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Maharajganj News: गर्मी बढ़ने के कारण निकलने लगे जहरीले सांप, चार को डसा
Thu, 29 May 2025 12:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 29 May 2025 12:33 AM IST
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- सर्पदंश के बढ़ते मामले को लेकर लोगों में दहशत, पिछले एक सप्ताह में आ चुके है 10 मामले
निचलौल। थाना क्षेत्र के तीन गांवों में 24 घंटों के अंदर अलग-अलग जगहों पर चार लोगों को सांप ने डस लिया। सभी लोगों को परिजन आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल में भर्ती कराया, जहां पर दो की हालत नाजुक बनी हुई थी। जबकि दो लोगों का उपचार के बाद घर चले गए। बारिश बढ़ते उमस भरी गर्मी से सर्पदंश के मामले बढ़े हैं। एक सप्ताह में 10 मामले आने आ चुके है। ऐसे में सर्पदंश के लगातार बढ़ रहे मामले को लेकर लोगों में दहशत का माहौल है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल के इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ. शांति विजय मिश्रा के मुताबिक पिछले 24 घंटों में बढ़ती उमस भरी गर्मी के बीच चार लोग सर्पदंश के शिकार हो चुके है। ड्यूटी में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक परागपुर निवासी नेहा चौहान (17) घर के अंदर कार्य कर रही थी। इसी बीच उनके हाथ में एक जहरीले सर्प ने डस लिया। वहीं हरगांवा निवासी अंशु (9) दरवाजे के सामने खेल रहा था। अंशु खेलते हुए खरपतवारों के पास जा पहुंचा। जहां पर पहले से छिपे जहरीले सांप ने अंशु के पैर में काट लिया। इसी गांव निवासी बबीता (35) को घर के अंदर सफाई करने के दौरान हाथ में सांप ने डस लिया। वहीं, ओढ़वलिया निवासी शारदा (50) किसी कार्य के लिए खेत की ओर गई थी। जहां पर खरपतवार में छिपे जहरीले सांप शारदा के पैर में काट लिया।
डॉ. शांति विजय मिश्रा ने कहा कि सर्प दंश के मरीजों को तत्काल सरकारी अस्पताल लेकर आएं। झाड़-फूंक कराने के चक्कर में न पड़ें। क्योंकि सरकारी अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन मौजूद है। इलाज के लिए सभी दवा हैं। सर्प दंश के मरीज का बेहतर उपचार किया जा रहा है। इन्होंने आगे कहा कि पिछले एक सप्ताह में क्षेत्र से लगभग 10 मामले सर्पदंश के आ चुके है। ऐसे में लोगों को सावधान करने की जरूरत है।
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देरी बनती है मौत का कारण
वहीं वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) के प्रोजेक्ट मैनेजर अरशद हुसैन ने बताया कि बारिश और उमस भरी गर्मी के साथ ही सर्पदंश की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो जाती है। पिछले दिनों हुई बारिश और उमस भरी गर्मी के चलते सर्प दंश के प्रकरण सामने आने लगे हैं। इस दौरान कई मामलों में समय पर उपचार नहीं मिलने पर लोगों को जान भी गंवानी पड़ जाती है। सर्पदंश के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हैं। लेकिन इलाज में देरी मौत का मुख्य कारण बन जाता है। ग्रामीण इलाकों में सर्वाधिक सर्पदंश की घटनाएं सामने आती है। बारिश के दौरान सबसे ज्यादा कोबरा व करैत प्रजाति के जहरीले सांप लोगों के घरों से निकलते हैं। सूचना पर लोगों के घरों में पहुंचकर सांप का रेस्क्यू कर उन्हें वापस जंगल में छोड़ा भी जाता है।
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निचलौल। थाना क्षेत्र के तीन गांवों में 24 घंटों के अंदर अलग-अलग जगहों पर चार लोगों को सांप ने डस लिया। सभी लोगों को परिजन आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल में भर्ती कराया, जहां पर दो की हालत नाजुक बनी हुई थी। जबकि दो लोगों का उपचार के बाद घर चले गए। बारिश बढ़ते उमस भरी गर्मी से सर्पदंश के मामले बढ़े हैं। एक सप्ताह में 10 मामले आने आ चुके है। ऐसे में सर्पदंश के लगातार बढ़ रहे मामले को लेकर लोगों में दहशत का माहौल है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल के इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ. शांति विजय मिश्रा के मुताबिक पिछले 24 घंटों में बढ़ती उमस भरी गर्मी के बीच चार लोग सर्पदंश के शिकार हो चुके है। ड्यूटी में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक परागपुर निवासी नेहा चौहान (17) घर के अंदर कार्य कर रही थी। इसी बीच उनके हाथ में एक जहरीले सर्प ने डस लिया। वहीं हरगांवा निवासी अंशु (9) दरवाजे के सामने खेल रहा था। अंशु खेलते हुए खरपतवारों के पास जा पहुंचा। जहां पर पहले से छिपे जहरीले सांप ने अंशु के पैर में काट लिया। इसी गांव निवासी बबीता (35) को घर के अंदर सफाई करने के दौरान हाथ में सांप ने डस लिया। वहीं, ओढ़वलिया निवासी शारदा (50) किसी कार्य के लिए खेत की ओर गई थी। जहां पर खरपतवार में छिपे जहरीले सांप शारदा के पैर में काट लिया।
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डॉ. शांति विजय मिश्रा ने कहा कि सर्प दंश के मरीजों को तत्काल सरकारी अस्पताल लेकर आएं। झाड़-फूंक कराने के चक्कर में न पड़ें। क्योंकि सरकारी अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन मौजूद है। इलाज के लिए सभी दवा हैं। सर्प दंश के मरीज का बेहतर उपचार किया जा रहा है। इन्होंने आगे कहा कि पिछले एक सप्ताह में क्षेत्र से लगभग 10 मामले सर्पदंश के आ चुके है। ऐसे में लोगों को सावधान करने की जरूरत है।
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देरी बनती है मौत का कारण
वहीं वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) के प्रोजेक्ट मैनेजर अरशद हुसैन ने बताया कि बारिश और उमस भरी गर्मी के साथ ही सर्पदंश की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो जाती है। पिछले दिनों हुई बारिश और उमस भरी गर्मी के चलते सर्प दंश के प्रकरण सामने आने लगे हैं। इस दौरान कई मामलों में समय पर उपचार नहीं मिलने पर लोगों को जान भी गंवानी पड़ जाती है। सर्पदंश के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हैं। लेकिन इलाज में देरी मौत का मुख्य कारण बन जाता है। ग्रामीण इलाकों में सर्वाधिक सर्पदंश की घटनाएं सामने आती है। बारिश के दौरान सबसे ज्यादा कोबरा व करैत प्रजाति के जहरीले सांप लोगों के घरों से निकलते हैं। सूचना पर लोगों के घरों में पहुंचकर सांप का रेस्क्यू कर उन्हें वापस जंगल में छोड़ा भी जाता है।