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Maharajganj News: रामकटोरी, गुड़, मीठा समोसा और लिट्टी-चोखा से जुड़े उद्यमियों को मिलेगी वित्तीय सहायता
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महराजगंज। एक जनपद एक व्यंजन योजना के तहत रामकटोरी, गुड़, मीठा समोसा और लिट्टी-चोखा से जुड़े उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। जनपद के पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
उपायुक्त जिला उद्योग नीरज कुमार सिंह ने बताया कि योजना का उद्देश्य इन पारंपरिक व्यंजनों के उत्पादन, गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन को आधुनिक बनाना है। इसके तहत ऑटोमैटिक मशीनों की स्थापना, आधुनिक पैकेजिंग एवं लेबलिंग मशीन, कोल्ड स्टोरेज, डीप फ्रीजर, फूड टेस्टिंग उपकरण, शेल्फ लाइफ बढ़ाने वाली मशीनें तथा क्लाउड किचन जैसी सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के अंतर्गत बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार मार्जिन मनी अनुदान दिया जाएगा। 25 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर अधिकतम 6.25 लाख रुपये तक, जबकि बड़ी परियोजनाओं पर निर्धारित सीमा के अनुसार अधिकतम 50 लाख रुपये तक मार्जिन मनी का प्रावधान है।
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सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग एवं ट्रांसजेंडर श्रेणी के लाभार्थियों को 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान करना होगा।
इच्छुक लाभार्थी निर्धारित प्रारूप, शपथ पत्र, परियोजना रिपोर्ट एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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उपायुक्त जिला उद्योग नीरज कुमार सिंह ने बताया कि योजना का उद्देश्य इन पारंपरिक व्यंजनों के उत्पादन, गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन को आधुनिक बनाना है। इसके तहत ऑटोमैटिक मशीनों की स्थापना, आधुनिक पैकेजिंग एवं लेबलिंग मशीन, कोल्ड स्टोरेज, डीप फ्रीजर, फूड टेस्टिंग उपकरण, शेल्फ लाइफ बढ़ाने वाली मशीनें तथा क्लाउड किचन जैसी सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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योजना के अंतर्गत बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार मार्जिन मनी अनुदान दिया जाएगा। 25 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर अधिकतम 6.25 लाख रुपये तक, जबकि बड़ी परियोजनाओं पर निर्धारित सीमा के अनुसार अधिकतम 50 लाख रुपये तक मार्जिन मनी का प्रावधान है।
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सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग एवं ट्रांसजेंडर श्रेणी के लाभार्थियों को 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान करना होगा।
इच्छुक लाभार्थी निर्धारित प्रारूप, शपथ पत्र, परियोजना रिपोर्ट एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।