महराजगंज। लक्ष्मीपुर के ग्राम पंचायत बकैनिया हरैया में प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और 15वें वित्त आयोग की विभिन्न योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता सामने आई है। संयुक्त जांच टीम की जांच में कुल 6,10,684 रुपये की धांधली प्रमाणित हुई है। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान अखिलेश्वर को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के तहत पद से हटाने सहित अन्य कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि बकैनिया हरैया में योजनाओं के क्रियान्वयन में भारी गड़बड़ी प्रकाश में आई है। ग्रामसभा के जगत प्रसाद ने अक्टूबर में शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने संयुक्त जांच के लिए परियोजना निदेशक, डीआरडीए रामदरश चौधरी और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता ई प्रवीण भारती की टीम गठित की। खंड विकास अधिकारी ने 17 अक्तूबर 2025 को जांच का आदेश जारी किया था। अधिकारियों ने 21 नवंबर 2025 को अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 से अब तक मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं 15वें वित्त आयोग की कई परियोजनाओं में भ्रष्टाचार किया गया। ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत सचिव को इन अनियमितताओं का प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार माना गया है। जांच टीम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 22 लाभार्थियों के आवासों का भौतिक सत्यापन किया। तीन महिलाओं को अपात्र पाते हुए योजना का अनुचित लाभ उठाने की पुष्टि की गई।