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मानदेय बढ़ाने को रसोइयों ने दिया धरना
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Sat, 27 Oct 2018 01:05 AM IST
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मानदेय बढ़ाने को रसोइयों ने दिया धरना
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। उत्तर प्रदेश मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ की जिला इकाई ने शुक्रवार को मानदेय में वृद्धि सहित अन्य मांगों के समर्थन में कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया। मानव संसाधन विकास मंत्री भारत सरकार को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन डीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
संगठन के जिला संरक्षक राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए कई बार शिकायती पत्र दिया गया लेकिन आज तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने मध्याह्न भोजन योजना में रसोइया पद पर हर वर्ष हो रही भर्ती को बंद किए जाने, पहले से कार्यरत रसोइयों का ही नवीनीकरण किए जाने की मांग की। कहा कि रसोइयों की नियुक्ति के लिए पाल्य अनिवार्य किया गया है। इसे समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानों व प्रधानाध्यापकों की लापरवाही के कारण रसोइयों का मानदेय समय से नहीं दिया जाता है। उन्होंने रसोइयों का मानदेय समय से खाते में भेजे जाने की मांग की। जिलाध्यक्ष संध्या देवी ने कहा कि रसोइयों को एक हजार रुपये मानदेय के रूप में मिलते हैं। इतनी कम रकम से रसोइयां अपना व परिवार की आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने रसोइयों का मानदेय कम से कम पांच हजार रुपये किए जाने की मांग की। उनका कहना था कि रसोइयां गैस पर भोजन बनाती हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके मद्देनजर रसोइयों का दुर्घटना बीमा किया जाना चाहिए और घटना होने पर परिवार के किसी सदस्य को उसके स्थान पर सेवा में रखा जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अविलंब मांगों के प्रति सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर संगठन के महेश, विमला, हेवंता, सावित्री, अनिरुद्ध, कैलाश, रामधारी, सुमित्रा, गीता, राधिका, सितारा, रेशमा आदि मौजूद रहीं।
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संगठन के जिला संरक्षक राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए कई बार शिकायती पत्र दिया गया लेकिन आज तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने मध्याह्न भोजन योजना में रसोइया पद पर हर वर्ष हो रही भर्ती को बंद किए जाने, पहले से कार्यरत रसोइयों का ही नवीनीकरण किए जाने की मांग की। कहा कि रसोइयों की नियुक्ति के लिए पाल्य अनिवार्य किया गया है। इसे समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानों व प्रधानाध्यापकों की लापरवाही के कारण रसोइयों का मानदेय समय से नहीं दिया जाता है। उन्होंने रसोइयों का मानदेय समय से खाते में भेजे जाने की मांग की। जिलाध्यक्ष संध्या देवी ने कहा कि रसोइयों को एक हजार रुपये मानदेय के रूप में मिलते हैं। इतनी कम रकम से रसोइयां अपना व परिवार की आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने रसोइयों का मानदेय कम से कम पांच हजार रुपये किए जाने की मांग की। उनका कहना था कि रसोइयां गैस पर भोजन बनाती हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके मद्देनजर रसोइयों का दुर्घटना बीमा किया जाना चाहिए और घटना होने पर परिवार के किसी सदस्य को उसके स्थान पर सेवा में रखा जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अविलंब मांगों के प्रति सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर संगठन के महेश, विमला, हेवंता, सावित्री, अनिरुद्ध, कैलाश, रामधारी, सुमित्रा, गीता, राधिका, सितारा, रेशमा आदि मौजूद रहीं।
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