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Maharajganj News: चिकित्सक नदारद, फार्मासिस्ट चला रहे हॉस्पिटल
Fri, 09 Aug 2024 04:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 09 Aug 2024 04:58 AM IST
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागापार में मरीजों को दवा वितरित करते फार्मासिस्ट प्रदीप कुमार ।
बागापार। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागापार में मरीज को बेहतर सुविधा नहीं मिल पा रही है। यहां डॉक्टर भी समय से नहीं आते हैं। केंद्र पर लगी हेल्थ एटीएम से भी जांच नहीं हो पाती है।
बृहस्पतिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागापार में बिना चिकित्सक के मरीजों का इलाज चल रहा था। फार्मासिस्ट प्रदीप शर्मा मरीजों की जांच कर दवा वितरण कर रहे थे। लैब टेक्नीशियन राजकुमार सिंह, स्टाफ नर्स ज्योति चौरसिया, नीलम चौहान व मंजू यादव पीएचसी पर मौजूद मिले। कर्मचारियों ने बताया कि एएनएम रीना भारती, नीलम एवं प्रियंका पटेल अपने-अपने कार्य क्षेत्र में गई हैं। वार्ड ब्वाय रणजीत यादव मरीजों का पर्चा काट रहे थे। पीएचसी पर दोपहर 12 बजे तक केवल पांच रोगी ही आए थे।
बागापार टोला बरईठवा निवासी रजनी ने बताया कि छह माह की पोती को कई दिनों से बुखार है। उसी का दवा कराने आई थी, लेकिन हॉस्पिटल पर डाक्टर ही नहीं मिले। बरईठवा की सुभावती ने बताया कि मुझे कई दिनों से बुखार है। इलाज के लिए अस्पताल पर आई थी, लेकिन यहां डाक्टर न होने से निराशा हुई। डाॅक्टर होते तो अच्छे से इलाज हो जाता। इलाज कराने आईं शांति एवं शोभा ने बताया सर्दी, बुखार एवं जुकाम से परेशान हैं।
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हॉस्पिटल पर कभी भी समय से डाॅक्टर नहीं मिलते। यहां उनकी मनमर्जी चलती है। जब मन किया तब आए और फिर समय काटकर चले गए। टुन्ना यादव ने बताया कि अस्पताल में लगा हेल्थ एटीएम भी किसी काम का नहीं है। कोई भी जांच नहीं हो पाता। फार्मासिस्ट प्रदीप शर्मा ने बताया कि पीएचसी पर डाॅक्टर आश्रय सिंह की नियुक्ति है। चिकित्सक प्रतिकर अवकाश पर हैं। उनकी अनुपस्थिति में अस्पताल पर आने वाले मरीजों को हमें ही देखना पड़ता है।
बागापार में समय से नहीं आते चिकित्सक
इन दिनों सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बेहतर इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागापार आने वाले मरीजों को अक्सर निराश होकर लौटना पड़ता है। अस्पताल में चिकित्सक की मनमौजी चरम पर है। लोगों का कहना है कि चिकित्सक कभी समय से नहीं आते हैं। ज्यादातर दवाएं भी बाहर से लेने की सलाह देते हैं। कोई अगर इसकी शिकायत करता है तो उसे डांटकर भगा देते हैं।
अस्पताल में डॉक्टरों को उपस्थित रहने का निर्देश है। अगर इसमें लापरवाही बरती जा रही है तो कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. दिलीप सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी
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बृहस्पतिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागापार में बिना चिकित्सक के मरीजों का इलाज चल रहा था। फार्मासिस्ट प्रदीप शर्मा मरीजों की जांच कर दवा वितरण कर रहे थे। लैब टेक्नीशियन राजकुमार सिंह, स्टाफ नर्स ज्योति चौरसिया, नीलम चौहान व मंजू यादव पीएचसी पर मौजूद मिले। कर्मचारियों ने बताया कि एएनएम रीना भारती, नीलम एवं प्रियंका पटेल अपने-अपने कार्य क्षेत्र में गई हैं। वार्ड ब्वाय रणजीत यादव मरीजों का पर्चा काट रहे थे। पीएचसी पर दोपहर 12 बजे तक केवल पांच रोगी ही आए थे।
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बागापार टोला बरईठवा निवासी रजनी ने बताया कि छह माह की पोती को कई दिनों से बुखार है। उसी का दवा कराने आई थी, लेकिन हॉस्पिटल पर डाक्टर ही नहीं मिले। बरईठवा की सुभावती ने बताया कि मुझे कई दिनों से बुखार है। इलाज के लिए अस्पताल पर आई थी, लेकिन यहां डाक्टर न होने से निराशा हुई। डाॅक्टर होते तो अच्छे से इलाज हो जाता। इलाज कराने आईं शांति एवं शोभा ने बताया सर्दी, बुखार एवं जुकाम से परेशान हैं।
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हॉस्पिटल पर कभी भी समय से डाॅक्टर नहीं मिलते। यहां उनकी मनमर्जी चलती है। जब मन किया तब आए और फिर समय काटकर चले गए। टुन्ना यादव ने बताया कि अस्पताल में लगा हेल्थ एटीएम भी किसी काम का नहीं है। कोई भी जांच नहीं हो पाता। फार्मासिस्ट प्रदीप शर्मा ने बताया कि पीएचसी पर डाॅक्टर आश्रय सिंह की नियुक्ति है। चिकित्सक प्रतिकर अवकाश पर हैं। उनकी अनुपस्थिति में अस्पताल पर आने वाले मरीजों को हमें ही देखना पड़ता है।
बागापार में समय से नहीं आते चिकित्सक
इन दिनों सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बेहतर इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागापार आने वाले मरीजों को अक्सर निराश होकर लौटना पड़ता है। अस्पताल में चिकित्सक की मनमौजी चरम पर है। लोगों का कहना है कि चिकित्सक कभी समय से नहीं आते हैं। ज्यादातर दवाएं भी बाहर से लेने की सलाह देते हैं। कोई अगर इसकी शिकायत करता है तो उसे डांटकर भगा देते हैं।
अस्पताल में डॉक्टरों को उपस्थित रहने का निर्देश है। अगर इसमें लापरवाही बरती जा रही है तो कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. दिलीप सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी