिक रही है। इसी प्रकार 2000 के नोट लगे माले 2300 में और 5000 रुपये के नोट लगे माले 5500 रुपये में बिक रहे हैं। महंगाई के कारण मालाओं की बिक्री में कमी आई है। पिंकू रौनियार ने बताया कि पिछले लग्न के मुकाबले इस बार ऑर्डर में 30 फीसदी की गिरावट नोटों की माला में आई है। लोग शगुन के तौर पर छोटी मालाएं बनवा रहे हैं।
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पांच हजार में सज रही दूल्हे की बग्घी
जनवासे (बरात ठहरने के स्थान) से दुल्हन के द्वार तक का सफर घोड़ा बग्घी से करने का चलन बढ़ा है। दूल्हे के कार अथवा बग्घी की सजावट पर महंगाई का प्रभाव दिख रहा है। जनपद में फूलों के बड़े कारोबारी पारस माली ने बताया कि पिछले लग्न के मुकाबले इस बार फूलों के रेट में दोगुना अंतर है। सबसे ज्यादा विलायती व देसी गुलाब, ग्लैडियोलस के फूलों के रेट 10 रुपये स्टिक (नग) तक महंगे हो गए हैं। यह बढ़ोतरी थोक में महंगा फूल मिलने से करना पड़ा। बग्घी, कार, जयमाला स्टेज,मंडप और घरों की सजावट पर दोगुना खर्च पड़ रहा। पहले बग्घी सजावट तीन हजार तो अब पांच हजार में हो रही। रेट की बढ़ोतरी पर्दे, फूलों की बॉस्केट, रिबन रैपिंग, फैब्रिक नेट आदि के महंगे होने से करनी पड़ी।