{"_id":"68e01e9bc9a1a71c7f02acc5","slug":"idols-of-goddess-durga-were-immersed-with-moist-eyes-maharajganj-news-c-206-1-go11002-161026-2025-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: नम आंखों से विसर्जित हुईं मां दुर्गा की प्रतिमाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: नम आंखों से विसर्जित हुईं मां दुर्गा की प्रतिमाएं
विज्ञापन
विसर्जन के लिए लगी दुर्गा प्रतिमाओं की कतार।
महराजगंज। दुर्गा महोत्सव पर जिला मुख्यालय के आसपास व विभिन्न वार्डों में स्थापित देवी प्रतिमाओं का विसर्जन गाजे-बाजे के साथ बृहस्पतिवार को संपन्न हुआ। त्रिमुहानी घाट पर लगभग 50 स्थानों पर स्थापित प्रतिमाएं शांतिपूर्ण तरीके से देर रात तक विसर्जित कराई गई। हालांकि विसर्जन के दौरान दुर्गा मंदिर समिति और प्रशासन के बीच ऊपर या नीचे से प्रतिमा विसर्जन को लेकर हल्की नोकझोंक हुई, लेकिन प्रशासन ने स्थिति संभालते हुए विसर्जन नीचे उतारकर विसर्जित कराने में सफलता प्राप्त की।
शारदीय नवरात्रि पर नगर पालिका परिषद महराजगंज के विभिन्न वार्डों में कुल 30 स्थानों पर दुर्गा महोत्सव के तहत प्रतिमा स्थापित हुई थी। इसके अलावा मुख्यालय से सटे क्षेत्रों में स्थापित 20 प्रतिमाएं भी त्रिमुहानी में ही विसर्जित कराई गई। विसर्जन स्थल पर प्रशासन ने बैरीकेडिंग व प्रकाश व्यवस्था के साथ पर्याप्त संख्या में फोर्स के इंतजाम कर रखे थे। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की मौजूदगी विसर्जन स्थल पर लगभग पूरे समय बनी रही जिसके कारण किसी तरह का अवरोध नहीं हो सका और प्रशासन ने विसर्जन में अपने नियमों का अक्षरशः अनुपालन कराया। प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे नाचते-गाते और कलाबाजी का प्रदर्शन करते युवा श्रद्धालुओं संग निकलकर सक्सेना चौराहे पर पहुंची। यहां अन्य क्षेत्रों की प्रतिमा भी समिति के लोग लेकर जुटने लगे। सक्सेना चौराहे पर शाम छह बजे तक प्रतिमाएं कतारबद्ध होती रहीं और इस समय सीमा के बीच मंदिर के बजरंग अखाड़े ने कलाबाजी का प्रदर्शन भी किया। लाठी के साथ करतब इतना आकर्षक रहा कि सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया भी लाठी थामकर युवाओं के साथ कलाबाजी दिखाने में मशगूल दिखे। लाठी के अलावा हंटर व आग से खेलकर भी कलाबाजी दिखाई जिसका लुत्फ लेने कस्बे में भीड़ की अधिकता और मेले जैसा माहौल दिखा। शाम छह बजे के बाद प्रतिमाएं फरेंदा हाइवे से होकर त्रिमुहानी घाट की तरफ निकलीं जहां विसर्जन लगभग डेढ़ बजे रात तक चला। घाट पर प्रकाश व्यवस्था के साथ बैरिकेडिंग पहले से रही जिससे किसी तरह की असुविधा जैसी स्थिति नहीं उत्पन्न होने पाई।
-- -- -- -- -- --
मंदिर समिति का प्रशासन पर मनमानी का आरोप
