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ईंट के दाम बढ़ाने को डीएम से मिले
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 10 May 2018 01:10 AM IST
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ईंट के दाम बढ़ाने को डीएम से मिले
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। सीमेंट एवं ईंट का मूल्य बढ़ने से परेशान अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन के लोग बुधवार को जिलाधिकारी से मिले तथा मुख्यमंत्री को संबोधित छह सूत्री मांग पत्र सौंपा। इसमें ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी के आदेश पर दो मई 2018 से ग्राम निधि के प्रथम खाते पर लगाई गई रोक को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग भी की है।
ग्राम प्रधानों ने ज्ञापन में कहा है कि दो अक्टूबर 2018 तक जिले को खुले में शौचमुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सभी प्रधान लक्ष्य की पूर्ति मेे लगे भी हैं। मगर मांग के अनु़रूप शौचालय के लिए रकम नहीं मिल पा रही है। जिससे काम में दिक्कतें आ रही हैं। ग्राम पंचायतों के कार्य के लिए सीमेंट का मूल्य 225 रुपये प्रति बोरी तो ईंट का मूल्य 5800 रुपये प्रति हजार निर्धारित किया गया है। जबकि बाजार में सीमेंट प्रति बोरी 375 रुपये तो ईंट 6500 रुपये प्रति हजार है। ऐसी सि्थति में लक्ष्य के अनुरूप शौचालयों के निर्माण व अन्य विकास कार्यों के लिए सीमेंट व ईंट के मूल्य में वृद्धि की जानी जरूरी है। प्रधानों ने यह भी कहा है कि ग्राम पंचायतों की सार्वजनिक भूमि पर जगह जगह अतिक्रमण किया गया है। जिसे अभियान चलवाकर तत्काल हटवाया जाए। गांव की सड़कों के किनारे जगह जगह गोबर आदि रखकर भी अवैध कब्जा किया गया है। जिससे स्वच्छ भारत मिशन को झटका लग रहा है। कुछ लाभार्थियों के खाते में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास का धन अभी नही अवमुक्त हुआ। उसे अवमुक्त कराया जाए। विकास कार्यो का संपादन कराने में आए दिन अराजकतत्वों द्वारा ग्राम प्रधानों पर हमले किए जा रहे हैं जिस पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। डीएम को पत्रक देने वाले ग्राम प्रधानों में विद्यासागर यादव, राजू दूबे, रमेश सिंह, अब्दुल अलीम, महबूब, बृजभान, कैलाश प्रजापति, जयप्रकाश आदि शामिल रहे।
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ग्राम प्रधानों ने ज्ञापन में कहा है कि दो अक्टूबर 2018 तक जिले को खुले में शौचमुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सभी प्रधान लक्ष्य की पूर्ति मेे लगे भी हैं। मगर मांग के अनु़रूप शौचालय के लिए रकम नहीं मिल पा रही है। जिससे काम में दिक्कतें आ रही हैं। ग्राम पंचायतों के कार्य के लिए सीमेंट का मूल्य 225 रुपये प्रति बोरी तो ईंट का मूल्य 5800 रुपये प्रति हजार निर्धारित किया गया है। जबकि बाजार में सीमेंट प्रति बोरी 375 रुपये तो ईंट 6500 रुपये प्रति हजार है। ऐसी सि्थति में लक्ष्य के अनुरूप शौचालयों के निर्माण व अन्य विकास कार्यों के लिए सीमेंट व ईंट के मूल्य में वृद्धि की जानी जरूरी है। प्रधानों ने यह भी कहा है कि ग्राम पंचायतों की सार्वजनिक भूमि पर जगह जगह अतिक्रमण किया गया है। जिसे अभियान चलवाकर तत्काल हटवाया जाए। गांव की सड़कों के किनारे जगह जगह गोबर आदि रखकर भी अवैध कब्जा किया गया है। जिससे स्वच्छ भारत मिशन को झटका लग रहा है। कुछ लाभार्थियों के खाते में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास का धन अभी नही अवमुक्त हुआ। उसे अवमुक्त कराया जाए। विकास कार्यो का संपादन कराने में आए दिन अराजकतत्वों द्वारा ग्राम प्रधानों पर हमले किए जा रहे हैं जिस पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। डीएम को पत्रक देने वाले ग्राम प्रधानों में विद्यासागर यादव, राजू दूबे, रमेश सिंह, अब्दुल अलीम, महबूब, बृजभान, कैलाश प्रजापति, जयप्रकाश आदि शामिल रहे।
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