मिठौरा। क्षेत्र के ग्राम सभा सिंदुरिया स्थित मदरसा हुसैनिया फैजुल उलूम में शुक्रवार की रात को ग्यारहवीं शरीफ का त्योहार (ईद-ए-गौसिया) मनाया गया। दिन में कुरान खानी, फातेहा खानी हुई। मिलाद महफ़िल सजाकर बड़े पीर के नाम से मशहूर अब्दुल कादिर जिलानी की याद में ईद-ए-गौसिया का आयोजन किया गया। उनके बताए रास्ते पर चलने का अकीदा किया गया। इस अवसर पर हाजी मौलाना मोहम्मद हुसैन ने कहा कि बड़े पीर के नाम से मशहूर अब्दुल कादिर जिलानी जिंदा पीर हैं। वे बचपन से ही अपनी करामातों (चमत्कार) के लिए मशहूर हैं। दस वर्ष की आयु में पढ़ने के लिए जाते समय उनकी मां ने कहा था कि बेटा कभी झूठ नहीं बोलना। मां की बात मानकर उन्होंने जीवन भर झूठ नहीं बोला। जीवन भर अल्लाह की इबादत में लगे रहे। वे गड़े मुर्दों को भी जिलाने वाले सूफी पीर के नाम से मशहूर हैं। हाफिज अब्दुल रज्जाक ने कहा कि गौस पाक ने अपने जीवन में सदा सत्य बोलने का उपदेश दिया। उन्होंने गरीबों, यतीमों, विधवाओं की इज्जत करने की अपील की। मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों ने नात शरीफ पढ़ी। मिलाद सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर मदरसे के प्रबंधक शहाबुद्दीन अंसारी, अली रजा सदर, शब्बीर हसन, शाकिर अली, अली सगीर, समशुद्दीन अंसारी, जान मोहम्मद आदि उपस्थित रहे। संवाद