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Maharajganj News: 131 श्रमिकों की लगी फर्जी हाजिरी
Sat, 19 Oct 2024 03:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 19 Oct 2024 03:20 AM IST
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निचलौल। ब्लॉक क्षेत्र के भेड़िया गांव में जिम्मेदारों ने मनरेगा योजना के तहत एक ही दिन 131 मजदूरों का फर्जी हाजिरी लगाकर उच्चाधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया था। उच्चाधिकारियों की ओर से कार्य स्थल की फोटो मांगने पर जिम्मेदारों की पोल खुल गई।
अब इस मामले में खंड विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी को पत्र भेजकर रोजगार सेवक से दो दिन के अंदर जवाब मांगने के लिए कहा है।
सटीक जवाब न मिलने पर रोजगार सेवक के खिलाफ थाने पर तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं लापरवाही बरतने पर ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ भी मनरेगा एक्ट के तहत कार्रवाई करने की नसीहत दी गई है।
खंड विकास अधिकारी शमा सिंह ने 16 अक्तूबर को पत्र जारी करते हुए ग्राम विकास अधिकारी राजीव कुमार रामचंद्रन से कहा है कि ग्राम सभा भेड़िया में 14 अक्तूबर को मनरेगा कार्यों का एनएमएमएस एप के माध्यम से 131 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज कराई गई थी, जिसमें से 10 श्रमिक प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों का है। जबकि साकिर के घर से राकेश के दुकान तक सड़क के दोनों तरफ झाड़ी सफाई और मिट्टी कार्य में 22 श्रमिक, श्मशान घाट के प्रांगण में झाड़ी सफाई और मिट्टी कार्य 46 श्रमिक, मुख्य सड़क से विद्युत उपकेन्द्र होकर महाविद्यालय तक झाड़ी सफाई और मिट्टी कार्य 7 श्रमिक, लक्ष्मण के घर से वीरेन्दर के घर होकर पुल तक झाड़ी सफाई और मिट्टी कार्य 19 श्रमिक एवं श्याम बिहारी के घर से मोजरी सिवान तक सड़क के दोनों तरफ झाड़ी सफाई और मिट्टी कार्य 27 श्रमिक सहित कुल 121 श्रमिकों की हाजिरी दर्शाया गया है।
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वहीं मुख्य विकास अधिकारी की ओर से मनरेगा रिपोर्ट के अनुसार एनएमएमएस का फोटो मांगा गया। तो ग्राम रोजगार सेवक जयग्रीस पटेल की ओर से बताया गया कि उक्त तिथि पर ग्राम पंचायत भेड़ियां में किसी भी साइड पर श्रमिक ही नहीं लगे है। ऐसे में स्पष्ट है कि ग्राम रोजगार सेवक जयग्रीस पटेल की ओर से मनरेगा कार्यों में फर्जी श्रमिकों की एनएमएमएस कर हाजिरी लगाई गई है जो मनरेगा गाइडलाइन के विरूद्ध है। इसके लिए रोजगार सेवक दोषी है।
इतना ही नहीं पर्यवेक्षणीय लापरवाही के तहत ग्राम विकास अधिकारी भी दोषी है। उक्त रोजगार सेवक के पास दो ग्राम पंचायत, भेड़िहारी व बजहां भी है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास प्राप्त लाभार्थियों के आवास की मनरेगा मजदूरी का मस्टररोल बार-बार कहने के बाद भी जारी नहीं किया जा रहा है। रोजगार सेवक किसी सूचना और अवकाश के ही कई दिनों तक विकास खंड से पलायित रहते हैं।
ऐसे में ग्राम रोजगार सेवक जयग्रीस पटेल से दो दिन के अंदर जवाब उपलब्ध कराएं। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाई जाती है। तो अगले कार्य दिवस में बिना किसी सूचना के ही स्वयं निचलौल थाने में ग्राम रोजगार सेवक पटेल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराके कार्यालय को सूचित करें। अगर किसी प्रकार की लापरवाही होती है, तो आपकी भी संलिप्तता मानते हुए मनरेगा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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अब इस मामले में खंड विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी को पत्र भेजकर रोजगार सेवक से दो दिन के अंदर जवाब मांगने के लिए कहा है।
सटीक जवाब न मिलने पर रोजगार सेवक के खिलाफ थाने पर तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं लापरवाही बरतने पर ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ भी मनरेगा एक्ट के तहत कार्रवाई करने की नसीहत दी गई है।
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खंड विकास अधिकारी शमा सिंह ने 16 अक्तूबर को पत्र जारी करते हुए ग्राम विकास अधिकारी राजीव कुमार रामचंद्रन से कहा है कि ग्राम सभा भेड़िया में 14 अक्तूबर को मनरेगा कार्यों का एनएमएमएस एप के माध्यम से 131 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज कराई गई थी, जिसमें से 10 श्रमिक प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों का है। जबकि साकिर के घर से राकेश के दुकान तक सड़क के दोनों तरफ झाड़ी सफाई और मिट्टी कार्य में 22 श्रमिक, श्मशान घाट के प्रांगण में झाड़ी सफाई और मिट्टी कार्य 46 श्रमिक, मुख्य सड़क से विद्युत उपकेन्द्र होकर महाविद्यालय तक झाड़ी सफाई और मिट्टी कार्य 7 श्रमिक, लक्ष्मण के घर से वीरेन्दर के घर होकर पुल तक झाड़ी सफाई और मिट्टी कार्य 19 श्रमिक एवं श्याम बिहारी के घर से मोजरी सिवान तक सड़क के दोनों तरफ झाड़ी सफाई और मिट्टी कार्य 27 श्रमिक सहित कुल 121 श्रमिकों की हाजिरी दर्शाया गया है।
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वहीं मुख्य विकास अधिकारी की ओर से मनरेगा रिपोर्ट के अनुसार एनएमएमएस का फोटो मांगा गया। तो ग्राम रोजगार सेवक जयग्रीस पटेल की ओर से बताया गया कि उक्त तिथि पर ग्राम पंचायत भेड़ियां में किसी भी साइड पर श्रमिक ही नहीं लगे है। ऐसे में स्पष्ट है कि ग्राम रोजगार सेवक जयग्रीस पटेल की ओर से मनरेगा कार्यों में फर्जी श्रमिकों की एनएमएमएस कर हाजिरी लगाई गई है जो मनरेगा गाइडलाइन के विरूद्ध है। इसके लिए रोजगार सेवक दोषी है।
इतना ही नहीं पर्यवेक्षणीय लापरवाही के तहत ग्राम विकास अधिकारी भी दोषी है। उक्त रोजगार सेवक के पास दो ग्राम पंचायत, भेड़िहारी व बजहां भी है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास प्राप्त लाभार्थियों के आवास की मनरेगा मजदूरी का मस्टररोल बार-बार कहने के बाद भी जारी नहीं किया जा रहा है। रोजगार सेवक किसी सूचना और अवकाश के ही कई दिनों तक विकास खंड से पलायित रहते हैं।
ऐसे में ग्राम रोजगार सेवक जयग्रीस पटेल से दो दिन के अंदर जवाब उपलब्ध कराएं। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाई जाती है। तो अगले कार्य दिवस में बिना किसी सूचना के ही स्वयं निचलौल थाने में ग्राम रोजगार सेवक पटेल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराके कार्यालय को सूचित करें। अगर किसी प्रकार की लापरवाही होती है, तो आपकी भी संलिप्तता मानते हुए मनरेगा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।