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Maharajganj News: गोलमाल...ब्रांडेड की आड़ में चल रहा नकली बीजों का धंधा

Sun, 17 Nov 2024 01:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sun, 17 Nov 2024 01:52 AM IST
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Golmaal...fake seeds business running under the guise of branded seeds
महराजगंज। जनपद में नकली और मिलावटी गेहूं बीज बिक्री का धंधा बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है। ब्रांडेड बीज कंपनियों की आड़ में उन्हीं की पैकिंग में नकली व मिलावटी बीजों की बिक्री नेटवर्क के सहारे की जा रही है।
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पैकेट में बीजों की अदला-बदली का खेल नेपाल सीमा के आसपास के गोदामों से हो रहा है, जिससे जनपद के अलावा नेपाल के मधेसी जिलों तक सप्लाई खुली सीमा और पगडंडियों के सहारे की जा रही है।
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सूत्रों की मानें तो नकली बीजों के इस धंधे से तराई के इस जिले में हर सीजन करोड़ों रुपये के वारे न्यारे होते हैं। यहां सिर्फ गेहूं बीज की अदला-बदली ही नहीं धान, मटर और मसूर बीज भी बड़े पैमाने पर बनाकर दुकानों तक पहुंचाया जा रहा है।
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यहां अच्छी बीज कंपनियों की आड़ में मिलावटी बीजों का धंधा संचालित होने की गुप्त जानकारी 24 घंटे पूर्व उप कृषि निदेशक कार्यालय को मिली, जिसके बाद शिकायत गोपनीय रखते हुए संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 48 बीज विक्रेताओं की दुकान की जांच की गई। गेहूं बीज की 40 कंपनियों के नमूने लिए गए।
सूत्रों की मानें तो नौतनवां और निचलौल तहसील क्षेत्र में सीमा से सटे ग्रामीण बेल्ट में बड़े व्यवसायियों ने गोदाम बनवा रखे हैं। लाइसेंस लेने की प्रक्रिया में इन गोदामों का जिक्र विभाग से नहीं किया जाता, जिससे इन गोदाम में क्या कुछ हो रहा इसकी जानकारी प्रशासन व विभाग को नहीं होती और इन्ही गोदामों के जरिए नकली खाद बीज पैकिंग का खेल चलता रहता है।
राज्य कृषि निदेशालय से ही शुरू होता है खेल : यूपी के किस जनपद में कौन सी कंपनी का बीज बिकेगा, यह अब राज्य निदेशालय से ही तय किया जाता है।
पहले बीज कंपनियों का चयन जनपद स्तर से ही उप कृषि निदेशक व जिलाधिकारी के मार्फत होती थी, लेकिन चयन में पारदर्शिता का हवाला देकर चयन अधिकार राज्य स्तर से किया जाने लगा। नकली बीजों का धंधा करने वाले अपने नेटवर्क से पहले ही यह पता कर लेते हैं कि किन-किन कंपनियों को बीज बिक्री की अनुमति उनके जनपद के लिए मिली है।
उन कंपनियों से पहले ही डिस्ट्रिब्यूटरशिप प्राप्त करते हैं और उसी कंपनी के सहारे अपने धंधे को विस्तार देते हैं, क्योंकि डिस्ट्रिब्यूटर बनने के बाद कंपनी का नाम लोगो पैकेट इत्यादि सहजता से प्राप्त कर लेते हैं।

पश्चिमी यूपी से मंगाते हैं बीज
सूत्रों की मानें तो नकली या मिलावटी बीजों की खेप-ब्रांडेड कंपनियों के पैक में नकली और मिलावटी बीजों की खेप पश्चिमी यूपी से मंगाने की जानकारी मिल रही है। बताया जाता है कि संभल जिले के गुन्नौर में 70 टन नकली गेहूं बीज कंपनी के पैक में तीन दिन पहले ही पकड़ा गया है। उसी नेटवर्क से जिले की खेप आती थी। इसके बाद बीज का खेल होने का शक और गहरा हो गया है और विभाग ने खुफिया तरीके से जांच शुरू कर दी है।
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