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Maharajganj News: तेंदुए का खौफ, शाम होते ही बंद हो जा रहे दरवाजे
Thu, 03 Jul 2025 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 03 Jul 2025 01:01 AM IST
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घुघली। पकड़ियार गांव के लोगों में तेंदुए का खौफ है। शाम होते ही हर घर के दरवाजे बंद हो जाते हैं, क्योंकि रात में तेंदुआ गांव में भ्रमण करता है।
मंगलवार को इसकी तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। कभी वह सड़क पर बैठा दिखाई देता है, तो कभी गलियों में घूमते हुए लोग उसे देख रहे हैं। दिन में तो तेंदुआ छोटी गंडक नदी के किनारे रहता है, मगर रात में पकडियार-बिशुनपुर गांव के केवटनिया टोला के आसपास की घनी झाड़ियों के अलावा सड़क पर भ्रमण करके शिकार की तलाश करता है। बीते रविवार को केवटनिया टोला के बिंद्रेश साहनी शाम 6 बजे खेत में खाद डालकर आ रहे थे।
वह जैसे ही खेत से घर आने के लिए सड़क पर आगे बढ़े सामने तेंदुआ दिख गया। बिंद्रेश उसको देखकर शोर मचाते हुए भागते समय गिर गए। गांव के लोग लाठी-डंडा लेकर शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे, तब वह भागा। उसी रात करीब आठ बजे इसी गांव के राम दुलारे की पत्नी तारा देवी ने अपने घर के पीछे तेंदुए को देखकर शोर मचाया।
ग्रामीण जुटे तो वह गन्ने के खेत में छिप गया। सोमवार की रात पकड़ियार और बालाक्षत्र घाट के बीच स्थित ईंट भट्ठे के पास एक और महिला को तेंदुआ सड़क पर बैठा दिखाई दिया तो शोर मचाते हुए वह किसी तरह भागकर घर पहुंची।
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मंगलवार की सुबह करीब चार बजे पुलिस में भर्ती की तैयारी के लिए गांव रामाशीष, राम दुलारे, दुर्गेश पकड़ियार-कप्तानगंज मार्ग पर दौड़ रहे थे। तभी सड़क के किनारे झाड़ियों में बैठे तेंदुए की आहट पाकर दर्जनों कुत्ते भौंकने लगे। इसकी जानकारी मिलते ही तीनों लड़के वापस घर आ गए।
पकड़ियार गांव के चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में वह नजर आ रहा है। सड़क पर कीचड़ में सने उसके पंजे के निशान स्पष्ट दिखाई दिए। वन विभाग के डिप्टी रेंजर कासिम अली ने बताया कि तेंदुए को नुकसान न पहुंचाया जाए, तो वह कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचा सकता। वैसे पिंजरा लगा दिया गया है। निगरानी की जा रही है।
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मंगलवार को इसकी तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। कभी वह सड़क पर बैठा दिखाई देता है, तो कभी गलियों में घूमते हुए लोग उसे देख रहे हैं। दिन में तो तेंदुआ छोटी गंडक नदी के किनारे रहता है, मगर रात में पकडियार-बिशुनपुर गांव के केवटनिया टोला के आसपास की घनी झाड़ियों के अलावा सड़क पर भ्रमण करके शिकार की तलाश करता है। बीते रविवार को केवटनिया टोला के बिंद्रेश साहनी शाम 6 बजे खेत में खाद डालकर आ रहे थे।
वह जैसे ही खेत से घर आने के लिए सड़क पर आगे बढ़े सामने तेंदुआ दिख गया। बिंद्रेश उसको देखकर शोर मचाते हुए भागते समय गिर गए। गांव के लोग लाठी-डंडा लेकर शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे, तब वह भागा। उसी रात करीब आठ बजे इसी गांव के राम दुलारे की पत्नी तारा देवी ने अपने घर के पीछे तेंदुए को देखकर शोर मचाया।
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ग्रामीण जुटे तो वह गन्ने के खेत में छिप गया। सोमवार की रात पकड़ियार और बालाक्षत्र घाट के बीच स्थित ईंट भट्ठे के पास एक और महिला को तेंदुआ सड़क पर बैठा दिखाई दिया तो शोर मचाते हुए वह किसी तरह भागकर घर पहुंची।
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मंगलवार की सुबह करीब चार बजे पुलिस में भर्ती की तैयारी के लिए गांव रामाशीष, राम दुलारे, दुर्गेश पकड़ियार-कप्तानगंज मार्ग पर दौड़ रहे थे। तभी सड़क के किनारे झाड़ियों में बैठे तेंदुए की आहट पाकर दर्जनों कुत्ते भौंकने लगे। इसकी जानकारी मिलते ही तीनों लड़के वापस घर आ गए।
पकड़ियार गांव के चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में वह नजर आ रहा है। सड़क पर कीचड़ में सने उसके पंजे के निशान स्पष्ट दिखाई दिए। वन विभाग के डिप्टी रेंजर कासिम अली ने बताया कि तेंदुए को नुकसान न पहुंचाया जाए, तो वह कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचा सकता। वैसे पिंजरा लगा दिया गया है। निगरानी की जा रही है।