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Maharajganj News: अपनों की कुशलता जानने के लिए परेशान रहे परिजन
Thu, 30 Jan 2025 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 30 Jan 2025 12:16 AM IST
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महराजगंज। मंगलवार की देर रात प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ और लोगों के घायल होने की सूचना टीवी और अन्य माध्यमों से मिलते ही लोग परेशान हो गए। एक-दूसरे से संपर्क साधने में जुट गए, जिससे स्नान के लिए प्रयागराज गए उनके परिजनों की कुशलता का पता लग सके।
महराजगंज और सोनौली डिपो से भी वह लोग संपर्क साधते रहे, जिनके परिजन मंगलवार शाम से लेकर देर रात तक रोडवेज बस से रवाना हुए थे। घंटों मशक्कत के बाद कुछ लोग अपने परिजनों से संपर्क के बाद निश्चिंत हुए तो काफी लोग संपर्क न होने के कारण ऊहापोह और निराशा भरे माहौल में रहने को मजबूर हुए।
महाकुंभ जाने वालों की बात करें तो जिले से बड़ी संख्या में लोग प्रयागराज गए हैं। घर के बड़े-बूढ़े पुण्य बटोरने की लालसा में पहले स्नान के पहले से कुंभ क्षेत्र में प्रवास कर रहे हैं। वहीं 120 रोडवेज बसें सिर्फ महराजगंज डिपो से मौनी स्नान के लिए श्रद्धालुओं को लेकर गई हैं। मुख्यालय के अलावा पनियरा, सिसवां, निचलौल, फरेंदा, सिसवां और घुघली से बड़ी संख्या में लोग एक दूसरे का साथ पाकर भी निकले हैं।
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मंगलवार की देर रात मौनी अमावस्या के अमृत स्नान के दौरान भगदड़ और लोगों के मरने की जानकारी बुधवार सुबह से ही सोशल प्लेटफार्म और टीवी चैनलों पर तैरने लगी, जिसने उनकी धड़कनें बढ़ा दी जिनके घर के सदस्य महाकुंभ गए हैं। अधिकतर लोग भीड़भाड़ से बचने के लिए मोबाइल फोन नहीं ले गए हैं, ऐसे में घर के लोग उन लोगों का नंबर पता करने में जुटे रहे कि उनके घर के सदस्य के साथ मोहल्ले या गांव से और कौन गया है।
नंबर पता चलने पर कुशलता जानने के बाद ही लोगों को सुकुन मिला। वहीं वह लोग परेशान रहे जो अपने घर वालों से संपर्क नहीं कर पाए। मंगलवार की रात गए श्रद्धालुओं की जानकारी के लिए लोग महराजगंज डिपो और सोनौली डिपो के एआरएम व अन्य कर्मियों से संपर्क कर बस चालक व परिचालक का नंबर पूछते रहे जो डिपो से बस लेकर प्रयागराज एक से दो दिन पहले गए हैं। जवाब दे देकर कर्मी भी परेशान रहे। शुरू में तो रोडवेज चालकों का नंबर बताते रहे, लेकिन इसके बाद जानकारी न होने की बात कहकर लोगों को टरकाने लगे।
डिपो के नंबर पर सुबह से शाम तक लोग प्रयाग जाने वाले चालक-परिचालक का नंबर मांगते रहे। 200 फोन तो उनके निजी नंबर पर ही आया।
सर्वजीत वर्मा, एआरएम
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महराजगंज और सोनौली डिपो से भी वह लोग संपर्क साधते रहे, जिनके परिजन मंगलवार शाम से लेकर देर रात तक रोडवेज बस से रवाना हुए थे। घंटों मशक्कत के बाद कुछ लोग अपने परिजनों से संपर्क के बाद निश्चिंत हुए तो काफी लोग संपर्क न होने के कारण ऊहापोह और निराशा भरे माहौल में रहने को मजबूर हुए।
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महाकुंभ जाने वालों की बात करें तो जिले से बड़ी संख्या में लोग प्रयागराज गए हैं। घर के बड़े-बूढ़े पुण्य बटोरने की लालसा में पहले स्नान के पहले से कुंभ क्षेत्र में प्रवास कर रहे हैं। वहीं 120 रोडवेज बसें सिर्फ महराजगंज डिपो से मौनी स्नान के लिए श्रद्धालुओं को लेकर गई हैं। मुख्यालय के अलावा पनियरा, सिसवां, निचलौल, फरेंदा, सिसवां और घुघली से बड़ी संख्या में लोग एक दूसरे का साथ पाकर भी निकले हैं।
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मंगलवार की देर रात मौनी अमावस्या के अमृत स्नान के दौरान भगदड़ और लोगों के मरने की जानकारी बुधवार सुबह से ही सोशल प्लेटफार्म और टीवी चैनलों पर तैरने लगी, जिसने उनकी धड़कनें बढ़ा दी जिनके घर के सदस्य महाकुंभ गए हैं। अधिकतर लोग भीड़भाड़ से बचने के लिए मोबाइल फोन नहीं ले गए हैं, ऐसे में घर के लोग उन लोगों का नंबर पता करने में जुटे रहे कि उनके घर के सदस्य के साथ मोहल्ले या गांव से और कौन गया है।
नंबर पता चलने पर कुशलता जानने के बाद ही लोगों को सुकुन मिला। वहीं वह लोग परेशान रहे जो अपने घर वालों से संपर्क नहीं कर पाए। मंगलवार की रात गए श्रद्धालुओं की जानकारी के लिए लोग महराजगंज डिपो और सोनौली डिपो के एआरएम व अन्य कर्मियों से संपर्क कर बस चालक व परिचालक का नंबर पूछते रहे जो डिपो से बस लेकर प्रयागराज एक से दो दिन पहले गए हैं। जवाब दे देकर कर्मी भी परेशान रहे। शुरू में तो रोडवेज चालकों का नंबर बताते रहे, लेकिन इसके बाद जानकारी न होने की बात कहकर लोगों को टरकाने लगे।
डिपो के नंबर पर सुबह से शाम तक लोग प्रयाग जाने वाले चालक-परिचालक का नंबर मांगते रहे। 200 फोन तो उनके निजी नंबर पर ही आया।
सर्वजीत वर्मा, एआरएम