फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Governments changed... the problems of Tedhi village did not.

Maharajganj News: सरकारें बदलीं...टेढ़ी गांव की दुश्वारियां नहीं

Sat, 28 Mar 2026 02:05 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2026 02:05 AM IST
विज्ञापन
Governments changed... the problems of Tedhi village did not.
टेढ़ी गांव के 13 टोलों को मुख्य गांव से जोड़ने के लिए ग्रामीणों ने बनाया अस्थायी बॉस बल्ली की पुल
लक्ष्मीपुर ब्लॉक की सीमा पर टेढ़ी गांव के 13 टोले पुल से महरूम
विज्ञापन


जंगल और नदी के बीच फंसी तीन हजार की आबादी

लक्ष्मीपुर। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के चौक जंगल से सटे लक्ष्मीपुर ब्लॉक का टेढ़ी गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से दूर है। यहां के 13 टोले अब तक सुगम आवागमन और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गांव की करीब तीन हजार की आबादी को आज भी रोजमर्रा के कार्यों के लिए जंगल और नदी पार कर बाहर निकलना पड़ता है।

टेढ़ी गांव भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत पिछड़ा क्षेत्र है और चारों तरफ से जंगल और नदियों से घिरा हुआ है। गांव के बाहर निकलने का कोई पक्का रास्ता नहीं है और सबसे बड़ी समस्या रोहिन नदी पर पुल का अभाव है। मजबूरी में ग्रामीणों ने बांस-बल्ली से अस्थायी पुलिया बना रखी है जो बरसात के मौसम में अक्सर बह जाती है और आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। ग्राम पंचायत टेढ़ी में कुल पांच राजस्व गांव शामिल हैं कांधपुर, ब्रह्मपुर, बेलौहा, गंगापुर और टेढ़ी खास। इनमें से केवल टेढ़ी खास और गंगापुर ही सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े हैं। कांधपुर, बेलौहा और ब्रह्मपुर के अंतर्गत आने वाले 13 टोले आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
विज्ञापन

इन 13 टोलों में गुलरिहवा, तीनटोलिया, कौअहवा, पथरिहवा, कुकरहवा, बसौहा, बीन्नरटोलिया, भुदलिहवा, डलिहवा, आनंदनगर, बेरीकुड़ी, कांधपुर और बेलौहा शामिल हैं। यहां रहने वाले लोग बैजनाथ, वेद प्रकाश, सेतबान, रूदल, रामधन, योगेंद्र, जवाहिर, हरिवंश, सागर, रामसेवक, राम अधारे, सत्य प्रकाश, राजू, नरेंद्र, हीरा, अर्जुन, बलिराम, जयहिन्द, बेचन, मुन्नाराम, संजय, जयचंद, सुमेर और व्यासमुनि बताते हैं कि उन्हें गांव से बाहर निकलने के लिए रोहिन और मलाव नदी पार करनी पड़ती है और घने जंगल से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक उपेक्षा के कारण आज तक यहां कोई पक्का संपर्क मार्ग या पुल नहीं बन सका है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब नदियां उफान पर होती हैं और गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। ऐसे समय में मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बच्चों के शिक्षा का भी इंतजाम नहीं
शिक्षा के क्षेत्र में भी इस समस्या का गहरा असर देखने को मिलता है। गांव में उच्च शिक्षा के लिए कोई सुविधा नहीं है और रास्ता कठिन होने के कारण खासकर लड़कियों को पढ़ाई जारी रखने में भारी दिक्कत होती है। कई छात्राओं को मजबूरी में रिश्तेदारों के यहां रहकर पढ़ाई करनी पड़ती है। यदि गांव तक सुगम मार्ग और पुल की सुविधा होती तो यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकती थी। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि गांव में आते हैं और रोहिन व मलाव नदी पर पुल बनवाने तथा सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन चुनाव समाप्त होते ही ये वादे भी गायब हो जाते हैं।


ग्राम प्रधान कुसमावती ने बताया कि टेढ़ी गांव भौगोलिक रूप से दो हिस्सों में बंटा हुआ है। पंचायत के पांच राजस्व गांवों में से केवल दो गांवों में विकास कार्य हुए हैं, जबकि शेष तीन गांवों के 13 टोले अब भी संपर्क मार्ग से वंचित हैं। रोहिन नदी पर पुल निर्माण के लिए कई बार मांग की जा चुकी है।

वर्जन
टेढ़ी गांव नदियों और जंगल से घिरा हुआ क्षेत्र है, जिससे विकास कार्यों में कठिनाई आती है। हालांकि सरकार की सभी योजनाएं गांव में संचालित हैं, लेकिन कुछ टोलों में पक्का संपर्क मार्ग की समस्या अब भी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि इस समस्या से शासन को अवगत कराया गया है।
-मृत्युंजय यादव, खंड विकास अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed