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कुपोषण से जंग लड़ रहे 4,383 अति कुपोषित बच्चे
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कुपोषण से जंग लड़ रहे 4,383 अति कुपोषित बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले को कुपोषण मुक्त करने की तमाम कोशिशों के बावजूद कोई खास सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। जिले में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। एक सितंबर को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र पर वजन दिवस मनाया गया। जिसमें कुल 23,180 कुपोषित और 4,383 बच्चे अति कुपोषित चिह्नित किए गए।
पोषक आहार ठीक ढंग से न मिलने, स्वच्छता न होने सहित अन्य कई कारणों से बच्चे कुपोषण के शिकार हो जाते हैं। बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सके, इसके लिए सरकार की ओर से योजनाएं संचालित की जाती हैं। जिला अस्पताल में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को भर्ती करने के लिए अलग से पोषण पुनर्वास केंद्र बनाया गया है। लेकिन जागरूकता की कमी व विभाग की लापरवाही के कारण जिले में अब भी 23,180 बच्चे कुपोषित और 4,383 बच्चे अति कुपोषित हैं। जिनकीसेहत में सुधार लाने की जरूरत बताई जा रही है। एक सितंबर को वजन दिवस के मौके पर विभाग की ओर से कराए गए वजन में 4,383 बच्चे अति कुपोषित मिले। इनमें घुघली ब्लॉक के 482, निचलौल के 318, धानी के 120, फरेंदा के 384, बृजमनगंज के 358, सिसवां के 238, परतावल के 345, नौतनवां के 570, मिठौरा के 274, पनियरा के 278, लक्ष्मीपुर के 639, सदर के 411 बच्चे शामिल हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय ने बताया कि अति कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने और योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, जिला पंचायत राज विभाग को पत्र भेजा जाएगा। ताकि सरकार की तरफ से संचालित योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।
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महराजगंज। जिले को कुपोषण मुक्त करने की तमाम कोशिशों के बावजूद कोई खास सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। जिले में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। एक सितंबर को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र पर वजन दिवस मनाया गया। जिसमें कुल 23,180 कुपोषित और 4,383 बच्चे अति कुपोषित चिह्नित किए गए।
पोषक आहार ठीक ढंग से न मिलने, स्वच्छता न होने सहित अन्य कई कारणों से बच्चे कुपोषण के शिकार हो जाते हैं। बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सके, इसके लिए सरकार की ओर से योजनाएं संचालित की जाती हैं। जिला अस्पताल में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को भर्ती करने के लिए अलग से पोषण पुनर्वास केंद्र बनाया गया है। लेकिन जागरूकता की कमी व विभाग की लापरवाही के कारण जिले में अब भी 23,180 बच्चे कुपोषित और 4,383 बच्चे अति कुपोषित हैं। जिनकीसेहत में सुधार लाने की जरूरत बताई जा रही है। एक सितंबर को वजन दिवस के मौके पर विभाग की ओर से कराए गए वजन में 4,383 बच्चे अति कुपोषित मिले। इनमें घुघली ब्लॉक के 482, निचलौल के 318, धानी के 120, फरेंदा के 384, बृजमनगंज के 358, सिसवां के 238, परतावल के 345, नौतनवां के 570, मिठौरा के 274, पनियरा के 278, लक्ष्मीपुर के 639, सदर के 411 बच्चे शामिल हैं।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय ने बताया कि अति कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने और योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, जिला पंचायत राज विभाग को पत्र भेजा जाएगा। ताकि सरकार की तरफ से संचालित योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।
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