प्रतिमा विसर्जन के दौरान दुर्गा मंदिर की प्रधान समिति पुजारी अवधेश ने प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप लगाया। वहीं प्रशासन ने इससे इन्कार करते हुए सभी विसर्जन कार्य तय रूपरेखा के अनुरूप पूर्ण करने की बात कही। मंदिर समिति के अवधेश ने कहा कि हर बार देवी प्रतिमा का विसर्जन पुल से ही होता रहा, क्योंकि घाट तक भारी प्रतिमा लेकर उतरना कठिन होता है, लेकिन प्रशासन ने मूर्तियों को घाट तक उतारकर ले जाने का दबाव बनाया। किसी तरह छोटी मूर्ति घाट तक पहुंचाई गई। लेकिन मूर्ति ले जाते वक्त ट्रैक्टर व पिकप घाट के बालू में धंसकर खिसकने में भी दिक्कत पैदा करते रहे। किसी तरह बड़ी मूर्ति घाट तक श्रद्धालु लेकर पहुंचे। प्रशासन की टीम हाइड्रा मशीन बेल्ट से बांधकर प्रतिमा मशीन से छूटकर पलट गई इससे समिति के लोगों व प्रशासन से कहा सुनी हो गई, लेकिन मौके पर मौजूद डीएम व एसडीएम ने तत्काल हाइड्रा में अतिरिक्त बेल्ट लगवाकर प्रतिमा विसर्जित करा दी।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- --
नगर क्षेत्र से विसर्जन घाट तक पुख्ता इंतजाम
- बृहस्पतिवार को प्रतिमा विसर्जन में किसी तरह की समस्या न उत्पन्न होने पाए इसके लिए पुख्ता इंतजाम रहे। एडिशनल एसपी सिद्धार्थ ने बताया कि सक्सेना चौक पर पहुंची विसर्जित होने वाली प्रतिमाएं एकत्र होकर एक साथ विसर्जन घाट के लिए निकलीं। सक्सेना चौराहे पर पहुंची प्रतिमा व अखाड़ों के करतब की सीसीटीवी निगरानी रखी गई। पर्याप्त पुलिस फोर्स प्रतिमा के आसपास मुस्तैद रखी गई। फरेंदा हाइवे पर भी उद्योग चौराहा व अन्य मार्गों पर बैरिकेडिंग व पुलिस की तैनाती रही। विसर्जन स्थल पर पर्याप्त फोर्स का प्रबंध रहा और पुलिस अधीक्षक खुद वहां की व्यवस्था देख रहे थे। विसर्जन स्थल पर भी ड्रोन व पुल पर अस्थाई सीसीटीवी लगाकर पूरे विसर्जन व्यवस्था की निगरानी होती रही। पर्याप्त फोर्स विसर्जन स्थल पर रखी गई जिससे प्रतिमाओं का विसर्जन एक- एक कर कराने में सहूलियत रही। घाट पर पर्याप्त नाव और अच्छे तैराकों का प्रबंध रहा। किसी तरह की समस्या विसर्जन में नहीं उत्पन्न होने पाई और सकुशल सभी प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्ण कराया गया।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
मंगल कामना के बाद नम आंखों से मां दुर्गा की हुई विदाई
निचलौल। शारदीय नवरात्र में शहर से लेकर ग्रामीणों इलाकों तक श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर मंगल कामना के लिए विधि विधान से पूजन-अर्चन किया। वहीं नवरात्र बीतने के बाद लोग वाहन से मां की प्रतिमा को गाजे-बाजे के साथ विसर्जन स्थल पर पहुंचे। जहां पर श्रद्धालुओं ने पुलिस प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा को नम आंखों के साथ विदाई कर मंगल कामना के लिए आशीर्वाद मांगा।
जानकारी के मुताबिक, थाना क्षेत्र में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कुल 110 मां दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई थीं। वहीं नवरात्र के बाद इन प्रतिमाओं को श्रद्धालुओं की ओर से 15 विसर्जन स्थलों पर विसर्जन किया गया। विसर्जन स्थल चमनगंज नहर पुल, झुलनीपुर नहर पुल, तेरह चार नहर पुल, हरदी नहर पुल, मदनपुरा नहर पुल, जिला गोसदन नाला पुल, टेल फॉल, कलनही नहर पुल, सात पांच नहर पुल सहित अन्य विसर्जन स्थलों पर पूरे दिन माता के भक्ति गीत और जयकारे गूंजते रहे। इस बीच देवी गीतों की धुन पर श्रद्धालु मदमस्त होकर अबीर गुलाल के साथ झूमते नाचते भी रहे। देवी मां की भक्ति में लीन हो भक्त मां के रंग में रंगे हुए थे। हर गली और सड़क से देवी की विसर्जन यात्रा निकल रही थी। जगह जगह लाउडस्पीकर बज रहे थे। साथ ही लोग भंडारों में प्रसाद ग्रहण कर रहे थे। विसर्जन यात्रा में महिलाएं भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती दिखाई दी।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
