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महराजगंज: सनक में सलाखों के पीछे पहुंचा फर्जी रॉ एजेंट, गूगल से सर्च कर बनवाई थी आईडी

Sat, 09 Apr 2022 02:29 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज। Published by: vivek shukla Updated Sat, 09 Apr 2022 02:29 AM IST
सार

कूटरचित दस्तावेज के आधार पर फर्जीवाड़ा, लोक सेवक के पद का दुरुपयोग सहित कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा।

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Fake RAW agent behind bars to tune of craze in Maharajganj
भारत-नेपाल सीमा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

ताकतवर इंसान बनने की सनक ने रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के कथित एजेंट राहिल परवेज को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। बृहस्पतिवार को पूरे दिन एटीएस, आईबी, एसओजी, एसआईओ, एसएसबी, एलआईयू, पुलिस एवं सर्विलांस सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां की पूछताछ में राहिल की निजी परेशानियों के अलावा यह बात निकलकर सामने आई कि उसने फर्जी आईडी को असली बताकर न सिर्फ उसका भरपूर लाभ लिया, बल्कि एक लोक सेवक का बनावटी रूप धारण कर उसका गलत उपयोग भी किया।

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इस पूरे मामले में राहिल परवेज को सुरक्षा एजेंसियों ने दोषी मानते हुए कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया। एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार राहिल परवेज निवासी अशोक विहार कॉलोनी, थाना सारनाथ जनपद वाराणसी के खिलाफ लोक सेवक का बनावटी रूप धारण कर गलत काम करने, फर्जीवाड़ा, कूटरचित दस्तावेज के आधार पर अनैतिक कार्यों को करने एवं आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर चालान कर दिया गया।

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रॉ की फर्जी आईडी को बनाया था ढ़ाल

मैरिज हाउस से हिरासत में लिए गए राहिल के फर्जी रॉ एजेंट बनने और नकली बंदूक रखने के पीछे एक बड़ी ही दिलचस्प कहानी है। सुरक्षा एजेंसियों की हुई पूछताछ की सूत्र के आधार पर बताएं तो बीते वर्ष के अगस्त माह में पुत्र समेत पत्नी के किसी दूसरे व्यक्ति के साथ फरार हो जाने के बाद राहिल परवेज के सिर पर खून सवार था। इसी दौरान हाल ही में 3-4 माह पूर्व बिजनेस के सिलसिले के दौरान उनकी मुलाकात एक तलाकशुदा लड़की से होती है और दोनों में बातचीत शुरू हो जाती है। उसे प्रभावित करने के साथ ही पत्नी और बच्चे को दूसरे देश नेपाल में तलाश के लिए भी राहिल ने रॉ की फर्जी आईडी और नकली बंदूक को ढाल बनाया था और अपने काम में लगा हुआ था।

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बड़बोले पन की वजह से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर आया राहिल

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हिरासत में लिए गए दोनों संदिग्ध अपने बड़बोले पन की वजह से ही सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर आए। बुधवार की रात मैरिज हाउस में छापा से एक दिन पहले की वारदात पर नजर डालें तो मंगलवार की दोपहर राहिल अपने वाहन चालक के साथ नौतनवा-सोनौली के बीच बाईपास पर स्थित एक होटल में खाना खा रहा था। खाना मंगवाने के दौरान होटल कर्मी तथा वहां मौजूद लोगों से खुद को रॉ का बड़ा अधिकारी बताते हुए अपने बारे में बड़ी-बड़ी बातें करने लगा। बताया जा रहा है कि बातों ही बातों में उसने पास में मौजूद रॉ की फर्जी आईडी भी दिखा दी।

मौके से ही पीछे की बेंच पर खाना खा रहे एक सुरक्षा एजेंसी के एजेंट ने राहिल के बड़बोले पन की पूरी बातों को गंभीरता से सुनने के बाद अपने उच्चाधिकारियों को बताई और वहीं से राहिल सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर आ गया। पूरे 24 घंटे तक राहिल की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद इसकी जानकारी पुलिस को दी गई और अगले दिन बुधवार की रात पुलिस एवं तमाम सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता से उसे समय रहते मैरिज हाउस में छापा डाल कर चालक समेत दबोच लिया गया।

भारत-नेपाल की गलियों में खाक छान रहा था राहिल

रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) की फर्जी आईडी और नकली बंदूक के साथ हिरासत में लिए गए राहिल को पुत्रमोह था। वह अपने पुत्र रेहान को जान से भी ज्यादा चाहता था। बीते वर्ष अगस्त माह में जब पत्नी घर से लाखों के गहने और कुछ नकदी के साथ ही पांच वर्ष के पुत्र रेहान को भी लेकर फरार हो गई तो वह परेशान हो गया। उनकी तलाश में भारत से लेकर नेपाल तक की गली-मोहल्लों में भटकने लगा। पुत्र को पाने के लिए उसने एक हैकर के चक्कर में पड़कर 18 लाख रुपए भी गंवा दिए। उसने बताया कि वह पत्नी के फरार होने के बाद से ही सिर्फ अपने पुत्र को पाना चाहता था।

गूगल से सर्च कर बनवाई थी आईडी

राहिल ने पूछताछ में बताया कि पत्नी के फरार होने के बाद उसने जब अपने स्तर से छानबीन की तो उसे पत्नी को भगाने वाले व्यक्ति के काफी पावरफुल होने का अंदाजा हुआ। ऐसे में फिल्मों के कुछ सीन में देश और विदेश दोनों ही स्थानों पर (रॉ) एजेंट के सबसे पावरफुल होने की बात दिमाग में आई और उसी वक्त उसने खुद की पहचान रॉ एजेंट के रूप में बनाने की ठानी। उसने गूगल पर सर्च किया तो रॉ की तमाम आईडी सामने आई। इन्हीं में से एक आईडी को डाउनलोड किया और उसमें छेड़छाड़ कर उसे अपने नाम से बनवा लिया।

टोल प्लाजा  पर भी रॉ एजेंट के रूप में लिया लाभ

राहिल की गतिविधियों और पूछताछ के दौरान यह भी बात निकलकर सामने आई कि पिछले तीन से चार महीनों के अंदर उसने कई टोल प्लाजा और कुछ विशेष स्थानों पर भी खुद को रॉ एजेंट बताकर पूरा लाभ लिया। अब बात जब भारत की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी के एजेंट की हो तो कोई पूछताछ करने की हिमाकत भी कैसे कर सकता था, लेकिन राहत की बात यह रही कि रॉ एजेंट के रूप में राहिल किसी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे सका।

 
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