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Maharajganj News: शासकीय धन के दुरुपयोग की जांच करने पहुंचे अधिकारी से विवाद
Thu, 09 Jan 2025 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 09 Jan 2025 12:02 AM IST
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- सिसवा बाजार क्षेत्र के चैनपुर गांव का मामला
सिसवा बाजार। क्षेत्र के चैनपुर गांव में स्थानीय लोगों ने प्रधान पर शासकीय धनराशि के दुरुपयोग सहित पांच बिदुओं को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत की थी। इसकी जांच करने पहुंची सहायक आयुक्त राज्य कर द्वारा शिकायतकर्ताओं से ही सवाल-जवाब करने पर विवाद की उत्पन्न हो गई। जिसके चलते जांच अधिकारी बैरंग लौटीं।
गांव के बख्शीश अली व रामपाल विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री सहित आला अधिकारियों से की गई शिकायत पर सहायक आयुक्त राज्य कर प्रियंका श्रीवास्तव जांच के लिए पहुंची। शिकायतकर्ताओं से सवाल-जवाब करने पर ग्रामीण भड़क गए और देखते देखते ही विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। जिसके बाद जांचकर्ता लौट गईं।
शिकायतकर्ता बख्शीश अली का कहना है कि गांव के विकास के लिए शासकीय धन का बंदरबाट किया गया। जिसमें राबिश और टुकड़ा ईंट के मद में मार्च 2023 से जुलाई 2024 के बीच 8,35,684 रुपये निकाला गया है। वहीं गांव के 21 पोल पर स्ट्रीट लाइट के नाम पर 5,43,514 रुपये का भुगतान किया गया है। विद्यालय के मध्याह्न भोजन का राशन अपने घर रखने से सहित पांच बिंदुओं पर जिलाधिकारी से शिकायत की गईं थीं, जिसमे जांच करने पहुंची जांच अधिकारी दोषियों को बचाने के लिए शिकायतकर्ताओं पर उल्टे-सीधे सवाल से दबाव बनाने लगी। जिसे लेकर स्थानीय लोगों मे आक्रोश बढ़ गया हो गया और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गईं। जिससे जांचकर्ता लौट गईं।
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सिसवा बाजार। क्षेत्र के चैनपुर गांव में स्थानीय लोगों ने प्रधान पर शासकीय धनराशि के दुरुपयोग सहित पांच बिदुओं को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत की थी। इसकी जांच करने पहुंची सहायक आयुक्त राज्य कर द्वारा शिकायतकर्ताओं से ही सवाल-जवाब करने पर विवाद की उत्पन्न हो गई। जिसके चलते जांच अधिकारी बैरंग लौटीं।
गांव के बख्शीश अली व रामपाल विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री सहित आला अधिकारियों से की गई शिकायत पर सहायक आयुक्त राज्य कर प्रियंका श्रीवास्तव जांच के लिए पहुंची। शिकायतकर्ताओं से सवाल-जवाब करने पर ग्रामीण भड़क गए और देखते देखते ही विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। जिसके बाद जांचकर्ता लौट गईं।
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शिकायतकर्ता बख्शीश अली का कहना है कि गांव के विकास के लिए शासकीय धन का बंदरबाट किया गया। जिसमें राबिश और टुकड़ा ईंट के मद में मार्च 2023 से जुलाई 2024 के बीच 8,35,684 रुपये निकाला गया है। वहीं गांव के 21 पोल पर स्ट्रीट लाइट के नाम पर 5,43,514 रुपये का भुगतान किया गया है। विद्यालय के मध्याह्न भोजन का राशन अपने घर रखने से सहित पांच बिंदुओं पर जिलाधिकारी से शिकायत की गईं थीं, जिसमे जांच करने पहुंची जांच अधिकारी दोषियों को बचाने के लिए शिकायतकर्ताओं पर उल्टे-सीधे सवाल से दबाव बनाने लगी। जिसे लेकर स्थानीय लोगों मे आक्रोश बढ़ गया हो गया और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गईं। जिससे जांचकर्ता लौट गईं।
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