अड्डा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार बृहस्पतिवार को विजयदशमी पर्व पर श्रद्धालुओं ने पंडालों में भंडारा का आयोजन किया। शाम को मूर्तियां निकटवर्ती नदियों में विसर्जित करने के लिए पंडाल से निकाली गईं। पुलिस और राजस्व कर्मियों की मौजूदगी में देर रात तक विसर्जन का सिलसिला जारी रहा। एहतियातन शाम 5 से रात 11 तक बिजली सप्लाई बंद दी गई थी, ताकि करंट लगने से कोई दुर्घटना न होने पाए।
अड्डा बाजार समेत इस चौकी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में कुल 16 और संपतिहा चौकी क्षेत्र में 11 पंडाल लगाए गए थे। शाम के वक्त पंडालों से ट्रैक्टर-ट्राॅली पर मूर्तियां रखकर डीजे साउण्ड के भक्ति गीतों पर थिरकते जयकारे लगाते और अबीर गुलाल उड़ाते युवकों का समूह नदी को प्रस्थान किया। रास्ते में दर्शनार्थी महिलाओं पुरुषों को प्रसाद वितरण होता रहा। दिन ढलते मूर्तियां नदी तक पहुंचने लगीं। बारी-बारी से विधि-विधान से मूर्तियां विसर्जित की गईं। छितरापार, मुड़ेहरा, संपतिहा, बैरिया बाजार, कौलही की दुर्गा मूर्तियां डंडा नदी में, पिपरिया, परसौनी कला, बरवांखुर्द, गजरहीं, चमैनियां उर्फ भेड़ही, भैसहिया पाठक, बैजनाथपुर उर्फ चरका, करैलियां, भरपुरवां और अड्डा बाजार की मूर्तियां डूड़ी नदी में विसर्जित की गईं। वहीं सिंहपुर, रामनगर, धोतियहवां, मणि चौराहा की मूर्तियां रोहिन नदी में विसर्जित की गईं। संपतिहा चौकी इंचार्ज जय हिंद ने बताया कि मुड़ेहरा, बैरिया बाजार, पैसिया बाबू, चड़लहा और छितरापार की मूर्तियां शुक्रवार को दिन में विसर्जित हुईं।
खनुआ प्रतिनिधि के अनुसार, भारत नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों की दुर्गा प्रतिमाओं का सकुशल विसर्जन किया गया। सोनौली थानाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम से लेकर देर रात तक थाना क्षेत्र के हरदीडाली, कैथवलिया उर्फ, खनुआ,महुअवा, कुनसेरवा आदि स्थानों की दुर्गा प्रतिमा डंडा नदी में सकुशल विर्सजित हुईं।
परसामलिक प्रतिनिधि के अनुसार, नौतनवा ब्लॉक के रतनपुर स्थित रोहिन नदी में ग्रामीण क्षेत्र की दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न हुआ। मूर्ति विसर्जन के दौरान तहसील व पुलिस प्रशासन जगह-जगह घाटों पर मुस्तैद रहा। मूर्तियां गाजे बाजे के साथ रंग गुलाल उड़ाते हुए विसर्जित की गईं। मां की अंतिम बिदाई में सैकडों की संख्या में महिला पुरूष,युवक शामिल रहे। नौतनवा थाना क्षेत्र के रतनपुर खास, परसाजोतिया व कोहड़वल की मूर्तियों का विसर्जन रोहिन नदी के मोतीपुर घाट पर हुआ। मिश्रवलिया बाजार, सेमरतर चौराहा, परसासुमाली, जगरनाथपुर की मूर्तियों का विसर्जन रोहिन नदी के मिश्रवलिया घाट पर हुआ। वहीं परसामलिक थाना क्षेत्र के पेड़ारी, निपनिया, श्रीरामपुर, महदेइया, बोदनी आदि गांव की दुर्गा प्रतिमाएं बकुलादह में रोहिन नदी घाट पर और बोदरवार, पंडितपुर, जमुहानी आदि गांव की मूर्तियां जमुहानी घाट पर विसर्जित हुईं। विसर्जन के दौरान परसामलिक थाना प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार राय, नौतनवा थानाध्यक्ष पुरूषोतम राव मौजूद रहे।
