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Maharajganj News: गले और कान का बढ़ रहा संक्रमण
Thu, 01 May 2025 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 01 May 2025 12:56 AM IST
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महराजगंज। पहले तेजी से बढ़ा तापमान और अब गिरे तापमान के बीच खानपान गले और कान का संक्रमण बढ़ा रहा है। धूप से आते ही फ्रिज से अधिक ठंड पानी और आइसक्रीम का उपयोग लोगों ने गर्मी से निजात के लिए किया, लेकिन अत्यधिक ठंडे खाद्य पदार्थों ने उन्हें संक्रमण दे दिया।
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में गले के संक्रमण से आठ और कान संक्रमण के पांच मरीज उपचार के लिए पहुंचे। बुधवार को जिला अस्पताल में 767 रोगियों का उपचार किया गया। कान और गले के मरीज अधिक रहे। इनमें बच्चों से लेकर बड़े तक शामिल रहे। बच्चों के टॉन्सिल से सूजन तो बड़ों में कान का दर्द (ओटाइटिस एम) के लक्षण दिखे।
नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ डाॅ. अनिरुद्ध ने बताया कि दोनों समस्याएं सिर्फ अधिक ठंडी चीजों के सेवन से बढ़ी हैं। दाेनों ही रोगों में अगर समय से इलाज न मिले तो गंभीर बीमारी हो सकती है।
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कान का संक्रमण (ओटाइटिस एम) में तो कान का पर्दा तक क्षतिग्रस्त हो सकता है। धूप से आकर लोग ठंडा पानी पीते हैं। साथ ही आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, बर्फ का गोला बच्चे अधिक खाते हैं। इससे आवाज बैठने, टांसिल और कान संक्रमण झेलते हैं।
इन दिनों ऐसे मरीज बढ़े हैं। ईएनटी चिकित्सक ने कहा कि टाॅन्सिल में सूजन की समस्या और संक्रमण से कान में दर्द की समस्या हो रही है। टॉन्सिल में गहरे ग्रे या सफेद रंग की झिल्ली जैसी संरचना जम जाती है जो सांस की दिक्कत उत्पन्न करती है।
आने वाले रोगियों को खानपान में सावधानी बताकर दवाएं दी जा रही हैं। सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने बताया कि तापमान का चढ़ता उतरता क्रम रोगों में इजाफा कर रहा है। आने वाले रोगियों को जांच के बाद उपचार सुविधा दी जा रही हैं।
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बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में गले के संक्रमण से आठ और कान संक्रमण के पांच मरीज उपचार के लिए पहुंचे। बुधवार को जिला अस्पताल में 767 रोगियों का उपचार किया गया। कान और गले के मरीज अधिक रहे। इनमें बच्चों से लेकर बड़े तक शामिल रहे। बच्चों के टॉन्सिल से सूजन तो बड़ों में कान का दर्द (ओटाइटिस एम) के लक्षण दिखे।
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नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ डाॅ. अनिरुद्ध ने बताया कि दोनों समस्याएं सिर्फ अधिक ठंडी चीजों के सेवन से बढ़ी हैं। दाेनों ही रोगों में अगर समय से इलाज न मिले तो गंभीर बीमारी हो सकती है।
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कान का संक्रमण (ओटाइटिस एम) में तो कान का पर्दा तक क्षतिग्रस्त हो सकता है। धूप से आकर लोग ठंडा पानी पीते हैं। साथ ही आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, बर्फ का गोला बच्चे अधिक खाते हैं। इससे आवाज बैठने, टांसिल और कान संक्रमण झेलते हैं।
इन दिनों ऐसे मरीज बढ़े हैं। ईएनटी चिकित्सक ने कहा कि टाॅन्सिल में सूजन की समस्या और संक्रमण से कान में दर्द की समस्या हो रही है। टॉन्सिल में गहरे ग्रे या सफेद रंग की झिल्ली जैसी संरचना जम जाती है जो सांस की दिक्कत उत्पन्न करती है।
आने वाले रोगियों को खानपान में सावधानी बताकर दवाएं दी जा रही हैं। सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने बताया कि तापमान का चढ़ता उतरता क्रम रोगों में इजाफा कर रहा है। आने वाले रोगियों को जांच के बाद उपचार सुविधा दी जा रही हैं।