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स्वास्थ्य विभाग ने छापा डाला

Sat, 23 Apr 2022 12:30 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2022 12:30 AM IST
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Ex Asha worker s home seel
पूर्व आशा कार्यकर्ता के घर पर संचालित प्रसव केंद्र सील
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महराजगंज। अस्पतालों की जांच के तीन टीमों का गठन सदर, फरेंदा और निचलौल तहसील के लिए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राकेश कुमार, एसडीएम फरेंदा दिनेश कुमार मिश्रा व एसडीएम निचलौल सत्य प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में किया गया। गठित टीमों ने तीनों तहसीलों के विभिन्न अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में बिना लाइसेंस के संचालित आराध्या हॉस्पिटल बरगदवा निचलौल को सील कर दिया गया। सदर तहसील में सावित्री अस्पताल और निचलौल तहसील में रवि हॉस्पिटल एवं शिवम हॉस्पिटल की ओटी को सील किया गया।
फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम दिनेश कुमार मिश्रा, एसीएमओ डॉ. राकेश कुमार व अधीक्षक डॉ एमपी सोनकर ने फरेंदा बुजुर्ग के जुगुलपुर में चर्चित प्रसव केंद्र पर छापा डाला। जहां पर एक पूर्व आशा कार्यकर्ता घर पर प्रसव केंद्र का संचालन करती हुई मिली। जिसके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए प्रसव कक्ष को सील कर दिया।
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फरेंदा थाना क्षेत्र के फरेंदा बुजुर्ग में एक पूर्व आशा कार्यकर्ता प्रसव केंद्र संचालित होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा डाला। जहां पर टीम को आता देख संचालिका मौके से फरार हो गई। प्रसव केंद्र पर एक महिला प्रसव कराने पहुंची थी। जिसे अधीक्षक ने तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी भेजवाया। पूछताछ में पता चला कि काफी दिनों से प्रसव कक्ष का संचालन होता रहा लेकिन विभाग मौन रहा। अधीक्षक डॉ. एमपी सोनकर ने बताया कि पहले गांव की आशा के रूप में कार्य करती थीं। अवैध प्रसव कराने के मामले में उसे हटा दिया गया है। एसडीएम दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अवैध प्रसव केंद्र के संचालन की सूचना पर छापा डालकर प्रसव कक्ष को सील करते हुए संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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अपंजीकृत अस्पतालों के संचालन को बेहद गंभीरता से लिया गया है। ओटी कक्ष सील किए गए अस्पतालों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण व विनियमन) अधिनियम 2010 एवं उत्तर प्रदेश नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण व विनियमन) नियमावली 2016 के अंतर्गत विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बिना मानक पूरा किए अस्पताल का संचालन करने पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ
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