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Maharajganj News: सेहत पर महंगाई की मार...अंग्रेजी दवाओं के दाम 10 प्रतिशत तक बढ़े
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बीपी, शुगर, उदर रोग से संबंधित दवाओं के मूल्य में इजाफा
केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन ने बताया सामान्य वार्षिक बढ़ोतरी
दवाओं के दाम में पांच से 10 प्रतिशत तक की हुई बढ़ोतरी
महराजगंज। ईंधन और खाद्य पदार्थों की महंगाई के बाद अब सेहत दुरुस्त रखने वाली दवाओं के दाम बढ़ गए हैं। इन दवाओं में शुगर व बीपी जैसे गंभीर रोगों के साथ बच्चों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल हैं। दवाओं के दाम में पांच से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
नये वित्तीय सत्र के दूसरे माह ही फार्मा सेक्टर की विभिन्न कंपनियों ने दवाओं के मूल्य में इजाफा किया है। यह बढ़ोतरी मई माह से प्रभावी हुई है जिसका असर आम लोगों पर पड़ना तय माना जा रहा है। मई की शुरुआत के साथ ही जीवन रक्षक और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कीमतों में 5 से 10 फीसदी तक का इजाफा दर्ज हुआ है। मेडिकल एंड ड्रग एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक चौरसिया ने इसे सामान्य बढ़ोतरी करार दिया है।
यह बढ़ोतरी केवल विशेष रोगों की दवा तक सीमित नहीं, बल्कि उन दवाओं के दाम भी बढ़े हैं जिनका उपयोग तमाम रोगी नियमित करते हैं। इससे जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने लगा है। दवा कारोबारी व मेडिकल एंड ड्रग एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक चौरसिया ने बताया कि कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कुछ दवाओं के रेट बढ़े हैं। इसे सामान्य वार्षिक बढोतरी मानी जा रही है।
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शुगर, ब्लड प्रेशर, लिवर, एसिडिटी, विटामिन और बच्चों की दवाएं इसमें शामिल हैं। निचलौल के दवा विक्रेता शंभू वर्मा ने बताया कि रेट बढ़ने के कारण महंगी ब्रांडेड दवाओं के बजाय अब लोग छोटे ब्रांड या सामान्य सॉल्ट वाली सस्ती दवा मांगने लगे हैं।ग्राहकों को बढ़े हुए रेट समझाना पड़ रहा।
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यूर्सोडिऑक्सीकॉलिक 924 रुपये से बढ़कर 1016 रुपये हुआ है। इसी प्रकार डैक्सोलेक 470 रुपये से 495, ग्लिमस्टार 117 की जगह 129 रुपये, लिव 52 सिरप 328 की जगह 351, डाईजिन 170 रुपये की जगह 180 रुपये, एमलोकाइंड 55 से 61 रुपये, गुड सेफ 84 से 92 रुपये, वेटनोवेट स्किन क्रीम 62 की जगह 68 रुपये और इविओन 81 से 89 रुपये हो गए हैं।
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केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन ने बताया सामान्य वार्षिक बढ़ोतरी
दवाओं के दाम में पांच से 10 प्रतिशत तक की हुई बढ़ोतरी
महराजगंज। ईंधन और खाद्य पदार्थों की महंगाई के बाद अब सेहत दुरुस्त रखने वाली दवाओं के दाम बढ़ गए हैं। इन दवाओं में शुगर व बीपी जैसे गंभीर रोगों के साथ बच्चों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल हैं। दवाओं के दाम में पांच से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
नये वित्तीय सत्र के दूसरे माह ही फार्मा सेक्टर की विभिन्न कंपनियों ने दवाओं के मूल्य में इजाफा किया है। यह बढ़ोतरी मई माह से प्रभावी हुई है जिसका असर आम लोगों पर पड़ना तय माना जा रहा है। मई की शुरुआत के साथ ही जीवन रक्षक और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कीमतों में 5 से 10 फीसदी तक का इजाफा दर्ज हुआ है। मेडिकल एंड ड्रग एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक चौरसिया ने इसे सामान्य बढ़ोतरी करार दिया है।
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यह बढ़ोतरी केवल विशेष रोगों की दवा तक सीमित नहीं, बल्कि उन दवाओं के दाम भी बढ़े हैं जिनका उपयोग तमाम रोगी नियमित करते हैं। इससे जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने लगा है। दवा कारोबारी व मेडिकल एंड ड्रग एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक चौरसिया ने बताया कि कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कुछ दवाओं के रेट बढ़े हैं। इसे सामान्य वार्षिक बढोतरी मानी जा रही है।
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शुगर, ब्लड प्रेशर, लिवर, एसिडिटी, विटामिन और बच्चों की दवाएं इसमें शामिल हैं। निचलौल के दवा विक्रेता शंभू वर्मा ने बताया कि रेट बढ़ने के कारण महंगी ब्रांडेड दवाओं के बजाय अब लोग छोटे ब्रांड या सामान्य सॉल्ट वाली सस्ती दवा मांगने लगे हैं।ग्राहकों को बढ़े हुए रेट समझाना पड़ रहा।
यूर्सोडिऑक्सीकॉलिक 924 रुपये से बढ़कर 1016 रुपये हुआ है। इसी प्रकार डैक्सोलेक 470 रुपये से 495, ग्लिमस्टार 117 की जगह 129 रुपये, लिव 52 सिरप 328 की जगह 351, डाईजिन 170 रुपये की जगह 180 रुपये, एमलोकाइंड 55 से 61 रुपये, गुड सेफ 84 से 92 रुपये, वेटनोवेट स्किन क्रीम 62 की जगह 68 रुपये और इविओन 81 से 89 रुपये हो गए हैं।