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बदलने लगी मधवलिया गोसदन की सूरत
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मधवलिया गोसदन का निरीक्षण करते एसडीएम सत्यम मिश्रा।
- फोटो : MAHARAJGANJ
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बदलने लगी मधवलिया गोसदन की सूरत
2,852 मवेशियों के लिए 15 एकड़ की भूमि पर हरे चारे की व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
निचलौल। क्षेत्र में स्थित मधवलिया गोसदन में की जा रही नई व्यवस्था से वहां की सूरत बदलने लगी है। यहां पर गायों की देखरेख के लिए 31 गोसेवकों के अलावा मवेशियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए तीन पशु चिकित्सकों को लगाया गया है। वहीं गोसदन के निरीक्षण के लिए अधिकारियों का भी प्रतिदिन आना जाना लगा रहता है। एसडीएम ने गोसदन का निरीक्षण भी किया।
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि सामूहिक रूप से किए गए प्रयासों का परिणाम धीरे-धीरे दिखने लगा है। गोसेवकों द्वारा रात दिन एक करके मधवलिया गोसदन का कायाकल्प करने की कोशिश की जा रही है। क्षेत्र के ओमप्रकाश पांडेय, शैलेश पांडेय, अखिलेश कुमार, सोनू गौंड सहित अन्य लोगों का कहना है कि पहले गोसदन में व्यवस्था बदहाल थी। अब गायों के लिए चारा पानी आदि की बेहतर व्यवस्था की गई है। इसमें अभी और सुधार की जरूरत है। उधर, गोसदन प्रशासन के मुताबिक 2,852 मवेशियों के लिए 15 एकड़ में हरे चारे की व्यवस्था की गई है। करीब एक हजार क्विंटल भूसा, 20 क्विंटल पशु आहार, 22 क्विंटल ब्रान, 7 क्विंटल गुड़, 12 बोरी नमक सहित अन्य जरूरी सामान भी रख लिए गए हैं।
एसडीएम सत्यम मिश्रा ने बताया कि गोसदन के कायाकल्प के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है। यहां मवेशियों के लिए अलग-अलग पांच और गोआश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। उन्हें चारा देने से लेकर उनके गोबर और मूत्र संग्रह तक के लिए फिल्ट्रेशन प्लांट लगाए जाने की योजना है।
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2,852 मवेशियों के लिए 15 एकड़ की भूमि पर हरे चारे की व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
निचलौल। क्षेत्र में स्थित मधवलिया गोसदन में की जा रही नई व्यवस्था से वहां की सूरत बदलने लगी है। यहां पर गायों की देखरेख के लिए 31 गोसेवकों के अलावा मवेशियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए तीन पशु चिकित्सकों को लगाया गया है। वहीं गोसदन के निरीक्षण के लिए अधिकारियों का भी प्रतिदिन आना जाना लगा रहता है। एसडीएम ने गोसदन का निरीक्षण भी किया।
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि सामूहिक रूप से किए गए प्रयासों का परिणाम धीरे-धीरे दिखने लगा है। गोसेवकों द्वारा रात दिन एक करके मधवलिया गोसदन का कायाकल्प करने की कोशिश की जा रही है। क्षेत्र के ओमप्रकाश पांडेय, शैलेश पांडेय, अखिलेश कुमार, सोनू गौंड सहित अन्य लोगों का कहना है कि पहले गोसदन में व्यवस्था बदहाल थी। अब गायों के लिए चारा पानी आदि की बेहतर व्यवस्था की गई है। इसमें अभी और सुधार की जरूरत है। उधर, गोसदन प्रशासन के मुताबिक 2,852 मवेशियों के लिए 15 एकड़ में हरे चारे की व्यवस्था की गई है। करीब एक हजार क्विंटल भूसा, 20 क्विंटल पशु आहार, 22 क्विंटल ब्रान, 7 क्विंटल गुड़, 12 बोरी नमक सहित अन्य जरूरी सामान भी रख लिए गए हैं।
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एसडीएम सत्यम मिश्रा ने बताया कि गोसदन के कायाकल्प के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है। यहां मवेशियों के लिए अलग-अलग पांच और गोआश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। उन्हें चारा देने से लेकर उनके गोबर और मूत्र संग्रह तक के लिए फिल्ट्रेशन प्लांट लगाए जाने की योजना है।
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