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Maharajganj News: राजस्थान, बिहार के लोगों का जिले से बना था फर्जी जन्म प्रमाण पत्र

Tue, 12 Sep 2023 01:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 12 Sep 2023 01:58 AM IST
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Fake birth certificates of people of Rajasthan and Bihar were made from the district
महराजगंज। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनने की परत दर परत खुल रही है। 27 ग्राम सचिवों की आईडी हैक करके फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी हुआ था। इसमें राजस्थान, बिहार, असम के लोगों का यहां के पते पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बना दिया गया था। इसमें सहज सेवा केंद्र की भूमिका अधिक रही है। हैरानी की बात यह है कि ग्राम सचिवों की आईडी हैक हो गई और इसकी भनक उनको नहीं लगी।
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सूत्र बता रहे हैं कि फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले में सहज सेवा केंद्रों की भूमिका संदिग्ध लग रही है। इस प्रकरण की जांच हो रही है, लेकिन फर्जीवाड़े में कौन-कौन शामिल है, इसके बारे में कुछ पता नहीं चल पा रहा है। बिहार, राजस्थान के अलावा पड़ोसी जिले गोरखपुर, देवरिया, सिद्धार्थनगर के लोगों ने भी यहां से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया है। यह खेल लंबे समय से चल रहा था। पोर्टल पर अधिक संख्या में प्रमाण पत्र जारी हुआ तब विभाग के अधिकारियों को संदेह हुआ। सचिवों से जानकारी ली गई तब पूरी कहानी खुलकर सामने आ गई। ग्राम सचिवों की इसकी जानकारी भी नहीं हुई और यह अवैध धंधा आसानी से चलता रहा। ग्राहक सेवा केंद्रों पर फर्जी वेबसाइट बनाकर फर्जी तरीके से कूटरचना करते हुए वेबसाइट से फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता था।
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आखिर बिना यूजर आईडी के कैसे जारी हुआ प्रमाण पत्र?
27 ग्राम पंचायतों की सीआरएस साफ्टवेयर यूजर आईडी का प्रयोग करके जनवरी 2022 से मार्च 2022 के मध्य अधिक जन्म प्रमाण पत्र जारी हुए हैं। ग्राम पंचायत के रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) सचिव के अनुसार उन्होंने इस अवधि में अपने ग्राम पंचायतों की सीआरएस साफ्टवेयर की यूजर आईडी का प्रयोग ही नहीं किया है।
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रजिस्टर में पांच, पोर्टल पर मिले 20 से 80 नाम
पोर्टल के डिस्प्ले बोर्ड पर जन्म प्रमाण पत्रों की जारी संख्या अधिक दिखने पर संदेश हुआ तो शासन ने इसका संज्ञान लिया। ग्राम पंचायत अधिकारियों के माध्यम से जांच कराई गई तो उनके रजिस्टर में चार से पांच नाम मिले। जबकि पोर्टल के माध्यम से कहीं 20, कहीं 50 तो कहीं 80 प्रमाण पत्र जारी किए गए थे। प्रमाण पत्र के लिए 500 से 1000 रुपये तक लिया जाता था।
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बोदरवार में 280 लोगों को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मिला था

नौतनवां तहसील क्षेत्र के बैकुंठपुर उर्फ बोदरवार में 280 लोगों को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मिला था। जांच होने पर जिस नाम से प्रमाण पत्र जारी हुआ था, उस नाम का कोई व्यक्ति गांव में नहीं मिला। बताया जा रहा है कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच में यह जारी हुआ है। प्रमाण पत्र बोदरवार गांव के पते पर है।
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मामले की जांच के बाद पोल खुला। जन्म से ज्यादा प्रमाण पत्र ही जारी हो गए थे। इससे शक होने पर शासन ने जांच कराई। ग्राम सचिवों को पता ही नहीं था की पोर्टल से इतनी अधिक संख्या में जन्म प्रमाण पत्र जारी कैसे हो गया। जानकारी के बाद कोतवाली में तहरीर दी गई थी।

-सुधीर कुमार सिंह, एडीओ पंचायत सदर ब्लॉक
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