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Maharajganj News: सरकार ने दिया आरोग्य का वरदान, फिर भी लोग बीमार
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शुक्रवार दोपहर 12:16 बजे, बांसपार आरोग्य केंद्र पर तैनात सीएचओ पुनीता गुप्ता धूप में बैठकर जरूरी का?
- फोटो : MAHARAJGANJ
सरकार ने दिया आरोग्य का वरदान, फिर भी लोग बीमार
अफसरों की मनमानी से ग्रामीण इलाकों के मरीजों को नहीं मिल रहा बेहतर इलाज
सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल का चक्कर लगाना मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले के ग्रामीण इलाकों में मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 119 आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से कुछ के आए दिन बंद रहने तो कई जगह सीएचओ के देरी से पहुंचने की शिकायतें मिलती रहती हैं। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने चार आरोग्य केंद्रों की पड़ताल की तो अव्यवस्था का आलम उजागर हो गया। केंद्रों में मिलने वाली स्वास्थ्य सेवा से ग्रामीण खुश नहीं हैं। उन्हें मजबूरन सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ रहा है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों के लोग को आरोग्य बनाने के लिए सरकार की ओर से खोले गए केंद्र लापरवाही से बेकार साबित हो रहे हैं।
नौ बजे समय, 11:20 बजे पहुंची सीएचओ
आरोग्य केंद्र लखिमा थरूआ : सुबह 11:20 बजे केंद्र पर कुछ मरीज सीेएचओ का इंतजार कर रहे थे। आफताब आलम ने बताया कि केंद्र कभी भी समय से नहीं खुलता। सीएचओ के पहुंचने का समय सुबह नौ बजे है, लेकिन वे हमेशा देरी से आती हैं। इसी बीच, सीएचओ आरती आती दिखीं। देर से आने की वजह से मरीजों को होने वाली परेशानी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह आयोग्य केंद्र तक टेंपो से आती हैं। रास्ता खराब होने की वजह से देरी हो गई। उन्होंने दावा किया कि केंद्र हमेशा समय से खुलता है।
सीएचओ अवकाश पर, केंद्र पड़ा है बंद
आरोग्य केंद्र सिसवा अमहवा : दोपहर 12:10 बजे केंद्र पर ताला लटका मिला। आसपास के लोगों से पता चला कि केंद्र करीब दो सप्ताह से बंद है। सुभाष ने बताया कि केंद्र कभी समय से नहीं खुलता। मरीजों के बेहतर इलाज की सुविधा भी नहीं है। सनोज ने बताया कि सीएचओ कब आती हैं और कब जाती हैं, यह किसी को पता नहीं चलता। सीएचओ प्रियंका ने फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि प्रसूता अवकाश पर हैं।
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न बिजली है, न पानी, शौचालय भी बदहाल
आरोग्य केंद्र बांसपार : दोपहर 12:16 बजे कोई मरीज नहीं दिखा। केंद्र के आसपास गंदगी का आलम देखने को मिला। फर्श की टाइल्स धंस गई है। केंद्र में न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही पानी की। शौचालय भी बदहाल है। सीएचओ पुनिता गुप्ता बाहर धूप में कुर्सी पर बैठकर जरूरी फाइल निपटाती दिखीं। उन्होंने बताया कि सुबह से पांच मरीजों की जांच हुई है। रोशनी, अविनाश, प्रदीप, दीपिका, सोनम की स्क्रिनिंग कर दवाएं दी गईं।
सप्ताह में एक दिन खुलता है केंद्र
आरोग्य केंद्र सरहिडा : दोपहर 12:30 बजे केंद्र पर ताला लटका हुआ था। आसपास कोई नजर नहीं आया। थोड़ा आगे बढ़ने पर जैनुद्दीन मिले। उन्होंने बताया कि केंद्र सप्ताह में एक दिन खुलता है। यहां किन बीमारियों का इलाज होता है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। सरकार जनता के लिए अच्छी व्यवस्था कर रही है, लेकिन अधिकारी लोगों को इसका लाभ नहीं देते। ओमप्रकाश ने भी केंद्र के समय से नहीं खुलने की बात कही। सीएचओ राधिका ने फोन पर बताया कि उन्हें न्यूरो संबंधी समस्या है। इलाज कराने के लिए अवकाश पर हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र समय पर खुलता है। लोगों के आरोप बेबुनियाद हैं।
केंद्रों पर ये सुविधाएं मिलनी चाहिए
आरोग्य केंद्रों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की देखरेख में शुगर, ब्लड प्रेशर और स्तन, मुंह व गर्भाशय के कैंसर आदि की स्क्रिनिंग होती है। गंभीर मरीज की सूचना उच्चाधिकारियों को दी जाती।
आरोग्य केंद्रों पर सीएचओ को समय से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए है। अगर कहीं लापरवाही हो रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी।