मिठौरा प्रतिनिधि के अनुसार सिंदुरिया थानाक्षेत्र के सिंदुरिया, रामपुरमीर,लेदवा,पतरेंगवा,सोनवल,मधुबनी,पकड़ियारबुजुर्ग,पिपरा कल्याण,परसामीर, सहित अन्य ग्राम सभाओं,चौराहों पर स्थापित मूर्तियां धूम-धाम से गाजे बाजे के साथ सिंदुरिया स्थित नारायणी नहर में विसर्जित की गईं। इस दौरान थाना प्रभारी सिंदुरिया राजकुमार सिंह पुलिस के जवानों के साथ मौजूद रहे।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
शारदीय नवरात्रि पर नगर पालिका परिषद महराजगंज के विभिन्न वार्डों में कुल 30 स्थानों पर दुर्गा महोत्सव के तहत प्रतिमा स्थापित हुई थी। इसके अलावा मुख्यालय से सटे क्षेत्रों में स्थापित 20 प्रतिमाएं भी त्रिमुहानी में ही विसर्जित कराई गई। विसर्जन स्थल पर प्रशासन ने बैरीकेडिंग व प्रकाश व्यवस्था के साथ पर्याप्त संख्या में फोर्स के इंतजाम कर रखे थे। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की मौजूदगी विसर्जन स्थल पर लगभग पूरे समय बनी रही जिसके कारण किसी तरह का अवरोध नहीं हो सका और प्रशासन ने विसर्जन में अपने नियमों का अक्षरशः अनुपालन कराया। प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे नाचते-गाते और कलाबाजी का प्रदर्शन करते युवा श्रद्धालुओं संग निकलकर सक्सेना चौराहे पर पहुंची। यहां अन्य क्षेत्रों की प्रतिमा भी समिति के लोग लेकर जुटने लगे। सक्सेना चौराहे पर शाम छह बजे तक प्रतिमाएं कतारबद्ध होती रहीं और इस समय सीमा के बीच मंदिर के बजरंग अखाड़े ने कलाबाजी का प्रदर्शन भी किया। लाठी के साथ करतब इतना आकर्षक रहा कि सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया भी लाठी थामकर युवाओं के साथ कलाबाजी दिखाने में मशगूल दिखे। लाठी के अलावा हंटर व आग से खेलकर भी कलाबाजी दिखाई जिसका लुत्फ लेने कस्बे में भीड़ की अधिकता और मेले जैसा माहौल दिखा। शाम छह बजे के बाद प्रतिमाएं फरेंदा हाइवे से होकर त्रिमुहानी घाट की तरफ निकलीं जहां विसर्जन लगभग डेढ़ बजे रात तक चला। घाट पर प्रकाश व्यवस्था के साथ बैरिकेडिंग पहले से रही जिससे किसी तरह की असुविधा जैसी स्थिति नहीं उत्पन्न होने पाई।
विज्ञापन
मंदिर समिति का प्रशासन पर मनमानी का आरोप
प्रतिमा विसर्जन के दौरान दुर्गा मंदिर की प्रधान समिति पुजारी अवधेश ने प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप लगाया। वहीं प्रशासन ने इससे इन्कार करते हुए सभी विसर्जन कार्य तय रूपरेखा के अनुरूप पूर्ण करने की बात कही। मंदिर समिति के अवधेश ने कहा कि हर बार देवी प्रतिमा का विसर्जन पुल से ही होता रहा, क्योंकि घाट तक भारी प्रतिमा लेकर उतरना कठिन होता है, लेकिन प्रशासन ने मूर्तियों को घाट तक उतारकर ले जाने का दबाव बनाया। किसी तरह छोटी मूर्ति घाट तक पहुंचाई गई। लेकिन मूर्ति ले जाते वक्त ट्रैक्टर व पिकप घाट के बालू में धंसकर खिसकने में भी दिक्कत पैदा करते रहे। किसी तरह बड़ी मूर्ति घाट तक श्रद्धालु लेकर पहुंचे। प्रशासन की टीम हाइड्रा मशीन बेल्ट से बांधकर प्रतिमा मशीन से छूटकर पलट गई इससे समिति के लोगों व प्रशासन से कहा सुनी हो गई, लेकिन मौके पर मौजूद डीएम व एसडीएम ने तत्काल हाइड्रा में अतिरिक्त बेल्ट लगवाकर प्रतिमा विसर्जित करा दी।
