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UP Nikay Chunav 2023: नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशी चयन पर रार, पूर्व विधायक अमनमणि बसपा से निष्कासित
Wed, 19 Apr 2023 01:48 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 19 Apr 2023 01:48 PM IST
सार
पूर्व विधायक अमनमणि को इससे पहले 2017 में समाजवादी पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखाया था। वह पार्टी के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतर गए और जीते थे। नौतनवां से निर्दलीय विधायक अमन ने पिछले चुनाव में बसपा का दामन थाम लिया था।
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पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
नगर निकाय चुनाव में पार्टी के मतभेद अब धीरे धीरे सामने आ रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी में मतभेद उभरकर सामने आ चुका है। नौतनवां नगर पालिका में प्रत्याशी चयन को लेकर घमासान मचा है। पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी और बसपा जिलाध्यक्ष के बीच ठन गई है।
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प्रत्याशी चयन को लेकर हुए विरोध के बीच जिलाध्यक्ष ने पूर्व विधायक को पार्टी से निष्कासित करने का पत्र जारी कर दिया है। वहीं पूर्व विधायक ने कहा कि जिलाध्यक्ष को मुझे निष्कासित करने का अधिकार नहीं है।
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बसपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार राव ने बताया कि बहुजन समाज पार्टी जिला यूनिट की ओर से पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी को पार्टी में अनुशासनहीनता व पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की सूचना दी गई। रिपोर्ट की विभिन्न सूत्रों से छानबीन करने के बाद उनको बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
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इनको पार्टी विरोधी गतिविधियों के बारे में कई बार चेतावनी भी दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भी इनकी कार्य शैली में कोई सुधार नहीं आया, इसकी वजह से पार्टी हित में यह कदम उठाया गया है। जेल में सजा काट रहे पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के बेटे पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी हैं। विवाद से इनका गहरा नाता है। पार्टी के निष्कासन के मसले पर पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी ने जिलाध्यक्ष के आरोपों को सिरे से खरिज कर दिया। उन्होंने बताया कि बेवजह की बातें कर मेरी छबि को खराब करने की कोशिश की जा रही है।
इसके पहले भी सपा से निष्कासित हुए थे
पूर्व विधायक अमनमणि को इससे पहले 2017 में समाजवादी पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखाया था। वह पार्टी के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतर गए और जीते थे। नौतनवां से निर्दलीय विधायक अमन ने पिछले चुनाव में बसपा का दामन थाम लिया था। पिछले साल हुए 2022 के विधानसभा चुनावों में भी वह मैदान में उतरे लेकिन भाजपा प्रत्याशी से हार गए।
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राजनीतिक करियर यूपी चुनाव 2012 से शुरू किया
अमनमणि त्रिपाठी ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक तक की पढ़ाई की है। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर यूपी चुनाव 2012 से शुरू किया। नौतनवां विधानसभा सीट से वे समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े। हालांकि, तब उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार कुंवर कौशल किशोर सिंह से हार का सामना करना पड़ा।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में अनमणि त्रिपाठी ने सपा से दोबारा टिकट मांगा, लेकिन पत्नी की हत्या के मामले में फंसने के बाद पार्टी ने उनसे किनारा कर लिया। इसके बाद वे निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे और सपा उम्मीदवार को जेल से ही हराकर विधानसभा तक का सफर तय किया।
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राजनीतिक करियर यूपी चुनाव 2012 से शुरू किया
अमनमणि त्रिपाठी ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक तक की पढ़ाई की है। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर यूपी चुनाव 2012 से शुरू किया। नौतनवां विधानसभा सीट से वे समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े। हालांकि, तब उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार कुंवर कौशल किशोर सिंह से हार का सामना करना पड़ा।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में अनमणि त्रिपाठी ने सपा से दोबारा टिकट मांगा, लेकिन पत्नी की हत्या के मामले में फंसने के बाद पार्टी ने उनसे किनारा कर लिया। इसके बाद वे निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे और सपा उम्मीदवार को जेल से ही हराकर विधानसभा तक का सफर तय किया।