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Maharajganj News: नेपाल के कृष्णाभीर में सात दिन बाद खुली डायवर्जन सड़क
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पहाड़ काटकर बनाया गया 252 मीटर लंबा ट्रैक, वाहनों को चलने में लगेगा एक सप्ताह
सोनौली। नेपाल के मुगलिंग स्थित कृष्णाभीर में सड़क धंसने के सात दिन बाद 252 मीटर लंबा डायवर्जन ट्रैक तैयार कर खोल दिया गया। फिलहाल इस पर निर्माण कार्य में लगी मशीनों से अभी भी काम चल रहा है। वाहन संचलन शुरू करने में अभी करीब एक सप्ताह लगने की संभावना है।
सड़क विभाग के महानिदेशक विजय जायसी ने बताया कि ट्रैक को हाईवे से जोड़ दिया गया है। यातायात शुरू करने से पहले सड़क की ग्रेडिंग, पानी की निकासी और सुरक्षा दीवार से जुड़े जरूरी काम पूरे किए जाएंगे। तत्काल ब्लैकटॉप की बजाय मार्ग पर बजरी बिछाकर दोतरफा यातायात चलाने की तैयारी है। भूस्खलन वाली सड़क से करीब 15 मीटर ऊपर पहाड़ की दीवार काटकर यह वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है।
नदी की ओर से निर्माण करने में बाढ़ का खतरा होने के कारण पहाड़ की तरफ से रास्ता तैयार किया गया। यह क्षेत्र करीब 25-26 वर्ष पहले भी भूस्खलन की चपेट में आया था। नेपाल जियोटेक्निकल सोसाइटी के समन्वय में सड़क विभाग यह काम करा रहा है। मार्ग को जल्द तैयार करने के लिए दोनों के बीच समझौता हुआ था।
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इंजीनियर केसी ने बताया कि अब ढलान को व्यवस्थित करने, पानी की निकासी और सुरक्षा दीवार को दुरुस्त करने का काम होगा। निर्माण से पहले क्षेत्र का ड्रोन सर्वे भी कराया गया है। कृष्णाभीर में सड़क धंसने से पृथ्वी हाईवे पर यातायात प्रभावित है। छोटे वाहनों को कांति हाईवे और त्रिभुवन राजपथ से भेजा जा रहा है। डॉयवर्जन ट्रैक शुरू होने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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सोनौली। नेपाल के मुगलिंग स्थित कृष्णाभीर में सड़क धंसने के सात दिन बाद 252 मीटर लंबा डायवर्जन ट्रैक तैयार कर खोल दिया गया। फिलहाल इस पर निर्माण कार्य में लगी मशीनों से अभी भी काम चल रहा है। वाहन संचलन शुरू करने में अभी करीब एक सप्ताह लगने की संभावना है।
सड़क विभाग के महानिदेशक विजय जायसी ने बताया कि ट्रैक को हाईवे से जोड़ दिया गया है। यातायात शुरू करने से पहले सड़क की ग्रेडिंग, पानी की निकासी और सुरक्षा दीवार से जुड़े जरूरी काम पूरे किए जाएंगे। तत्काल ब्लैकटॉप की बजाय मार्ग पर बजरी बिछाकर दोतरफा यातायात चलाने की तैयारी है। भूस्खलन वाली सड़क से करीब 15 मीटर ऊपर पहाड़ की दीवार काटकर यह वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है।
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नदी की ओर से निर्माण करने में बाढ़ का खतरा होने के कारण पहाड़ की तरफ से रास्ता तैयार किया गया। यह क्षेत्र करीब 25-26 वर्ष पहले भी भूस्खलन की चपेट में आया था। नेपाल जियोटेक्निकल सोसाइटी के समन्वय में सड़क विभाग यह काम करा रहा है। मार्ग को जल्द तैयार करने के लिए दोनों के बीच समझौता हुआ था।
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इंजीनियर केसी ने बताया कि अब ढलान को व्यवस्थित करने, पानी की निकासी और सुरक्षा दीवार को दुरुस्त करने का काम होगा। निर्माण से पहले क्षेत्र का ड्रोन सर्वे भी कराया गया है। कृष्णाभीर में सड़क धंसने से पृथ्वी हाईवे पर यातायात प्रभावित है। छोटे वाहनों को कांति हाईवे और त्रिभुवन राजपथ से भेजा जा रहा है। डॉयवर्जन ट्रैक शुरू होने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।