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Maharajganj News: निभाया इस जनम का साथ, किडनी देकर बचा लिया सुहाग
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किडनी दान देने वाली परमशीला पति के साथ।
हरितालिका तीज पर विशेष
अड्डा बाजार की परमशीला ने पेश की त्याग और समर्पण की मिसाल
महराजगंज। अड्डा बाजार क्षेत्र के जमुहरा कला की रहने वाली परमशीला ने पति अशोक को किडनी दान कर अपना सुहाग बचा लिया। पति की जिंदगी बचा लेने का संतोष परमशीला के लिए जिंदगी के तमाम संघर्षों पर भारी है। खून से सन रह नीले ड्रम और सूटकेस के दौर में पति को समर्पित हरितालिका तीज जैसे त्योहार पर परमशीला की कहानी त्याग और समर्पण की मिसाल पेश करती है।
चार साल पहले तक अशोक बतौर बीमा एजेंट अच्छा काम कर रहे थे। पत्नी परमशीला अड्डा बाजार में ब्यूटी पार्लर चलाती थीं और जिंदगी की गाड़ी सरपट दौड़ी जा रही थी। साल 2022 में अशोक की तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल का चक्कर शुरू हुआ। जांच में गुर्दे की गंभीर बीमारी सामने आई। सीकेडी यानी क्रॉनिक किडनी डिजीज की चपेट में आ चुके अशोक को डॉक्टरों ने किडनी प्रत्यारोपण कराने की सलाह दी। बढ़ती बीमारी से अशोक के कदम जकड़ते गए और उनका बीमा का काम भी थमने लगा था। वहीं, परमशीला भी ब्यूटी पार्लर पर कम समय दे पाने लगीं तो ग्राहक भी घटते गए और काम ठप हो गया।
इलाज के लिए लंबे खर्च से जूझ रहे परिवार के लिए यह गंभीर संकट का दौर था। परिचितों-रिश्तेदारों से उधार-कर्ज लेकर किडनी प्रत्यारोपण के लिए रुपये का इंतजाम कर लिया गया लेकिन कोई डोनर नहीं मिल रहा था। बीमारी की वजह से पति के जीवन पर बढ़ते संकट को देखते हुए परमशीला ने खुद किडनी दान करने का निर्णय लिया। दिसंबर 2024 में लखनऊ के एक निजी अस्पताल में अशोक की किडनी बदल दी गई। लखनऊ के अस्पताल से ही अभी भी अशोक का इलाज जारी है। दोनों बेटों की पढ़ाई के खर्च के साथ ही रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जूझते हुए परमशीला परिवार संभाल रही हैं।
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जिले में 100 से अधिक मरीजों को किडनी डोनर का इंतजार
जिला अस्पताल में इस वक्त ऐसे 73 मरीजों का इलाज चल रहा है जिनकी किडनी खराब हो चुकी है। जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट के सीनियर टेक्नीशियन खुर्शीद खान ने बताया कि इस समय 73 मरीजों की डायलिसिस चल रही है। अगर निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे सीकेडी यानी क्रॉनिक किडनी डिजीज के मरीजों को जोड़ लिया जाए तो ये आंकड़ा 100 के पार हो जाएगा। डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी सिंह ने बताया कि जो मरीज डायलिसिस पर हैं, उनके पास किडनी ट्रांसप्लांट कराना ही एक मात्र विकल्प है।
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अड्डा बाजार की परमशीला ने पेश की त्याग और समर्पण की मिसाल
महराजगंज। अड्डा बाजार क्षेत्र के जमुहरा कला की रहने वाली परमशीला ने पति अशोक को किडनी दान कर अपना सुहाग बचा लिया। पति की जिंदगी बचा लेने का संतोष परमशीला के लिए जिंदगी के तमाम संघर्षों पर भारी है। खून से सन रह नीले ड्रम और सूटकेस के दौर में पति को समर्पित हरितालिका तीज जैसे त्योहार पर परमशीला की कहानी त्याग और समर्पण की मिसाल पेश करती है।
चार साल पहले तक अशोक बतौर बीमा एजेंट अच्छा काम कर रहे थे। पत्नी परमशीला अड्डा बाजार में ब्यूटी पार्लर चलाती थीं और जिंदगी की गाड़ी सरपट दौड़ी जा रही थी। साल 2022 में अशोक की तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल का चक्कर शुरू हुआ। जांच में गुर्दे की गंभीर बीमारी सामने आई। सीकेडी यानी क्रॉनिक किडनी डिजीज की चपेट में आ चुके अशोक को डॉक्टरों ने किडनी प्रत्यारोपण कराने की सलाह दी। बढ़ती बीमारी से अशोक के कदम जकड़ते गए और उनका बीमा का काम भी थमने लगा था। वहीं, परमशीला भी ब्यूटी पार्लर पर कम समय दे पाने लगीं तो ग्राहक भी घटते गए और काम ठप हो गया।
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इलाज के लिए लंबे खर्च से जूझ रहे परिवार के लिए यह गंभीर संकट का दौर था। परिचितों-रिश्तेदारों से उधार-कर्ज लेकर किडनी प्रत्यारोपण के लिए रुपये का इंतजाम कर लिया गया लेकिन कोई डोनर नहीं मिल रहा था। बीमारी की वजह से पति के जीवन पर बढ़ते संकट को देखते हुए परमशीला ने खुद किडनी दान करने का निर्णय लिया। दिसंबर 2024 में लखनऊ के एक निजी अस्पताल में अशोक की किडनी बदल दी गई। लखनऊ के अस्पताल से ही अभी भी अशोक का इलाज जारी है। दोनों बेटों की पढ़ाई के खर्च के साथ ही रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जूझते हुए परमशीला परिवार संभाल रही हैं।
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जिले में 100 से अधिक मरीजों को किडनी डोनर का इंतजार
जिला अस्पताल में इस वक्त ऐसे 73 मरीजों का इलाज चल रहा है जिनकी किडनी खराब हो चुकी है। जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट के सीनियर टेक्नीशियन खुर्शीद खान ने बताया कि इस समय 73 मरीजों की डायलिसिस चल रही है। अगर निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे सीकेडी यानी क्रॉनिक किडनी डिजीज के मरीजों को जोड़ लिया जाए तो ये आंकड़ा 100 के पार हो जाएगा। डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी सिंह ने बताया कि जो मरीज डायलिसिस पर हैं, उनके पास किडनी ट्रांसप्लांट कराना ही एक मात्र विकल्प है।