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Maharajganj News: सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय हैं नशे के धंधेबाज, पीड़ितों को नहीं मिलता इलाज
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महराजगंज। नशे के कारोबारी सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय हैं। भारत-नेपाल सीमा से लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार ब्राउन शुगर, चरस, नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाओं से लेकर इंजेक्शन और हाइड्रोपोनिक वीड की बरामदगी हो रही है।
जानकारी के अनुसार, नशे के कारोबार में जनपद से लेकर नेपाल तक के युवा संलिप्त हैं। नशा उनके रगों में आदत बनकर दौड़ रहा है। इन सबके बावजूद नेपाल की सीमा पर बसे महाराजगंज में एक नशा मुक्ति केंद्र तक नहीं है। ऐसे में पीड़ितों को इलाज के लिए गोरखपुर जाना पड़ता है। ऐसे में प्रधानमंत्री की नशामुक्त भारत की पहल नशे के कारोबार व नशे के इलाज की दिशा में कितनी कारगर होगी यह भविष्य के गर्त में है।
स्थानीय पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, नशे के धंधेबाज मादक पदार्थों की तस्करी के लिए भारत-नेपाल सीमा के सोनौली और ठूठीबारी बॉर्डर के साथ-साथ कई पगडंडियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में समय-समय पर चरस, हाइड्रोपोनिक गांजा और अन्य मादक पदार्थ बरामद होते रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इनकी बड़ी खेप महानगरों तक पहुंचाई जाती है जहां इनकी अधिक कीमत मिलती है।
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नशा पीड़ितों का इलाज भगवान भरोसे
जिले में जहां नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है। वहीं इसकी जद में आने वाले मरीजों के इलाज की व्यवस्था पूरे जनपद में नहीं है। सदर अस्पताल में मन कक्ष का संचालन तो हो रहा है लेकिन यहां सिर्फ युवाओं के काउंसिलिंग की ही सुविधा है। जिले में आज की तारीख में एक भी नशा मुक्ति केंद्र नहीं है। ऐसे में ओपीडी में इलाज कराने आ रहे नशा पीड़ितों की शुरुआती काउंसिलिंग के बाद गोरखपुर भेज दिया जाता है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. केपी सिंह ने बताया कि जिले में फिलहाल कोई नशा मुक्ति केंद्र संचालित नहीं है। पहले एक गैर सरकारी संस्था इस क्षेत्र में कार्य कर रही थी। लेकिन वर्ष 2022 के बाद से उसका भी संचालन बंद है। स्वास्थ्य विभाग नशा मुक्ति के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ प्रभावित व्यक्तियों की काउंसलिंग कर उन्हें उपचार के लिए गोरखपुर भेजा जाता है।
नशीली समानों की बरामदगी बयां कर रही नशे के कारोबारी की कहानी
- 27 जुलाई को नेपाल के नवलपरासी जिले के रामग्राम नगरपालिका-1 स्थित एक घर पर संयुक्त पुलिस टीम ने छापेमारी की। तलाशी के दौरान घर में छिपाकर रखे डायजेपाम, फेनरगान और बुप्रेनॉर्फिन के 1243 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। पुलिस ने गणेश गुप्ता को गिरफ्तार किया।
- 26 जुलाई को नेपाल के नवलपरासी (पश्चिम सुस्ता) जिले के पाल्हीनन्दन गांवपालिका-5, गेर क्षेत्र में भारतीय नंबर की बाइक से दो भारतीयों को पकड़ा गया। दोनों बरगदवा निवासी हैं। उनके पास से नशे में इस्तेमाल होने वाले डायजेपाम के 198, फेनरगन के 197 और बुप्रेनॉर्फिन के 199, कुल 594 एम्पुल बरामद किए गए।
- 21 जुलाई को सोनौली कोतवाली क्षेत्र के तिलहवा-रेनिया पगडंडी मार्ग पर पुलिस ने नेपाल की ओर जा रहे एक संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से 40 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपना नाम रणविजय, निवासी भैरहवा नेपाल बताया था ।
- 13 जुलाई को नेपाल के पोखरा में कार सवार पांच भारतीय नागरिकों को नशीली दवाओं की खेप के साथ पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि भारत से नेपाल तक दवाओं को पहुंचाने के लिए वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा था।
- सात जून को ठूठीबारी पुलिस ने मेडिकल एजेंसी की आड़ में नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले 10 हजार रुपये के इनामी तस्कर रफीक अंसारी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपित लंबे समय से प्रतिबंधित दवाओं के कारोबार में शामिल था।
