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बस में आग लगी तो बचाव होगा मुशि्कल

Tue, 08 May 2018 12:28 AM IST
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो) Updated Tue, 08 May 2018 12:28 AM IST
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If there was a fire, the rescue would be dificult.
बस में आग लगी तो बचाव होगा मुशि्कल - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। रोडवेज की बसों में आग बुझाने के मुकम्मल इंतजाम नहीं है। ज्यादातर बसों में लगे अग्निशमन यंत्र शो पीस बनकर रह गए हैं। परिवहन विभाग के करीब आधा दर्जन बसों में अग्निशमन यंत्र लगे ही नहीं है। कई बसों में लगे अग्निशमन यंत्र रखरखाव के अभाव में खराब हो चुके हैं। ऐसे में आग लगने पर यात्रियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। 
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  महत्वपूर्ण बात यह है कि परिवहन निगम की बसों के संचालन के लिए तैनात चालकों को ही पता नहीं है कि अग्निशमन यंत्र कब रिफिल किए गए। उधर, मार्च महीने में प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों को अग्निशमन यंत्रों को दुरुस्त कराने का निर्देश जारी किया था लेकिन इस आदेश का भी असर नहीं दिख रहा है। प्रदेश के परिवहन मंत्री व परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक रोडवेज बसों को हाईटेक करने व यात्री सुविधाओं में सुधार किए जाने का दावा कर रहे हैं। परंतु वास्तविक स्थिति यह है कि रोडवेज की बसों में सफर करना यात्रियों के लिए किसी खतरे से कम नहीं है। निचलौल डिपो में शामिल करीब 44 बसों में से अधिकांश बसों में फर्स्ट एड बॉक्स भी खाली पड़े हुए हैं। उनमें प्राथमिक उपचार से संबंधित सामान नहीं हैं। डिपो की बसों में लगे अग्निशमन यंत्र धूल फांक रहे हैं। यह स्थिति तब है जबकि रोडवेज की बसों से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर कर रहे हैं। रोडवेज की बसों में सफर करने वाले यात्रियों की जिंदगी खतरे में हैं। गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं ज्यादा होती हैं। इसके बाद भी अधिकारी यात्रियों की सुरक्षा के प्रति संजीदा नहीं है। अधिकांश बसों में अग्निशमन यंत्र खराब पड़े हैं। कई बसों में एक्सपायरी डेट के कॉलम तक नहीं लिखे दिखे। अग्निशमन यंत्रों पर धूल पड़े दिखे। महराजगंज से गोरखपुर मार्ग के चालकों और परिचालकों ने बताया कि उन्हें खुद ही नहीं पता कि अग्निशमन यंत्रों को कब रिफिल किया गया है। चालकों ने सिस्टम की पोल खोली तो एआरएम ने सब कुछ ठीक होने का दावा किया है। यातायात नियमों के तहत प्रत्येक बस में अग्निशमन यंत्र होना जरूरी है, जबकि रोडवेज प्रबंधन इसकी अनदेखी कर रहा है। 
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