{"_id":"628bdb381758c45c556645f7","slug":"doctor-not-available-in-phc-adda-bajar-maharajganj-news-gkp4379070128","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य
विज्ञापन
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड्डा बाजार को एक साल से डॉक्टर का इंतजार
महराजगंज। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड्डा बाजार में एक साल से डॉक्टर की तैनाती नहीं है। फार्मासिस्ट के भरोसे मरीजों का इलाज हो रहा है। वहीं, अस्पताल में पेयजल की भी व्यवस्था ठीक नहीं है। इंडिया मार्क-टू हैंडपंप खराब है। यहां प्रत्येक दिन करीब 10 से 15 मरीज इलाज कराने आते हैं। वहीं, महीनें में 80 से 90 प्रसव कराया जाता है।
नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड्डा बाजार में तैनात डॉक्टर का एक साल पहले तबादला हो गया। इसके बाद से यहां किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर करीब 12 गांव के 40 हजार की आबादी के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। यहां चिकित्सक नहीं होने से फार्मासिस्ट सुदामा यादव इलाज करते हैं। अस्पताल परिसर में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इंडिया मार्क-टू हैंडपंप खराब पड़ा है। एक एंबुलेंस भी खराब है। अस्पताल में जरनेटर की व्यवस्था नहीं है। अस्पताल परिसर में बने कर्मचारी आवास में स्टॉफ नर्स शीला सिंह, एएनएम शशिकला रहती हैं, जो गर्भवती महिलाओं की देखभाल एवं प्रसव कराती हैं। अस्पताल में बुखार, दर्द, उल्टी आदि की दवाएं उपलब्ध हैं।
इनकी है अस्पताल में तैनाती
फार्मासिस्ट सुदामा यादव, एएनएम नीलम, आयुष फार्मासिस्ट दिलीप सिंह, वार्ड ब्वाय बृजेश कुमार, स्वीपर प्रदीप कुमार की तैनाती है। यहां स्टॉफ नर्स शशिकला की तैनाती देवपुर में है, लेकिन वह नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड्डा बाजार में ही रहती हैं।
विज्ञापन
पेट में दर्द होने पर अस्पताल पहुंची तो पता चला की कोई डॉक्टर नहीं हैं। फार्मासिस्ट से दवाई लेकर घर आई। यहां पता नहीं कब डॉक्टर की तैनाती होगी।
- सुनैना, पिपरहिया
--------------
कमर में दर्द की समस्या रहती है। ज्यादा परेशानी होने पर अस्पताल आकर दर्द की दवाई लेती हूं। डॉक्टर तैनात नहीं रहने से ठीक ढंग से इलाज नहीं हो पाता है।
माधुरी देवी, कजरी
-------------
बुखार होने पर अस्पताल पहुंची तो किसी तरह फार्मासिस्ट से दवा देकर घर आई। बाद में निजी डॉक्टर से इलाज कराने के बाद आराम मिला।
- कोइली देवी, पिपरहिया
------------------
अस्पताल में बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलती है। बीमारी होने के बाद निजी डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ता है। अगर यहां सुविधा रहती तो इधर-उधर नहीं भटकना पड़ता।
- भोला सिंह, अड्डा बाजार
----------------
अस्पताल में एक सप्ताह के अंदर जल्दी किसी डॉक्टर की तैनाती कर दी जाएगी। यहां जो भी समस्याएं हैं, उसे दूर करने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी।
- डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ
विज्ञापन
महराजगंज। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड्डा बाजार में एक साल से डॉक्टर की तैनाती नहीं है। फार्मासिस्ट के भरोसे मरीजों का इलाज हो रहा है। वहीं, अस्पताल में पेयजल की भी व्यवस्था ठीक नहीं है। इंडिया मार्क-टू हैंडपंप खराब है। यहां प्रत्येक दिन करीब 10 से 15 मरीज इलाज कराने आते हैं। वहीं, महीनें में 80 से 90 प्रसव कराया जाता है।
नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड्डा बाजार में तैनात डॉक्टर का एक साल पहले तबादला हो गया। इसके बाद से यहां किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर करीब 12 गांव के 40 हजार की आबादी के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। यहां चिकित्सक नहीं होने से फार्मासिस्ट सुदामा यादव इलाज करते हैं। अस्पताल परिसर में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इंडिया मार्क-टू हैंडपंप खराब पड़ा है। एक एंबुलेंस भी खराब है। अस्पताल में जरनेटर की व्यवस्था नहीं है। अस्पताल परिसर में बने कर्मचारी आवास में स्टॉफ नर्स शीला सिंह, एएनएम शशिकला रहती हैं, जो गर्भवती महिलाओं की देखभाल एवं प्रसव कराती हैं। अस्पताल में बुखार, दर्द, उल्टी आदि की दवाएं उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
इनकी है अस्पताल में तैनाती
फार्मासिस्ट सुदामा यादव, एएनएम नीलम, आयुष फार्मासिस्ट दिलीप सिंह, वार्ड ब्वाय बृजेश कुमार, स्वीपर प्रदीप कुमार की तैनाती है। यहां स्टॉफ नर्स शशिकला की तैनाती देवपुर में है, लेकिन वह नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड्डा बाजार में ही रहती हैं।
विज्ञापन
पेट में दर्द होने पर अस्पताल पहुंची तो पता चला की कोई डॉक्टर नहीं हैं। फार्मासिस्ट से दवाई लेकर घर आई। यहां पता नहीं कब डॉक्टर की तैनाती होगी।
- सुनैना, पिपरहिया
--------------
कमर में दर्द की समस्या रहती है। ज्यादा परेशानी होने पर अस्पताल आकर दर्द की दवाई लेती हूं। डॉक्टर तैनात नहीं रहने से ठीक ढंग से इलाज नहीं हो पाता है।
माधुरी देवी, कजरी
-------------
बुखार होने पर अस्पताल पहुंची तो किसी तरह फार्मासिस्ट से दवा देकर घर आई। बाद में निजी डॉक्टर से इलाज कराने के बाद आराम मिला।
- कोइली देवी, पिपरहिया
------------------
अस्पताल में बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलती है। बीमारी होने के बाद निजी डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ता है। अगर यहां सुविधा रहती तो इधर-उधर नहीं भटकना पड़ता।
- भोला सिंह, अड्डा बाजार
----------------
अस्पताल में एक सप्ताह के अंदर जल्दी किसी डॉक्टर की तैनाती कर दी जाएगी। यहां जो भी समस्याएं हैं, उसे दूर करने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी।
- डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