- सात मई को श्यामदेउरवा पुलिस ने श्यामदेउरवा में एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की नशीली दवाओं के साथ तस्करों को पकड़ा था। इस मामले में आरोपितों पर बाद में 5 जून को गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई।
- 3 मई को एसएसबी 66वीं वाहिनी और सोनौली पुलिस ने सीमावर्ती पगडंडियों पर गश्त के दौरान फरेनिया बाजार मोड़ के पास एक संदिग्ध नेपाली युवक को पकड़ा। तलाशी में उसके पास से 21 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपना नाम सुमित परियार, निवासी सिद्धार्थ नगर पालिका वार्ड-13, भैरहवा नेपाल बताया।
- 10 अप्रैल को पुरंदरपुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने रानीपुर चौराहे के पास नेपाल भेजी जा रही 5700 नशीले इंजेक्शन की खेप पकड़ी थी। पुलिस ने राजेंद्र और आदित्य नाम के दो तस्करों को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला था कि भारत से दवाओं की खेप नेपाल पहुंचाने के लिए अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल करते थे।
- 9 अप्रैल को सोनौली पुलिस ने सीमावर्ती कस्बे के न्यू एसएसबी रोड स्थित एक स्कूल के पास वाहन जांच के दौरान नेपाल की ओर जा रहे एक संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली। उसके पास से 11 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शिवा यादव निवासी लक्ष्मीनगर टोला बैकुण्ठपुर, थाना सोनौली बताया।
- 9 जनवरी एसएसबी 22वीं वाहिनी और सोनौली पुलिस की संयुक्त टीम सीमा क्षेत्र में रूटीन चेकिंग के दौरान नेपाल से पैदल भारत में प्रवेश कर रहे तमिलनाडु के रामनाथपुरम निवासी पीर मुहम्मद के पास से लगभग 2.300 किलो ग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (सामान्य गांजे से इसमें नशे का स्तर ज्यादा पाया जाता है) बरामद हुआ था।
- 4 जनवरी को विदेशी नागरिक नेपाल से पैदल सोनौली बोर्डर मे आया संदेह होने पर उसे रोक कर जांच किया गया तो उसके पास करीब 5 किलो हाइड्रोपोनिक विड बरामद किया। बताया गया है कि उक्त विदेशी नागरिक का नाम पहयो हट्ट क्याव निवासी मोहा मयावड्डी म्यांमार था।
वर्जन
सीमावर्ती क्षेत्र में जांच अभियान तेज कर दिया गया है। बिना जांच के किसी को नहीं जाने दिया जा रहा है। नशे की दवाओं को लेकर सभी थानेदारों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। - शक्ति मोहन अवस्थी, पुलिस अधीक्षक, महराजगंज
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जानकारी के अनुसार, नशे के कारोबार में जनपद से लेकर नेपाल तक के युवा संलिप्त हैं। नशा उनके रगों में आदत बनकर दौड़ रहा है। इन सबके बावजूद नेपाल की सीमा पर बसे महाराजगंज में एक नशा मुक्ति केंद्र तक नहीं है। ऐसे में पीड़ितों को इलाज के लिए गोरखपुर जाना पड़ता है। ऐसे में प्रधानमंत्री की नशामुक्त भारत की पहल नशे के कारोबार व नशे के इलाज की दिशा में कितनी कारगर होगी यह भविष्य के गर्त में है।
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स्थानीय पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, नशे के धंधेबाज मादक पदार्थों की तस्करी के लिए भारत-नेपाल सीमा के सोनौली और ठूठीबारी बॉर्डर के साथ-साथ कई पगडंडियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में समय-समय पर चरस, हाइड्रोपोनिक गांजा और अन्य मादक पदार्थ बरामद होते रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इनकी बड़ी खेप महानगरों तक पहुंचाई जाती है जहां इनकी अधिक कीमत मिलती है।
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नशा पीड़ितों का इलाज भगवान भरोसे
जिले में जहां नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है। वहीं इसकी जद में आने वाले मरीजों के इलाज की व्यवस्था पूरे जनपद में नहीं है। सदर अस्पताल में मन कक्ष का संचालन तो हो रहा है लेकिन यहां सिर्फ युवाओं के काउंसिलिंग की ही सुविधा है। जिले में आज की तारीख में एक भी नशा मुक्ति केंद्र नहीं है। ऐसे में ओपीडी में इलाज कराने आ रहे नशा पीड़ितों की शुरुआती काउंसिलिंग के बाद गोरखपुर भेज दिया जाता है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. केपी सिंह ने बताया कि जिले में फिलहाल कोई नशा मुक्ति केंद्र संचालित नहीं है। पहले एक गैर सरकारी संस्था इस क्षेत्र में कार्य कर रही थी। लेकिन वर्ष 2022 के बाद से उसका भी संचालन बंद है। स्वास्थ्य विभाग नशा मुक्ति के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ प्रभावित व्यक्तियों की काउंसलिंग कर उन्हें उपचार के लिए गोरखपुर भेजा जाता है।