विज्ञापन
नगर क्षेत्र से विसर्जन घाट तक पुख्ता इंतजाम
- बृहस्पतिवार को प्रतिमा विसर्जन में किसी तरह की समस्या न उत्पन्न होने पाए इसके लिए पुख्ता इंतजाम रहे। एडिशनल एसपी सिद्धार्थ ने बताया कि सक्सेना चौक पर पहुंची विसर्जित होने वाली प्रतिमाएं एकत्र होकर एक साथ विसर्जन घाट के लिए निकलीं। सक्सेना चौराहे पर पहुंची प्रतिमा व अखाड़ों के करतब की सीसीटीवी निगरानी रखी गई। पर्याप्त पुलिस फोर्स प्रतिमा के आसपास मुस्तैद रखी गई। फरेंदा हाइवे पर भी उद्योग चौराहा व अन्य मार्गों पर बैरिकेडिंग व पुलिस की तैनाती रही। विसर्जन स्थल पर पर्याप्त फोर्स का प्रबंध रहा और पुलिस अधीक्षक खुद वहां की व्यवस्था देख रहे थे। विसर्जन स्थल पर भी ड्रोन व पुल पर अस्थाई सीसीटीवी लगाकर पूरे विसर्जन व्यवस्था की निगरानी होती रही। पर्याप्त फोर्स विसर्जन स्थल पर रखी गई जिससे प्रतिमाओं का विसर्जन एक- एक कर कराने में सहूलियत रही। घाट पर पर्याप्त नाव और अच्छे तैराकों का प्रबंध रहा। किसी तरह की समस्या विसर्जन में नहीं उत्पन्न होने पाई और सकुशल सभी प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्ण कराया गया।
मंगल कामना के बाद नम आंखों से मां दुर्गा की हुई विदाई
निचलौल। शारदीय नवरात्र में शहर से लेकर ग्रामीणों इलाकों तक श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर मंगल कामना के लिए विधि विधान से पूजन-अर्चन किया। वहीं नवरात्र बीतने के बाद लोग वाहन से मां की प्रतिमा को गाजे-बाजे के साथ विसर्जन स्थल पर पहुंचे। जहां पर श्रद्धालुओं ने पुलिस प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा को नम आंखों के साथ विदाई कर मंगल कामना के लिए आशीर्वाद मांगा।
जानकारी के मुताबिक, थाना क्षेत्र में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कुल 110 मां दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई थीं। वहीं नवरात्र के बाद इन प्रतिमाओं को श्रद्धालुओं की ओर से 15 विसर्जन स्थलों पर विसर्जन किया गया। विसर्जन स्थल चमनगंज नहर पुल, झुलनीपुर नहर पुल, तेरह चार नहर पुल, हरदी नहर पुल, मदनपुरा नहर पुल, जिला गोसदन नाला पुल, टेल फॉल, कलनही नहर पुल, सात पांच नहर पुल सहित अन्य विसर्जन स्थलों पर पूरे दिन माता के भक्ति गीत और जयकारे गूंजते रहे। इस बीच देवी गीतों की धुन पर श्रद्धालु मदमस्त होकर अबीर गुलाल के साथ झूमते नाचते भी रहे। देवी मां की भक्ति में लीन हो भक्त मां के रंग में रंगे हुए थे। हर गली और सड़क से देवी की विसर्जन यात्रा निकल रही थी। जगह जगह लाउडस्पीकर बज रहे थे। साथ ही लोग भंडारों में प्रसाद ग्रहण कर रहे थे। विसर्जन यात्रा में महिलाएं भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती दिखाई दी।
अड्डा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार बृहस्पतिवार को विजयदशमी पर्व पर श्रद्धालुओं ने पंडालों में भंडारा का आयोजन किया। शाम को मूर्तियां निकटवर्ती नदियों में विसर्जित करने के लिए पंडाल से निकाली गईं। पुलिस और राजस्व कर्मियों की मौजूदगी में देर रात तक विसर्जन का सिलसिला जारी रहा। एहतियातन शाम 5 से रात 11 तक बिजली सप्लाई बंद दी गई थी, ताकि करंट लगने से कोई दुर्घटना न होने पाए।
