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दवा के दुरुपयोग पर अंकुश, भंडारण क्षमता का हुआ निर्धारण
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हनुमानगढ़ी चौराहे के पास दवा की खरीदारी करते लोग।संवाद
- फोटो : MAHARAJGANJ
दवा के दुरुपयोग पर अंकुश, भंडारण क्षमता का हुआ निर्धारण
बाहर से आने वाले मरीजों को चिकित्सक लिखते हैं एक से दो माह की दवा, बीस टैबलेट में कैसे होगा इलाज
महराजगंज। औषधियों का दुरुपयोग रोकने के लिए थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के लिए भंडारण क्षमता का निर्धारण किया गया है। जांच में अगर क्षमता से अधिक भंडारण, वितरण पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। औषधि निरीक्षक को भेजे गए पत्र में शासन ने नए नियमों के बारे में जानकारी दी है। इसके बारे में केमिस्ट एंड ड्रगिस्टस वेलफेयर एसोसिएशन को भी अवगत करा दिया गया है।
प्रदेश सरकार की ओर से दवा खरीद-फरोख्त के लिए जारी नए नियम से मरीजों की मुश्किल बढ़ गई है। इस सर्कुलर के आधार पर मरीजों को अब दवा एक मापदंड के अनुसार ही दवा दे सकेंगे। पूर्व की भांति कोई भी मरीज अतिरिक्त दवा नहीं ले सकते हैं। गत 16 अगस्त को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दवा विक्रेताओं को जारी सर्कुलर में मानक से ज्यादा बिक्री नहीं करने की जानकारी दी गई है। शुगर, बीपी, खांसी, हृदय रोग, मानसिक रोग आदि बीमारियों में प्रयोग होने वाली दवा निर्धारित मानक के अनुसार ही बिक्री होगी। इसके भंडारण में भी मानक का निर्धारण किया गया है।
जिले में करीब 1500 से अधिक थोक एवं फुटकर दवा की दुकानें हैं। अब दवा के दुकानदारों को बिक्री का पूरा विवरण दर्ज करना पडे़गा। जांच के दौरान गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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क्या है नया नियम
सर्कुलर में निर्देशित गया है कि कोई भी न्यूरो संबंधी मरीज को दो स्ट्रीप से ज्यादा की दवा रिटेलर की ओर से नहीं दी जा सकती। इसमें कोई लापरवाही हुई तो कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है। दूर दराज से आने वाले मरीजों को दवा खरीदने के लिए बार-बार दुकान पर जाना पड़ेगा।
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दवा निर्धारित मात्रा में ली जाती है तो उससे सेहत में सुधार होता है। लेकिन, उसकी डोज बढ़ाने पर नशा होने लगता है। मानक का निर्धारण होने पर दुरुपयोग की संभावना कम रहेगी। न तो कोई ज्यादा भंडारण ही कर सकेगा, न ही मानक से ज्यादा बिक्री कर सकेगा। नए नियम से निश्चित रूप से औषधि के दुरुपयोग पर अंकुश लगेगा।
विनय कुमार नायक, महामंत्री, केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन
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दवाओं को नशे के रूप में दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन एवं औषधि विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में जुटा है। जनपद में नारकोटिक औषधियों के दुरुपयोग करने पर 50 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। नए नियम के बारे में दवा विक्रेताओं के संगठन को अवगत करा दिया गया है। दुकानों की समय-समय पर जांच कर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता है।
शिव कुमार नायक, औषधि निरीक्षक
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ब्लॉक वार दवा कमेटियों की होगी बैठक
नए नियम के बारे में व्यापारियों को विस्तार से जानकारी देने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री विनय कुमार नायक ने बताया कि ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर दवा विक्रेताओं की बैठक अगले सप्ताह से शुरू होगी। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी दवा विक्रेताओं को नारकोटिक्स के दायरे में आने वाली दवाओं के भंडारण एवं बिक्री मानक के बारे में जानकारी देंगे।
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दवा का नाम--------फुटकर के लिए भंडारण क्षमता-----एक दिन में बिक्री एक व्यक्ति को
कोडाइन वेस कफ सीरप 100 एमएल----- 100 फाइल---एक फाइल
ट्रमाडोल----------2000 कैप्सूल या एंपुल----------चिकित्सक की पर्ची के अनुसार
अल्प्राजोलम-------1000 कैप्सूल या एंपुल-----------20 कैप्सूल या एंपुल
क्लोनाजेपाम------2000 कैप्सूल या एंपुल-----------20 कैप्सूल या एंपुल
डाइजीपाम------200 कैप्सूल या एंपुल------------10 कैप्सूल या एंपुल
निट्राजेपाम------200 कैप्सूल या एंपुल----------10 कैप्सूल या एंपुल
पेंटाजोसीन-----50 कैप्सूल या एंपुल-----------10 कैप्सूल या एंपुल