नशीली समानों की बरामदगी बयां कर रही नशे के कारोबारी की कहानी
- 27 जुलाई को नेपाल के नवलपरासी जिले के रामग्राम नगरपालिका-1 स्थित एक घर पर संयुक्त पुलिस टीम ने छापेमारी की। तलाशी के दौरान घर में छिपाकर रखे डायजेपाम, फेनरगान और बुप्रेनॉर्फिन के 1243 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। पुलिस ने गणेश गुप्ता को गिरफ्तार किया।
- 26 जुलाई को नेपाल के नवलपरासी (पश्चिम सुस्ता) जिले के पाल्हीनन्दन गांवपालिका-5, गेर क्षेत्र में भारतीय नंबर की बाइक से दो भारतीयों को पकड़ा गया। दोनों बरगदवा निवासी हैं। उनके पास से नशे में इस्तेमाल होने वाले डायजेपाम के 198, फेनरगन के 197 और बुप्रेनॉर्फिन के 199, कुल 594 एम्पुल बरामद किए गए।
- 21 जुलाई को सोनौली कोतवाली क्षेत्र के तिलहवा-रेनिया पगडंडी मार्ग पर पुलिस ने नेपाल की ओर जा रहे एक संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से 40 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपना नाम रणविजय, निवासी भैरहवा नेपाल बताया था ।
- 13 जुलाई को नेपाल के पोखरा में कार सवार पांच भारतीय नागरिकों को नशीली दवाओं की खेप के साथ पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि भारत से नेपाल तक दवाओं को पहुंचाने के लिए वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा था।
- सात जून को ठूठीबारी पुलिस ने मेडिकल एजेंसी की आड़ में नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले 10 हजार रुपये के इनामी तस्कर रफीक अंसारी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपित लंबे समय से प्रतिबंधित दवाओं के कारोबार में शामिल था।
- सात मई को श्यामदेउरवा पुलिस ने श्यामदेउरवा में एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की नशीली दवाओं के साथ तस्करों को पकड़ा था। इस मामले में आरोपितों पर बाद में 5 जून को गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई।
- 3 मई को एसएसबी 66वीं वाहिनी और सोनौली पुलिस ने सीमावर्ती पगडंडियों पर गश्त के दौरान फरेनिया बाजार मोड़ के पास एक संदिग्ध नेपाली युवक को पकड़ा। तलाशी में उसके पास से 21 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपना नाम सुमित परियार, निवासी सिद्धार्थ नगर पालिका वार्ड-13, भैरहवा नेपाल बताया।
- 10 अप्रैल को पुरंदरपुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने रानीपुर चौराहे के पास नेपाल भेजी जा रही 5700 नशीले इंजेक्शन की खेप पकड़ी थी। पुलिस ने राजेंद्र और आदित्य नाम के दो तस्करों को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला था कि भारत से दवाओं की खेप नेपाल पहुंचाने के लिए अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल करते थे।
- 9 अप्रैल को सोनौली पुलिस ने सीमावर्ती कस्बे के न्यू एसएसबी रोड स्थित एक स्कूल के पास वाहन जांच के दौरान नेपाल की ओर जा रहे एक संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली। उसके पास से 11 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शिवा यादव निवासी लक्ष्मीनगर टोला बैकुण्ठपुर, थाना सोनौली बताया।
- 9 जनवरी एसएसबी 22वीं वाहिनी और सोनौली पुलिस की संयुक्त टीम सीमा क्षेत्र में रूटीन चेकिंग के दौरान नेपाल से पैदल भारत में प्रवेश कर रहे तमिलनाडु के रामनाथपुरम निवासी पीर मुहम्मद के पास से लगभग 2.300 किलो ग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (सामान्य गांजे से इसमें नशे का स्तर ज्यादा पाया जाता है) बरामद हुआ था।
- 4 जनवरी को विदेशी नागरिक नेपाल से पैदल सोनौली बोर्डर मे आया संदेह होने पर उसे रोक कर जांच किया गया तो उसके पास करीब 5 किलो हाइड्रोपोनिक विड बरामद किया। बताया गया है कि उक्त विदेशी नागरिक का नाम पहयो हट्ट क्याव निवासी मोहा मयावड्डी म्यांमार था।
वर्जन
सीमावर्ती क्षेत्र में जांच अभियान तेज कर दिया गया है। बिना जांच के किसी को नहीं जाने दिया जा रहा है। नशे की दवाओं को लेकर सभी थानेदारों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। - शक्ति मोहन अवस्थी, पुलिस अधीक्षक, महराजगंज