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Maharajganj News: चौकी-थानों से न्याय की टूट रही उम्मीद...सीधे अफसरों के पास जा रहे पीड़ित

Tue, 07 Apr 2026 02:07 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2026 02:07 AM IST
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Hopes of justice are fading from police posts and police stations...victims are going directly to the officers.
सोमवार को एसपी शक्ति मोहन अवस्थी से मिलने के लिए फरियादियों का लगा तांता
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राजस्व, पारिवारिक विवाद, मारपीट, साइबर क्राइम समेत एएसपी और एएसपी के पास कुल 65 मामले पहुंचे
महराजगंज। चौकी-थानों से लोगों को न्याय की उम्मीद टूटती जा रही है। लोग अपनी फरियाद लेकर सीधे अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं। यहां तक की मारपीट, मोबाइल चोरी, जमीन पर कब्जा, घर के छत का बर्जा निकालने का विवाद, घर से निकालने और अन्य मामले एसपी और एएसपी तक पहुंच रहे हैं। इससे पुलिस चौकी और थानों पर बैठे जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
सोमवार को एसपी शक्ति मोहन अवस्थी से मिलने के लिए फरियादियों का तांता लगा हुआ था। पीड़ित बारी-बारी से अपनी फरियाद लेकर पहुंच रहे थे। वहीं पास में खड़ी एक महिला ने बताया कि कुछ दिन पहले मारपीट हुई थी लेकिन स्थानीय थाने की पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं है। न्याय की आस में एसपी से मिलने आई हूं। एसपी उनकी बातें सुनकर संबंधित थानों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
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वहीं एडिशनल एसपी सिद्धार्थ के कार्यालय में भी दूर-दराज से लोग फरियाद लेकर पहुंचे थे। ठूठीबारी से एक महिला बच्चों के मारपीट के मामले को लेकर पहुंची थी। एएसपी ने संबंधित थाने को कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं चौक थाना क्षेत्र के ओबरी की एक महिला अपनी फरियाद लेकर पहुंची थी उसने एएसपी को बताया कि उसके बेटों ने उसको घर से निकाल दिया है। आस-पड़ोस की महिलाओं ने उसे आसरा दिया है। वह गांव की ही महिलाओं के साथ अपनी फरियाद लेकर एएसपी के पास पहुंची थी। सोमवार को कुल 65 फरियाद पहुंचे थे। इसमें राजस्व, पारिवारिक विवाद, मारपीट, साइबर क्राइम समेत अन्य मामले थे।
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थाना समाधान दिवस में नहीं होता समाधान
थाना समाधान दिवस प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे शनिवार को आयोजित किया जाता है। इस दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक थानों में पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मिलकर विशेष रूप से जमीन-जायदाद, पारिवारिक और अन्य जन-शिकायतों का त्वरित निस्तारण करते हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या थाना समाधान दिवस में लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। उनकी फरियाद नहीं सुनी जा रही है। अगर सुनी जा रही है तो लोग छोटे-मोटे मामले लेकर अधिकारियों के पास क्यों पहुंच रहे हैं। जबकि मामलों को निपटाने के लिए थानों और चौकी के बीट का भी निर्धारण किए गए हैं।

एसपी ने की जनसुनवाई, निस्तारण के दिए निर्देश
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने पुलिस कार्यालय में जनता दर्शन के माध्यम से जनसुनवाई की। इसमें जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं और निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान प्राप्त प्रार्थनापत्रों के त्वरित, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसी क्रम में जनपद के थाना/चौकी स्तर पर भी नियमित रूप से जनसुनवाई की जा रही है, जिससे आमजन की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके। जनसुनवाई प्रक्रिया की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए पुलिस अधीक्षक महराजगंज द्वारा गूगल मीट के माध्यम से सतत समीक्षा की जा रही है। इस दौरान सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार गुणवत्तापूर्ण तरीके से निपटाएं।
वर्जन
सोमवार को लोगों की फरियाद सुनी गई। इसमें अधिकतर राजस्व के मामले थे। संबंधित थानों को निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।
-सिद्धार्थ, एडिशनल एसपी
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