ब्रूपेर्नाफीन-----50 कैप्सूल या एंपुल---------10 कैप्सूल या एंपुल
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बाहर से आने वाले मरीजों को चिकित्सक लिखते हैं एक से दो माह की दवा, बीस टैबलेट में कैसे होगा इलाज
महराजगंज। औषधियों का दुरुपयोग रोकने के लिए थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के लिए भंडारण क्षमता का निर्धारण किया गया है। जांच में अगर क्षमता से अधिक भंडारण, वितरण पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। औषधि निरीक्षक को भेजे गए पत्र में शासन ने नए नियमों के बारे में जानकारी दी है। इसके बारे में केमिस्ट एंड ड्रगिस्टस वेलफेयर एसोसिएशन को भी अवगत करा दिया गया है।
प्रदेश सरकार की ओर से दवा खरीद-फरोख्त के लिए जारी नए नियम से मरीजों की मुश्किल बढ़ गई है। इस सर्कुलर के आधार पर मरीजों को अब दवा एक मापदंड के अनुसार ही दवा दे सकेंगे। पूर्व की भांति कोई भी मरीज अतिरिक्त दवा नहीं ले सकते हैं। गत 16 अगस्त को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दवा विक्रेताओं को जारी सर्कुलर में मानक से ज्यादा बिक्री नहीं करने की जानकारी दी गई है। शुगर, बीपी, खांसी, हृदय रोग, मानसिक रोग आदि बीमारियों में प्रयोग होने वाली दवा निर्धारित मानक के अनुसार ही बिक्री होगी। इसके भंडारण में भी मानक का निर्धारण किया गया है।
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जिले में करीब 1500 से अधिक थोक एवं फुटकर दवा की दुकानें हैं। अब दवा के दुकानदारों को बिक्री का पूरा विवरण दर्ज करना पडे़गा। जांच के दौरान गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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क्या है नया नियम
सर्कुलर में निर्देशित गया है कि कोई भी न्यूरो संबंधी मरीज को दो स्ट्रीप से ज्यादा की दवा रिटेलर की ओर से नहीं दी जा सकती। इसमें कोई लापरवाही हुई तो कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है। दूर दराज से आने वाले मरीजों को दवा खरीदने के लिए बार-बार दुकान पर जाना पड़ेगा।
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दवा निर्धारित मात्रा में ली जाती है तो उससे सेहत में सुधार होता है। लेकिन, उसकी डोज बढ़ाने पर नशा होने लगता है। मानक का निर्धारण होने पर दुरुपयोग की संभावना कम रहेगी। न तो कोई ज्यादा भंडारण ही कर सकेगा, न ही मानक से ज्यादा बिक्री कर सकेगा। नए नियम से निश्चित रूप से औषधि के दुरुपयोग पर अंकुश लगेगा।
विनय कुमार नायक, महामंत्री, केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन
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दवाओं को नशे के रूप में दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन एवं औषधि विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में जुटा है। जनपद में नारकोटिक औषधियों के दुरुपयोग करने पर 50 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। नए नियम के बारे में दवा विक्रेताओं के संगठन को अवगत करा दिया गया है। दुकानों की समय-समय पर जांच कर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता है।
शिव कुमार नायक, औषधि निरीक्षक
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ब्लॉक वार दवा कमेटियों की होगी बैठक
नए नियम के बारे में व्यापारियों को विस्तार से जानकारी देने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री विनय कुमार नायक ने बताया कि ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर दवा विक्रेताओं की बैठक अगले सप्ताह से शुरू होगी। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी दवा विक्रेताओं को नारकोटिक्स के दायरे में आने वाली दवाओं के भंडारण एवं बिक्री मानक के बारे में जानकारी देंगे।
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दवा का नाम--------फुटकर के लिए भंडारण क्षमता-----एक दिन में बिक्री एक व्यक्ति को
कोडाइन वेस कफ सीरप 100 एमएल----- 100 फाइल---एक फाइल
ट्रमाडोल----------2000 कैप्सूल या एंपुल----------चिकित्सक की पर्ची के अनुसार
अल्प्राजोलम-------1000 कैप्सूल या एंपुल-----------20 कैप्सूल या एंपुल
क्लोनाजेपाम------2000 कैप्सूल या एंपुल-----------20 कैप्सूल या एंपुल
डाइजीपाम------200 कैप्सूल या एंपुल------------10 कैप्सूल या एंपुल
निट्राजेपाम------200 कैप्सूल या एंपुल----------10 कैप्सूल या एंपुल
पेंटाजोसीन-----50 कैप्सूल या एंपुल-----------10 कैप्सूल या एंपुल
ब्रूपेर्नाफीन-----50 कैप्सूल या एंपुल---------10 कैप्सूल या एंपुल