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Maharajganj News: कार्रवाई के बाद भी बेखौफ चल रहे निजी अस्पताल

Fri, 29 Dec 2023 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Fri, 29 Dec 2023 12:52 AM IST
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Even after the action, private hospitals are running without any fear
नगर में अस्पतालो की जांच करते नायब तहसीलदार।
महराजगंज। जिले में 81 पंजीकृत निजी अस्पताल हैं। जबकि संचालित 200 के करीब हो रहे हैं। कार्रवाई के बाद भी अवैध अस्पतालों का संचालन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मुन्ना भाई अस्पताल वाले अपनी तिजोरी रहे हैं। इन दिनों ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई है। कुछ तो अस्पताल बंद कर किनारे हो गए हैं। कार्रवाई रुकने के बाद अवैध अस्पतालों को संचालन बेखौफ शुरू हो जाता है।
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सूत्रों के अनुसार, जिले में डॉक्टर बने मुन्ना भाई पर शिकंजा कसने में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सफल नहीं है। बार-बार कार्रवाई के बाद भी अवैध रूप से चल रहे अस्पताल बंद कराने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। परतावल में एक क्लीनिक संचालित हो रहा है, उसका न तो पंजीकरण है और न ही चलाने वाले डॉक्टर के पस डिग्री। यहां इलाज कराने वाले मरीजों की जान खतरे में रहती है। करीब सात आठ माह पहले परतावल में एक अवैध अस्पताल में बच्चे की मौत के बाद संचालक समेत दो लोगों को जेल भेजा जा चुका है। सूत्र बताते हैं कि परतावल के परतावल चौक, महादेवा, हरपुर तिवारी, मंगलपुर, छपिया, श्यामदेउरवां, गोधवल जगहों पर अवैध रूप से अस्पताल संचालित हो रहे हैं। गली मोहल्ले में शटर के अंदर अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इन पर विभाग के अधिकारियों की नजर नहीं पड़ रही है।
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कुछ माह हुए मामले इस बात की तस्दीक भी कर रहे हैं। बगैर पंजीकरण के अस्पताल व पैथालॉजी का संचालन होना पाया गया। इनमें कुछ का तो कोई कागजात नहीं था। कुछ मिले भी तो अधूरे थे। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई तब हुई जब किसी ने इनके विरुद्ध शिकायत की। इसके पहले विभाग के अधिकारियों की नजर इन पर नहीं पड़ी। सूत्र बताते हैं कि अस्पताल संचालन के लिए चढ़ावा दे दिया जाय तो नियम कानून का कोई मतलब नहीं रहेगा। संचालक को इस पर ध्यान देना होता है कि कोई शिकायत न करें।
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अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाती है। जब भी शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा जांच अभियान भी चलाया जाता है। जनपद में बगैर पंजीकरण के कोई अस्पताल संचालित नहीं होने दिया जाएगा।
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