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दोहरे हत्याकांड में शामिल तीन आरोपित गिरफ्तार
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दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश : घंटा चुराने के लिए की थी पुजारी व साध्वी की हत्या
महराजगंज। थाना परसामलिक क्षेत्र के ग्राम महदेइया में मंदिर के पुजारी रामरतन (75) व साध्वी कलावती (70) के हत्याकांड का पर्दाफाश 16 दिन बाद हुआ। मंदिर से घंटा चुराने की लालच में पुजारी एवं साध्वी की हत्या की गई थी। शुक्रवार को मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने इस घटना के बारे में विस्तार से पुलिस को बताया है।
एसपी प्रदीप गुप्ता ने दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए बताया कि आरोपित संतोष विश्वकर्मा (सोनू) निवासी कैथवलिया उर्फ बरगदही, रोहित विश्वकर्मा निवासी निराला नगर वार्ड नं. 8 आनन्द नगर, मिट्ठू कौशल निवासी बर्तन गली थाना नौतनवां को गिरफ्तार कर न्यायालय चालान किया गया। वहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। चोरी का 13 छोटे/ बडे़ पीतल/ पीली धातु का घंटा बरामद किया गया। इनकी गिरफ्तारी में पुलिस की पांच टीमें लगी थीं।
साढ़ू के साथ मिलकर मंदिर से घंटा चुराने के बाद की हत्या
चोरी करते साध्वी ने देखा तो मंदिर की घंटियों से प्रहार कर मार डाला, शराब के नशे में धुत होकर पहुंचे थे मंदिर
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। हत्या के आरोपित सोनू ने पुलिस को बताया कि रोहित मेरे बड़े भाई राजू का साढू और मेरा मित्र है। फरेंदा कस्बे के निराला नगर में रहता है। उसी के साथ मिलकर घटना का अंजाम दिए। उसने बताया कि मेरी ससुराल महदेइया स्थित टोला बकुलादह में है। मेरी ससुराल के ठीक उत्तर दिशा में स्थित बाग में एक मंदिर है जिस पर टंगे घंटे पर मेरी नजर काफी दिनों से थी।
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लालच में घंटों को चुराने की फिराक में लगा हुआ था। इसी दौरान मेरे साढू राजू विश्वकर्मा निवासी ग्राम बरगदही के बालक की मृत्यु हो जाने के कारण सहानुभूति जताने बरगदही गया था। जहां मेरी मुलाकात मेरे साढू के छोटे भाई सोनू उर्फ संतोष से हुई। मुलाकात के दौरान ही मैंने सोनू को महदेइया कुटी पर टंगे घंटा, घंटियों के बारे में बताया। थोड़ी सी मेनहत में काफी पैसा मिल सकता है। 18 नवंबर 2021 को शाम लगभग 6 बजे हम दोनों लोग बाइक से बरगदही से महदेइया ससुराल पहुंचे। हमने अपनी ससुर शिवशंकर विश्वकर्मा के घर पर खड़ी कर नेपाली शराब का सेवन किया गया। शराब पीने के बाद योजना के अनुसार पैदल ही महदेइया कुटी पर पहुंचकर मंदिर से घंटा को लूटने का प्रयास किया गया।
इसी बीच साध्वी जग गई और पुजारी लाठी लेकर हम दोनों की तरफ मारने के लिए आगे बढ़े। हम दोनों बाबा से लड़ गए तथा बाबा की लाठी छिन कर उनके सिर पर मारने लगे बाबा जमीन पर गिर गए। साध्वी भी मौके पर ही लाठी के प्रहार से गिर गई। दोनों लोग जमीन पर गिर कर छटपटाने लगे तो हम दोनों उनको घसीट कर कुछ दूर ले जाकर रख दिए। मंदिर के चबूतरे पर रखी एक छोटी हाथी की मूर्ति को उठाकर बाबा के सर पर पटक दिया। इसके बाद दोनों मर गए। सुबह हम दोनों लूटे हुए घंटा को नौतनवां बाजार के बर्तन दुकानदार मिट्ठू कौशल के यहां बेचने ले गए। तीन सौ रुपया प्रति किलो के हिसाब से बेचे थे। इससे 4500 रुपये मिला था।
