फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   health

कुपोषण से जंग लड़ रहे 4,383 अति कुपोषित बच्चे

Sat, 14 Sep 2019 12:33 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 14 Sep 2019 12:33 AM IST
विज्ञापन
health
कुपोषण से जंग लड़ रहे 4,383 अति कुपोषित बच्चे
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले को कुपोषण मुक्त करने की तमाम कोशिशों के बावजूद कोई खास सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। जिले में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। एक सितंबर को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र पर वजन दिवस मनाया गया। जिसमें कुल 23,180 कुपोषित और 4,383 बच्चे अति कुपोषित चिह्नित किए गए।
पोषक आहार ठीक ढंग से न मिलने, स्वच्छता न होने सहित अन्य कई कारणों से बच्चे कुपोषण के शिकार हो जाते हैं। बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सके, इसके लिए सरकार की ओर से योजनाएं संचालित की जाती हैं। जिला अस्पताल में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को भर्ती करने के लिए अलग से पोषण पुनर्वास केंद्र बनाया गया है। लेकिन जागरूकता की कमी व विभाग की लापरवाही के कारण जिले में अब भी 23,180 बच्चे कुपोषित और 4,383 बच्चे अति कुपोषित हैं। जिनकीसेहत में सुधार लाने की जरूरत बताई जा रही है। एक सितंबर को वजन दिवस के मौके पर विभाग की ओर से कराए गए वजन में 4,383 बच्चे अति कुपोषित मिले। इनमें घुघली ब्लॉक के 482, निचलौल के 318, धानी के 120, फरेंदा के 384, बृजमनगंज के 358, सिसवां के 238, परतावल के 345, नौतनवां के 570, मिठौरा के 274, पनियरा के 278, लक्ष्मीपुर के 639, सदर के 411 बच्चे शामिल हैं।
विज्ञापन

जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय ने बताया कि अति कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने और योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, जिला पंचायत राज विभाग को पत्र भेजा जाएगा। ताकि सरकार की तरफ से संचालित योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed