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एईएस के तीन और मरीज भर्ती होने से महकमा सतर्क
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जिला अस्पताल में एईएस के मरीज की जांच करती स्टॉफ नर्स।
- फोटो : MAHARAJGANJ
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एईएस के तीन और मरीज भर्ती होने से महकमा सतर्क
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। मौसम के बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल के जेई-एईएस वार्ड में एईएस के तीन और मरीज भर्ती हुए हैं। एक सप्ताह में एईएस के तीन नए मरीज भर्ती होने से स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। यहां एईएस के दो मरीजों का करीब एक माह से इलाज चल रहा है। इस बीच तीन और मरीज भर्ती होने से इनकी संख्या पांच तक पहुंच गई है।
जिला अस्पताल के जेई-एईएस वार्ड में 9 अगस्त से मरीजों के बढ़ने का क्रम शुरू हुआ है। नौ अगस्त को एईएस की मरीज अंकिता (4) को डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख भर्ती कर लिया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को एईएस है। 13 अगस्त को अर्चिता (1) और 14 अगस्त को अनुपमा (5) भी जेई-एईएस वार्ड में भर्ती हुए हैं। जिनका इलाज चल रहा है। एईएस की चपेट में आने इस वार्ड में 17 जुलाई को विकास (3) और 22 जुलाई से सत्यम (2) को भी भर्ती किया गया था। जिनका इलाज पहले से ही चल रहा है। इस वार्ड में अब अंकिता, अर्चिता और अनुपमा का भी इलाज चल रहा है। वहीं संक्रामक रोग वार्ड में तेज बुखार, पेट दर्द आदि से पीड़ित आशीर्वाद, अनुराधा, आदर्श, आयुष, मेहनाज, गोविंद, नैंसी, वैभव, शिवम, सना, अमित, अंकुर, अंश, कैटरिना आदि का इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरबी राम ने बताया कि बच्चों की सेहत को लेकर परिजनों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम में बदलाव के कारण बच्चों को एईएस, तेज बुखार, झटका, पेटदर्द आदि की बीमारी हो रही है। अस्पताल में भर्ती पांच एईएस के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। मौसम के बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल के जेई-एईएस वार्ड में एईएस के तीन और मरीज भर्ती हुए हैं। एक सप्ताह में एईएस के तीन नए मरीज भर्ती होने से स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। यहां एईएस के दो मरीजों का करीब एक माह से इलाज चल रहा है। इस बीच तीन और मरीज भर्ती होने से इनकी संख्या पांच तक पहुंच गई है।
जिला अस्पताल के जेई-एईएस वार्ड में 9 अगस्त से मरीजों के बढ़ने का क्रम शुरू हुआ है। नौ अगस्त को एईएस की मरीज अंकिता (4) को डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख भर्ती कर लिया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को एईएस है। 13 अगस्त को अर्चिता (1) और 14 अगस्त को अनुपमा (5) भी जेई-एईएस वार्ड में भर्ती हुए हैं। जिनका इलाज चल रहा है। एईएस की चपेट में आने इस वार्ड में 17 जुलाई को विकास (3) और 22 जुलाई से सत्यम (2) को भी भर्ती किया गया था। जिनका इलाज पहले से ही चल रहा है। इस वार्ड में अब अंकिता, अर्चिता और अनुपमा का भी इलाज चल रहा है। वहीं संक्रामक रोग वार्ड में तेज बुखार, पेट दर्द आदि से पीड़ित आशीर्वाद, अनुराधा, आदर्श, आयुष, मेहनाज, गोविंद, नैंसी, वैभव, शिवम, सना, अमित, अंकुर, अंश, कैटरिना आदि का इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरबी राम ने बताया कि बच्चों की सेहत को लेकर परिजनों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम में बदलाव के कारण बच्चों को एईएस, तेज बुखार, झटका, पेटदर्द आदि की बीमारी हो रही है। अस्पताल में भर्ती पांच एईएस के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
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