अड्डा बाजार समेत इस चौकी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में कुल 16 और संपतिहा चौकी क्षेत्र में 11 पंडाल लगाए गए थे। शाम के वक्त पंडालों से ट्रैक्टर-ट्राॅली पर मूर्तियां रखकर डीजे साउण्ड के भक्ति गीतों पर थिरकते जयकारे लगाते और अबीर गुलाल उड़ाते युवकों का समूह नदी को प्रस्थान किया। रास्ते में दर्शनार्थी महिलाओं पुरुषों को प्रसाद वितरण होता रहा। दिन ढलते मूर्तियां नदी तक पहुंचने लगीं। बारी-बारी से विधि-विधान से मूर्तियां विसर्जित की गईं। छितरापार, मुड़ेहरा, संपतिहा, बैरिया बाजार, कौलही की दुर्गा मूर्तियां डंडा नदी में, पिपरिया, परसौनी कला, बरवांखुर्द, गजरहीं, चमैनियां उर्फ भेड़ही, भैसहिया पाठक, बैजनाथपुर उर्फ चरका, करैलियां, भरपुरवां और अड्डा बाजार की मूर्तियां डूड़ी नदी में विसर्जित की गईं। वहीं सिंहपुर, रामनगर, धोतियहवां, मणि चौराहा की मूर्तियां रोहिन नदी में विसर्जित की गईं। संपतिहा चौकी इंचार्ज जय हिंद ने बताया कि मुड़ेहरा, बैरिया बाजार, पैसिया बाबू, चड़लहा और छितरापार की मूर्तियां शुक्रवार को दिन में विसर्जित हुईं।
खनुआ प्रतिनिधि के अनुसार, भारत नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों की दुर्गा प्रतिमाओं का सकुशल विसर्जन किया गया। सोनौली थानाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम से लेकर देर रात तक थाना क्षेत्र के हरदीडाली, कैथवलिया उर्फ, खनुआ,महुअवा, कुनसेरवा आदि स्थानों की दुर्गा प्रतिमा डंडा नदी में सकुशल विर्सजित हुईं।
परसामलिक प्रतिनिधि के अनुसार, नौतनवा ब्लॉक के रतनपुर स्थित रोहिन नदी में ग्रामीण क्षेत्र की दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न हुआ। मूर्ति विसर्जन के दौरान तहसील व पुलिस प्रशासन जगह-जगह घाटों पर मुस्तैद रहा। मूर्तियां गाजे बाजे के साथ रंग गुलाल उड़ाते हुए विसर्जित की गईं। मां की अंतिम बिदाई में सैकडों की संख्या में महिला पुरूष,युवक शामिल रहे। नौतनवा थाना क्षेत्र के रतनपुर खास, परसाजोतिया व कोहड़वल की मूर्तियों का विसर्जन रोहिन नदी के मोतीपुर घाट पर हुआ। मिश्रवलिया बाजार, सेमरतर चौराहा, परसासुमाली, जगरनाथपुर की मूर्तियों का विसर्जन रोहिन नदी के मिश्रवलिया घाट पर हुआ। वहीं परसामलिक थाना क्षेत्र के पेड़ारी, निपनिया, श्रीरामपुर, महदेइया, बोदनी आदि गांव की दुर्गा प्रतिमाएं बकुलादह में रोहिन नदी घाट पर और बोदरवार, पंडितपुर, जमुहानी आदि गांव की मूर्तियां जमुहानी घाट पर विसर्जित हुईं। विसर्जन के दौरान परसामलिक थाना प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार राय, नौतनवा थानाध्यक्ष पुरूषोतम राव मौजूद रहे।
मिठौरा प्रतिनिधि के अनुसार सिंदुरिया थानाक्षेत्र के सिंदुरिया, रामपुरमीर,लेदवा,पतरेंगवा,सोनवल,मधुबनी,पकड़ियारबुजुर्ग,पिपरा कल्याण,परसामीर, सहित अन्य ग्राम सभाओं,चौराहों पर स्थापित मूर्तियां धूम-धाम से गाजे बाजे के साथ सिंदुरिया स्थित नारायणी नहर में विसर्जित की गईं। इस दौरान थाना प्रभारी सिंदुरिया राजकुमार सिंह पुलिस के जवानों के साथ मौजूद रहे।