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Maharajganj News: बाॅर्डर से सटे झुलनीपुर में जमीन के पेच में उलझा औद्योगिक विकास
Tue, 15 Apr 2025 12:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 15 Apr 2025 12:53 AM IST
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महराजगंज। बाॅर्डर से सटे झुलनीपुर में औद्योगिक आस्थान विकसित करने में पेंच फंस गया है। अभी तक राजस्व परिषद ने उद्यम विभाग को जमीन हस्तांतरित नहीं की। ऐसे में उद्योग धंधों के विकास पर ग्रहण लग गया है।
इसके लिए अभी करीब तीन माह इंतजार करना होगा। शासन में फाइल लंबित है। विभाग की ओर से समय-समय पर पहल की जा रही है। दूसरी ओर कारोबारी आस लगाए बैठे हैं कि जमीन आवंटन हो जाए तो कार्रवाई आगे बढ़े। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक निगम ने इस पर आस्थान निर्माण की स्वीकृति दी है। झुलनीपुर में औद्योगिक क्षेत्र में फोर्टिफाइड चावल, प्लास्टिक कुर्सी, एल्युमिनियम रिंग समेत कई उद्योग आने वाले दिनों में विकसित होेंगे। इनमें 71 करोड़ रुपये का निवेश होगा। 600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। झुलनीपुर में बनने वाले औद्योगिक आस्थान में निवेश के लिए 28 लोगों ने भूमि मांगी है।
ये सभी कारोबारी जमीन मिलने का इंतजार कर रहे हैं। भारत-नेपाल सीमा से सटे निचलौल क्षेत्र के झुलनीपुर के पास सीलिंग की 39 एकड़ भूमि उपलब्धता है। यहां पर 25 एकड़ में औद्योगिक आस्थान विकसित करने की योजना बनी है। इस जमीन को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग को हैंड़ओवर नहीं किया गया है। झुलनीपुर गांव के नरेश पुल के पास मिले। उन्होंने बताया कि सुना था की क्षेत्र में उद्योग लगेंगे, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। अगर क्षेत्र में उद्योग लगेगा तो लोगों को काम मिलेगा। दिल्ली, मुंबई नहीं जाना पड़ेगा। झुलनीपुर गांव में जाने पर लोग आपस में बैठकर चर्चा कर रहे थे।
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यहां मिले ज्ञानप्रकाश कहने लगे की दिल्ली कि एक प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करता हूं। एक माह पहले घर आया हूं। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में काम मिलता तो कोई बाहर क्यों जाता? झुलनीपुर में औद्योगिक क्षेत्र बनने की बात दो साल पहले ही सुना था। लग रहा है कि यहां कुछ नहीं होगा। शुरू में उम्मीद जगी थी की आने वाले दिनों में फैक्ट्री लगेगी तो काम गांव में ही मिल जाएगा, लेकिन यह तो सपना बनकर रह गया है।
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इसके लिए अभी करीब तीन माह इंतजार करना होगा। शासन में फाइल लंबित है। विभाग की ओर से समय-समय पर पहल की जा रही है। दूसरी ओर कारोबारी आस लगाए बैठे हैं कि जमीन आवंटन हो जाए तो कार्रवाई आगे बढ़े। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक निगम ने इस पर आस्थान निर्माण की स्वीकृति दी है। झुलनीपुर में औद्योगिक क्षेत्र में फोर्टिफाइड चावल, प्लास्टिक कुर्सी, एल्युमिनियम रिंग समेत कई उद्योग आने वाले दिनों में विकसित होेंगे। इनमें 71 करोड़ रुपये का निवेश होगा। 600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। झुलनीपुर में बनने वाले औद्योगिक आस्थान में निवेश के लिए 28 लोगों ने भूमि मांगी है।
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ये सभी कारोबारी जमीन मिलने का इंतजार कर रहे हैं। भारत-नेपाल सीमा से सटे निचलौल क्षेत्र के झुलनीपुर के पास सीलिंग की 39 एकड़ भूमि उपलब्धता है। यहां पर 25 एकड़ में औद्योगिक आस्थान विकसित करने की योजना बनी है। इस जमीन को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग को हैंड़ओवर नहीं किया गया है। झुलनीपुर गांव के नरेश पुल के पास मिले। उन्होंने बताया कि सुना था की क्षेत्र में उद्योग लगेंगे, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। अगर क्षेत्र में उद्योग लगेगा तो लोगों को काम मिलेगा। दिल्ली, मुंबई नहीं जाना पड़ेगा। झुलनीपुर गांव में जाने पर लोग आपस में बैठकर चर्चा कर रहे थे।
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यहां मिले ज्ञानप्रकाश कहने लगे की दिल्ली कि एक प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करता हूं। एक माह पहले घर आया हूं। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में काम मिलता तो कोई बाहर क्यों जाता? झुलनीपुर में औद्योगिक क्षेत्र बनने की बात दो साल पहले ही सुना था। लग रहा है कि यहां कुछ नहीं होगा। शुरू में उम्मीद जगी थी की आने वाले दिनों में फैक्ट्री लगेगी तो काम गांव में ही मिल जाएगा, लेकिन यह तो सपना बनकर रह गया है।