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UP News: महराजगंज में सूदखोरों के प्रताड़ना से तंग आकर प्रधानाध्यापक ने की आत्महत्या, मचा कोहराम

Mon, 05 Sep 2022 03:32 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज। Published by: vivek shukla Updated Mon, 05 Sep 2022 03:32 PM IST
सार

फरेंदा क्षेत्राधिकारी कोमल प्रसाद मिश्रा ने कहा कि सुसाइड नोट के आधार पर मृतक के पत्नी की तहरीर पर आरोपी तेज प्रताप सिंह, रानू सिंह निवासी महदेवा व रविंद्र सिंह निवासी सिद्धार्थनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण पता चल सकेगा।

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headmaster committed suicide after being fed up with harassment of usurers in Maharajganj
रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

महराजगंज जिले के धानी क्षेत्र में एक प्रधानाध्यापक सूदखोरों के प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने को मजबूर हो गए। जिसकी जानकारी परिजनों को हुई तो घर में कोहराम मच गया। सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंची घटना की जांच में जुटी हुई है। प्रधानाध्यापक के शव के पास से मिले सुसाइड नोट के आधार पर मिली जानकारी में शिक्षक के आत्म्रहत्या का कारण सूदखोरों द्वारा मानसिक रूप से परेशान करने का मामला सामने आया। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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बृजमनगंज क्षेत्र के झांगपार निवासी शिवकुमार विश्वकर्मा (45) धानी ब्लाक के करमहां प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात थे। रविवार सुबह किसी जरूरी काम से विद्यालय जाने की बात कहते हुए घर से निकले थे, जो देर शाम तक घर नहीं लौटे, तो घर के लोग उनके मोबाइल पर कॉल करने लगे, तो उनका फोन नहीं उठा। परिजन रिस्तेदार व परिचय वालों के पास फोन कर उनकी जानकारी लेनी चाही, तो कहीं पता नहीं चल सका।
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रात में करीब आठ बजें उनके भाई व चचेरे भाई के साथ उनकी तलाश में घर से निकले। लोग उनकी तलाश करते हुए प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। जहां पर गेट पर ताला लगा था। किसी प्रकार से विद्यालय में दाखिल हुए तो बरामदे में शिक्षक की मोटरसाइकिल खड़ी मिली। प्रधानाध्यापक का कमरा बाहर से खुला व अंदर से बंद देखकर किसी अनहोनी की आशंका जाहिर करते हुए सूचना पुलिस को दिए।
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प्रभारी थानाध्यक्ष प्रिंस कुमार व चौकी प्रभारी की मौजूदगी में प्रधानाध्यापक का कमरा खोला गया तो कमरे के फर्श पर शिक्षक की लाश पड़ी हुई थी। वहीं शव के बगल में एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें उन्होंने आत्महत्या का कारण क्षेत्र के तीन लोगों से सूद पर लिया गया पैसा चुकता करने के बाद भी मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। शिक्षक के मौत की जानकारी परिजनों को हुई तो घर में कोहराम मच गया। शिक्षक के दो बेटे व दो बेटियां हैं। जिनका रो रो कर बुरा हाल हो रहा है।
 

फरेंदा क्षेत्राधिकारी कोमल प्रसाद मिश्रा ने कहा कि सुसाइड नोट के आधार पर मृतक के पत्नी की तहरीर पर आरोपी तेज प्रताप सिंह, रानू सिंह निवासी महदेवा व रविंद्र सिंह निवासी सिद्धार्थनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण पता चल सकेगा।

मृतक आश्रित कोटे से बने थे शिक्षक
प्रधानाध्यापक शिवकुमार विश्वकर्मा अपने पिता स्व. सरयू प्रसाद की नौकरी के दौरान मौत के बाद मृतक आश्रित कोटे से 1997 में अध्यापक के पद पर नियुक्ति हुई थी। वह दो भाईयों में बड़े थे। छोटे भाई रामकुमार टेंट हाउस की दुकान चलाते हैं। उनके चार संतानों में दो बेटियां नंदनी (17), नंदिका (14) बेटा अमन कुमार (15), अमर कुमार (13) है। पति की मौत के बाद पत्नी सरस्वती रोते रोते बेसुध हो रही है।

प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष केशव मणि ने कहा कि शिक्षक की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है, शिक्षक के परिवार के साथ पूरा संघ खड़ा है। अगर शिक्षक को न्याय नहीं मिला तो शिक्षक संघ आंदोलन करेगा। शिक्षक की मौत के जिम्मेदार लोगों की शीघ्र गिरफ्तारी होनी चाहिए। जिससे परिजनों को न्याय मिल सके।

शिक्षक की मौत से परिवार पर हुआ बज्रपात
सूदखोरी का धंधा धीरे-धीरें पूरे क्षेत्र में फैल रहा है। जिसकी चपेट में आकर गरीब व मजबूर लोग उनका शिकार होते रहते हैं। वहीं सूदखोरों के प्रताड़ना से तंग आकर शिक्षक द्वारा आत्महत्या करने से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। परिवार के जीविकोपार्जन पर भी संकट खड़ा हो गया है। करमहां प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक शिवकुमार विश्वकर्मा की मौत से पूरा परिवार टूट गया। शिक्षक के चार संतान है जो अभी नाबालिग हैं। उनके पालन पोषण के साथ पढ़ाई लिखाई सही ढंग से हो पाना भी अब कठिन हो रहा है। जिसे सोच कर पत्नी बार-बार बेसुध हो रही है। गांव के लोग उन्हे ढाढ़स बंधाने में जुटे हुए हैं।

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