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स्वास्थ्य
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सरकारी अस्पतालों में बढ़ने लगे बुखार से पीड़ित मरीज
महराजगंज। मौसम में उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। ज्यादातर लोगों को बुखार, सर्दी, जुकाम, बदन दर्द आदि की समस्या होने लगी है। इससे सरकारी अस्पतालों में मरीजों का दबाव बढ़ गया है। जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी, पीएचसी पर बुखार से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। जहां चिकित्सक दवा के साथ बचाव के भी सुझाव दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिले में अलग-अलग स्थानों पर पड़ताल में सरकारी अस्पतालों में लोग बुखार होने पर इलाज कराते हुए मिले।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर 100 मरीजों ने अपना इलाज कराने के लिए पर्ची कटवाया जिसमें 70 मरीज सिर्फ बुखार के रहे। 1 सितंबर से नौ सितंबर तक बुखार से पीड़ित कुल 120 मरीजों ने इलाज कराया। वनटांगिया सेक्टर 27 नर्सरी की रहने वाली संध्या देवी, पवरनी देवी के सिर में दर्द, चक्कर एवं बुखार आने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती किया गया। हरखोड़ा निवासी सालू, जगदौर निवासी रमेश, टिकर निवासी चंद्रमा, बसवार निवासी चंदा ने बताया चार दिन पहले से बुखार आ रहा है। अस्पताल में जांच कराने के बाद दवा मिली। इससे बुखार कुछ हल्का हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा के प्रभारी अधीक्षक डॉ. विपिन कुमार शुक्ला ने बताया कि इलाज की बेहतर व्यवस्था है। बुखार के मरीजो की संख्या बढ़ी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर में इस समय बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को डॉ. सुरेन्द्र मरीजों की जांच कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यहां एक सप्ताह में कुल 410 बुखार के मरीजों का इलाज हुआ जिसमें 60 बच्चे और 350 अधिक उम्र के लोग हैं। मौसम में उतार चढ़ाव के वजह से प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। दवाएं उपलब्ध हैं। सीएचसी सिसवा में 1 सितंबर से 9 सितंबर तक 274 बुखार के मरीजों का इलाज हुआ है। डॉ. मनोज कुशवाहा ने बताया कि बुखार के मरीज प्रत्येक दिन आ रहे हैं। उनको अस्पताल में उपलब्ध दवाएं दी जा रही हैं। सिसवां कस्बे की इंदू ने बताया कि बुखार एवं शरीर में दर्द की समस्या होने पर अस्पताल इलाज कराने पहुंची। सबया गांव की बबिता, भारतखंड पकड़ी की वहिदा खातून, खेसरारी के राम प्रवेश इलाज कराने में पहुंचे थे। वहीं परतावल सीएचसी में भी बुखार पीड़ितों की संख्या में इजाफा हो रहा है। 1 सितंबर से 9 सितंबर तक 56 लोग पीड़ित मिले। जिनका इलाज किया गया। अस्पताल में तैनात डॉ. अनिल जायसवाल ने बताया कि इन दिनों सेहत के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही से परेशानी बढ़ सकती है।
ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह
होम्योपैथ चिकित्सक हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि मौसम बदलने के साथ-साथ लोगों में वायरल फीवर का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। वायरल फीवर के उपचार में होम्योपैथिक दवाइयां उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। होम्योपैथिक दवाइयां बिना किसी दुष्प्रभाव के सर्दी, जुकाम, तेज बुखार, बदन दर्द आदि लक्षणों से आसानी से छुटकारा देती हैं। वायरल फीवर के मरीज को पानी ज्यादा से ज्यादा पीना चाहिए। स्वच्छ भोजन तथा शाकाहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। फलों का सेवन निश्चित रूप से करें।
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सभी अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल पहुंचने वाले सभी मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज हो रहा है। सेहत के प्रति सभी सचेत रहने की जरूरत है। चिकित्सक की सलाह पर गंभीरता से अमल करें।
-डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ
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महराजगंज। मौसम में उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। ज्यादातर लोगों को बुखार, सर्दी, जुकाम, बदन दर्द आदि की समस्या होने लगी है। इससे सरकारी अस्पतालों में मरीजों का दबाव बढ़ गया है। जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी, पीएचसी पर बुखार से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। जहां चिकित्सक दवा के साथ बचाव के भी सुझाव दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिले में अलग-अलग स्थानों पर पड़ताल में सरकारी अस्पतालों में लोग बुखार होने पर इलाज कराते हुए मिले।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर 100 मरीजों ने अपना इलाज कराने के लिए पर्ची कटवाया जिसमें 70 मरीज सिर्फ बुखार के रहे। 1 सितंबर से नौ सितंबर तक बुखार से पीड़ित कुल 120 मरीजों ने इलाज कराया। वनटांगिया सेक्टर 27 नर्सरी की रहने वाली संध्या देवी, पवरनी देवी के सिर में दर्द, चक्कर एवं बुखार आने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती किया गया। हरखोड़ा निवासी सालू, जगदौर निवासी रमेश, टिकर निवासी चंद्रमा, बसवार निवासी चंदा ने बताया चार दिन पहले से बुखार आ रहा है। अस्पताल में जांच कराने के बाद दवा मिली। इससे बुखार कुछ हल्का हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा के प्रभारी अधीक्षक डॉ. विपिन कुमार शुक्ला ने बताया कि इलाज की बेहतर व्यवस्था है। बुखार के मरीजो की संख्या बढ़ी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर में इस समय बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को डॉ. सुरेन्द्र मरीजों की जांच कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यहां एक सप्ताह में कुल 410 बुखार के मरीजों का इलाज हुआ जिसमें 60 बच्चे और 350 अधिक उम्र के लोग हैं। मौसम में उतार चढ़ाव के वजह से प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। दवाएं उपलब्ध हैं। सीएचसी सिसवा में 1 सितंबर से 9 सितंबर तक 274 बुखार के मरीजों का इलाज हुआ है। डॉ. मनोज कुशवाहा ने बताया कि बुखार के मरीज प्रत्येक दिन आ रहे हैं। उनको अस्पताल में उपलब्ध दवाएं दी जा रही हैं। सिसवां कस्बे की इंदू ने बताया कि बुखार एवं शरीर में दर्द की समस्या होने पर अस्पताल इलाज कराने पहुंची। सबया गांव की बबिता, भारतखंड पकड़ी की वहिदा खातून, खेसरारी के राम प्रवेश इलाज कराने में पहुंचे थे। वहीं परतावल सीएचसी में भी बुखार पीड़ितों की संख्या में इजाफा हो रहा है। 1 सितंबर से 9 सितंबर तक 56 लोग पीड़ित मिले। जिनका इलाज किया गया। अस्पताल में तैनात डॉ. अनिल जायसवाल ने बताया कि इन दिनों सेहत के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही से परेशानी बढ़ सकती है।
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ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह
होम्योपैथ चिकित्सक हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि मौसम बदलने के साथ-साथ लोगों में वायरल फीवर का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। वायरल फीवर के उपचार में होम्योपैथिक दवाइयां उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। होम्योपैथिक दवाइयां बिना किसी दुष्प्रभाव के सर्दी, जुकाम, तेज बुखार, बदन दर्द आदि लक्षणों से आसानी से छुटकारा देती हैं। वायरल फीवर के मरीज को पानी ज्यादा से ज्यादा पीना चाहिए। स्वच्छ भोजन तथा शाकाहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। फलों का सेवन निश्चित रूप से करें।
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सभी अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल पहुंचने वाले सभी मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज हो रहा है। सेहत के प्रति सभी सचेत रहने की जरूरत है। चिकित्सक की सलाह पर गंभीरता से अमल करें।
-डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