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महराजगंज। थाना परसामलिक क्षेत्र के ग्राम महदेइया में मंदिर के पुजारी रामरतन (75) व साध्वी कलावती (70) के हत्याकांड का पर्दाफाश 16 दिन बाद हुआ। मंदिर से घंटा चुराने की लालच में पुजारी एवं साध्वी की हत्या की गई थी। शुक्रवार को मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने इस घटना के बारे में विस्तार से पुलिस को बताया है।
एसपी प्रदीप गुप्ता ने दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए बताया कि आरोपित संतोष विश्वकर्मा (सोनू) निवासी कैथवलिया उर्फ बरगदही, रोहित विश्वकर्मा निवासी निराला नगर वार्ड नं. 8 आनन्द नगर, मिट्ठू कौशल निवासी बर्तन गली थाना नौतनवां को गिरफ्तार कर न्यायालय चालान किया गया। वहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। चोरी का 13 छोटे/ बडे़ पीतल/ पीली धातु का घंटा बरामद किया गया। इनकी गिरफ्तारी में पुलिस की पांच टीमें लगी थीं।
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साढ़ू के साथ मिलकर मंदिर से घंटा चुराने के बाद की हत्या
चोरी करते साध्वी ने देखा तो मंदिर की घंटियों से प्रहार कर मार डाला, शराब के नशे में धुत होकर पहुंचे थे मंदिर
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। हत्या के आरोपित सोनू ने पुलिस को बताया कि रोहित मेरे बड़े भाई राजू का साढू और मेरा मित्र है। फरेंदा कस्बे के निराला नगर में रहता है। उसी के साथ मिलकर घटना का अंजाम दिए। उसने बताया कि मेरी ससुराल महदेइया स्थित टोला बकुलादह में है। मेरी ससुराल के ठीक उत्तर दिशा में स्थित बाग में एक मंदिर है जिस पर टंगे घंटे पर मेरी नजर काफी दिनों से थी।
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लालच में घंटों को चुराने की फिराक में लगा हुआ था। इसी दौरान मेरे साढू राजू विश्वकर्मा निवासी ग्राम बरगदही के बालक की मृत्यु हो जाने के कारण सहानुभूति जताने बरगदही गया था। जहां मेरी मुलाकात मेरे साढू के छोटे भाई सोनू उर्फ संतोष से हुई। मुलाकात के दौरान ही मैंने सोनू को महदेइया कुटी पर टंगे घंटा, घंटियों के बारे में बताया। थोड़ी सी मेनहत में काफी पैसा मिल सकता है। 18 नवंबर 2021 को शाम लगभग 6 बजे हम दोनों लोग बाइक से बरगदही से महदेइया ससुराल पहुंचे। हमने अपनी ससुर शिवशंकर विश्वकर्मा के घर पर खड़ी कर नेपाली शराब का सेवन किया गया। शराब पीने के बाद योजना के अनुसार पैदल ही महदेइया कुटी पर पहुंचकर मंदिर से घंटा को लूटने का प्रयास किया गया।
इसी बीच साध्वी जग गई और पुजारी लाठी लेकर हम दोनों की तरफ मारने के लिए आगे बढ़े। हम दोनों बाबा से लड़ गए तथा बाबा की लाठी छिन कर उनके सिर पर मारने लगे बाबा जमीन पर गिर गए। साध्वी भी मौके पर ही लाठी के प्रहार से गिर गई। दोनों लोग जमीन पर गिर कर छटपटाने लगे तो हम दोनों उनको घसीट कर कुछ दूर ले जाकर रख दिए। मंदिर के चबूतरे पर रखी एक छोटी हाथी की मूर्ति को उठाकर बाबा के सर पर पटक दिया। इसके बाद दोनों मर गए। सुबह हम दोनों लूटे हुए घंटा को नौतनवां बाजार के बर्तन दुकानदार मिट्ठू कौशल के यहां बेचने ले गए। तीन सौ रुपया प्रति किलो के हिसाब से बेचे थे। इससे 4500 रुपये मिला था।