- डॉ. केपी सिंह, अधीक्षक, सदर सीएचसी
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अफसरों की मनमानी से ग्रामीण इलाकों के मरीजों को नहीं मिल रहा बेहतर इलाज
सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल का चक्कर लगाना मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले के ग्रामीण इलाकों में मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 119 आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से कुछ के आए दिन बंद रहने तो कई जगह सीएचओ के देरी से पहुंचने की शिकायतें मिलती रहती हैं। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने चार आरोग्य केंद्रों की पड़ताल की तो अव्यवस्था का आलम उजागर हो गया। केंद्रों में मिलने वाली स्वास्थ्य सेवा से ग्रामीण खुश नहीं हैं। उन्हें मजबूरन सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ रहा है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों के लोग को आरोग्य बनाने के लिए सरकार की ओर से खोले गए केंद्र लापरवाही से बेकार साबित हो रहे हैं।
नौ बजे समय, 11:20 बजे पहुंची सीएचओ
आरोग्य केंद्र लखिमा थरूआ : सुबह 11:20 बजे केंद्र पर कुछ मरीज सीेएचओ का इंतजार कर रहे थे। आफताब आलम ने बताया कि केंद्र कभी भी समय से नहीं खुलता। सीएचओ के पहुंचने का समय सुबह नौ बजे है, लेकिन वे हमेशा देरी से आती हैं। इसी बीच, सीएचओ आरती आती दिखीं। देर से आने की वजह से मरीजों को होने वाली परेशानी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह आयोग्य केंद्र तक टेंपो से आती हैं। रास्ता खराब होने की वजह से देरी हो गई। उन्होंने दावा किया कि केंद्र हमेशा समय से खुलता है।
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सीएचओ अवकाश पर, केंद्र पड़ा है बंद
आरोग्य केंद्र सिसवा अमहवा : दोपहर 12:10 बजे केंद्र पर ताला लटका मिला। आसपास के लोगों से पता चला कि केंद्र करीब दो सप्ताह से बंद है। सुभाष ने बताया कि केंद्र कभी समय से नहीं खुलता। मरीजों के बेहतर इलाज की सुविधा भी नहीं है। सनोज ने बताया कि सीएचओ कब आती हैं और कब जाती हैं, यह किसी को पता नहीं चलता। सीएचओ प्रियंका ने फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि प्रसूता अवकाश पर हैं।
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न बिजली है, न पानी, शौचालय भी बदहाल
आरोग्य केंद्र बांसपार : दोपहर 12:16 बजे कोई मरीज नहीं दिखा। केंद्र के आसपास गंदगी का आलम देखने को मिला। फर्श की टाइल्स धंस गई है। केंद्र में न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही पानी की। शौचालय भी बदहाल है। सीएचओ पुनिता गुप्ता बाहर धूप में कुर्सी पर बैठकर जरूरी फाइल निपटाती दिखीं। उन्होंने बताया कि सुबह से पांच मरीजों की जांच हुई है। रोशनी, अविनाश, प्रदीप, दीपिका, सोनम की स्क्रिनिंग कर दवाएं दी गईं।
सप्ताह में एक दिन खुलता है केंद्र
आरोग्य केंद्र सरहिडा : दोपहर 12:30 बजे केंद्र पर ताला लटका हुआ था। आसपास कोई नजर नहीं आया। थोड़ा आगे बढ़ने पर जैनुद्दीन मिले। उन्होंने बताया कि केंद्र सप्ताह में एक दिन खुलता है। यहां किन बीमारियों का इलाज होता है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। सरकार जनता के लिए अच्छी व्यवस्था कर रही है, लेकिन अधिकारी लोगों को इसका लाभ नहीं देते। ओमप्रकाश ने भी केंद्र के समय से नहीं खुलने की बात कही। सीएचओ राधिका ने फोन पर बताया कि उन्हें न्यूरो संबंधी समस्या है। इलाज कराने के लिए अवकाश पर हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र समय पर खुलता है। लोगों के आरोप बेबुनियाद हैं।
केंद्रों पर ये सुविधाएं मिलनी चाहिए
आरोग्य केंद्रों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की देखरेख में शुगर, ब्लड प्रेशर और स्तन, मुंह व गर्भाशय के कैंसर आदि की स्क्रिनिंग होती है। गंभीर मरीज की सूचना उच्चाधिकारियों को दी जाती।
आरोग्य केंद्रों पर सीएचओ को समय से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए है। अगर कहीं लापरवाही हो रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी।
- डॉ. केपी सिंह, अधीक्षक, सदर सीएचसी