फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Health hazard... Traders are adulterating sesame and mustard oil to enhance the Diwali celebrations.

Maharajganj News: सेहत पर संकट... दिवाली की रौनक में तिल सरसों के तेल में मिलावट कर रहे धंधेबाज

Thu, 09 Oct 2025 12:58 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 09 Oct 2025 12:58 AM IST
विज्ञापन
Health hazard... Traders are adulterating sesame and mustard oil to enhance the Diwali celebrations.
महराजगंज। दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। रोशनी, मिठाई और दीयों की चमक से सजी दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। लेकिन इस खुशी के माहौल के बीच धंधेबाजों ने भी मौके का फायदा उठाना शुरू कर दिया है। तिल और सरसों के तेल में खुलेआम मिलावट हो रही है, जो न केवल दीयों की चमक फीकी कर रहा, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है।
विज्ञापन

दिवाली में घर-घर दीये जलाने की परंपरा के चलते तिल और सरसों के तेल की मांग कई गुना बढ़ जाती है। व्यापारी भी इस मौके पर बड़े-बड़े ऑर्डर दे रहे हैं, ताकि स्टॉक न रुके। लेकिन सस्ते दामों के लालच में कुछ धंधेबाज नकली और मिलावटी तेल को बाजार में उतार दिया है।
विज्ञापन

सूत्रों के अनुसार, तिल के तेल में एक्सपायरी डेट पार कर चुका खराब रिफाइंड तेल और केमिकलयुक्त रंग मिलाया जा रहा है। वहीं, सरसों के तेल में धान की भूसी से निकाला ब्रान ऑयल (राइस ब्रान ऑयल) मिलाया जा रहा है। ये मिलावट सस्ती पड़ती हैं लेकिन इनके धुएं से घर के फर्नीचर, कपड़े और सामान काले पड़ने लगते हैं। इससे भी बड़ा खतरा फेफड़ों को है। धुआं सांस की नलियों को जाम कर सकता है, जिससे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं। डॉ.एएम भाष्कर का कहना है कि केमिकलयुक्त तेल से निकलने वाला धुआं कैंसर तक का कारण बन सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाजार में ब्रांडेड तिल का तेल औसतन 160 रुपये लीटर बिक रहा है, जबकि मिलावटी तेल मात्र 80 रुपये के आसपास मिल रहा है। इसी तरह, शुद्ध सरसों का तेल 170 रुपये लीटर है लेकिन मिलावटी 110 से 120 रुपये में आसानी से उपलब्ध है। ये सस्ते दाम ग्राहकों को लुभा रहे हैं लेकिन जागरूकता की कमी से वे फंस रहे हैं। धंधेबाज जिले में नकली माल खपाने की तैयारी में जुटे हैं। विशेषज्ञों का कहना है की त्योहार के दौरान स्वास्थ्य पर संकट गहरा सकता है। उनका कहना है कि ब्रांडेड पैकेट ही खरीदें और लेबल चेक करें। साथ ही तेल की शुद्धता जांचने के लिए घरेलू नुस्खे अपनाएं जैसे सरसों का तेल गर्म करने पर कड़वी महक न आए तो तेल इस्तेमाल न करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed